बीमार पत्नी के इलाज के लिए 80 वर्षीय बुजुर्ग का संघर्ष भावुक कर देगा

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80 साल की उम्र में भी नहीं थमे कदम: बीमार पत्नी के इलाज के लिए रोज 16 घंटे टैक्सी चलाते हैं रवींद्रनाथ सरकार

अस्थमा से जूझ रहे कोलकाता के बुजुर्ग टैक्सी चालक पिछले 52 वर्षों से सड़कों पर हैं। 67 वर्षीय हृदय रोगी पत्नी के इलाज, दवाइयों और घरेलू खर्चों का बोझ आज भी अपने कंधों पर उठाए हुए हैं।

भारत क्रांति न्यूज़ | विशेष रिपोर्ट

कोलकाता। आज के दौर में जहां अधिकांश लोग 60 वर्ष की आयु के बाद सेवानिवृत्ति और आरामदायक जीवन की उम्मीद करते हैं, वहीं पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता के 80 वर्षीय रवींद्रनाथ सरकार अपने जीवन संघर्ष और जिम्मेदारी की ऐसी मिसाल पेश कर रहे हैं, जिसने लाखों लोगों का दिल छू लिया है।

रवींद्रनाथ सरकार पिछले 52 वर्षों से कोलकाता की सड़कों पर पीली टैक्सी चला रहे हैं। उम्र के इस पड़ाव पर भी वे प्रतिदिन सुबह लगभग 6 बजे घर से निकलते हैं और रात 10 से 11 बजे तक टैक्सी चलाकर घर लौटते हैं। उनके लिए यह केवल रोजगार का साधन नहीं, बल्कि अपनी पत्नी की जिंदगी को सहारा देने का माध्यम है।

पत्नी के इलाज के लिए जारी है संघर्ष

रवींद्रनाथ सरकार की 67 वर्षीय पत्नी लंबे समय से हृदय रोग से पीड़ित हैं। नियमित दवाइयों, जांच और चिकित्सा खर्चों के कारण परिवार पर आर्थिक दबाव बना रहता है। संतान न होने के कारण दोनों पति-पत्नी एक-दूसरे का ही सहारा हैं।

रवींद्रनाथ कहते हैं कि जब तक शरीर साथ देगा, वे काम करना नहीं छोड़ेंगे। उनके अनुसार पत्नी की देखभाल और उनके इलाज की जिम्मेदारी ही उन्हें हर सुबह फिर से काम पर निकलने की प्रेरणा देती है।

खुद बीमार, फिर भी नहीं हारा हौसला

संघर्ष की सबसे बड़ी बात यह है कि रवींद्रनाथ स्वयं भी अस्थमा के मरीज हैं। बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं के बावजूद उन्होंने जीवन की कठिनाइयों के सामने हार नहीं मानी। भीषण गर्मी, बरसात और सर्दी जैसे मौसमों में भी वे नियमित रूप से टैक्सी चलाते हैं।

जहां एक ओर उम्र के साथ शारीरिक क्षमता कम हो जाती है, वहीं रवींद्रनाथ का साहस और कर्तव्यनिष्ठा उन्हें लगातार आगे बढ़ने की शक्ति देती है। यही कारण है कि आज उनकी कहानी हजारों लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।

टीन की छत वाले घर में गुजर रहा जीवन

रवींद्रनाथ सरकार और उनकी पत्नी कोलकाता के दमदम इलाके में एक साधारण से घर में रहते हैं। उनके घर की टीन की छत बरसात के दिनों में कई जगहों से टपकती है। सीमित आय और बढ़ते चिकित्सा खर्चों के कारण वे घर की मरम्मत भी नहीं करा पा रहे हैं।

इसके बावजूद दोनों पति-पत्नी अपने छोटे से आशियाने को प्यार से संवारते हैं और परिस्थितियों से समझौता करते हुए जीवन आगे बढ़ा रहे हैं। उनका कहना है कि यह घर भले ही छोटा हो, लेकिन यही उनकी दुनिया है।

सोशल मीडिया ने दुनिया के सामने रखी कहानी

हाल ही में कंटेंट क्रिएटर चैताली बोस ने रवींद्रनाथ सरकार के जीवन संघर्ष पर आधारित एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया। वीडियो में रवींद्रनाथ की मेहनत, उनकी दिनचर्या और पत्नी के प्रति समर्पण को दिखाया गया था।

वीडियो देखते ही देखते वायरल हो गया और लाखों लोगों तक पहुंच गया। सोशल मीडिया पर बड़ी संख्या में लोगों ने उनकी प्रशंसा की। कई लोगों ने इसे सच्चे प्रेम, जिम्मेदारी और त्याग की मिसाल बताया, जबकि कुछ लोगों ने उनकी आर्थिक सहायता की भी इच्छा जताई।

समाज के लिए एक संदेश

रवींद्रनाथ सरकार की कहानी केवल एक टैक्सी चालक की कहानी नहीं है। यह कहानी जिम्मेदारी, समर्पण, संघर्ष और प्रेम की कहानी है। ऐसे समय में जब समाज तेजी से बदल रहा है, यह कहानी हमें रिश्तों की अहमियत और अपने प्रियजनों के प्रति कर्तव्य निभाने का संदेश देती है।

80 वर्ष की उम्र में भी प्रतिदिन 16 घंटे तक काम करना आसान नहीं है, लेकिन रवींद्रनाथ सरकार यह साबित कर रहे हैं कि यदि मन में दृढ़ संकल्प हो तो उम्र केवल एक संख्या बनकर रह जाती है।

प्रेरणा की मिसाल

रवींद्रनाथ सरकार का जीवन हमें यह सिखाता है कि परिस्थितियां चाहे कितनी भी कठिन क्यों न हों, इंसान का साहस और उसके रिश्तों के प्रति समर्पण उसे आगे बढ़ने की शक्ति देता है। आज उनकी कहानी देशभर में लाखों लोगों को प्रेरित कर रही है और यह संदेश दे रही है कि सच्चा प्रेम और जिम्मेदारी कभी बूढ़े नहीं होते।

(यह समाचार विभिन्न राष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों एवं सोशल मीडिया पर वायरल वीडियो के आधार पर तैयार किया गया है। भारत क्रांति न्यूज़ स्वतंत्र रूप से सभी दावों की पुष्टि नहीं करता है।)

Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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