भदोही के ग्राम सभा मे 35 लाख की हेराफेरी : लंबे समय से फरार पूर्व प्रधान ने कोर्ट में किया सरेंडर

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

35 लाख के कथित घोटाले में बड़ा मोड़: फरार चल रही पूर्व ग्राम प्रधान ने कोर्ट में किया सरेंडर, न्यायिक हिरासत में भेजी गई जेल

डीपीआरओ की जांच में सामने आई थीं गंभीर वित्तीय अनियमितताएं, वर्ष 2023 की शिकायत से शुरू हुई थी कार्रवाई

भारत क्रांति न्यूज़ | भदोही/ज्ञानपुर

भदोही जिले के थाना चौरी क्षेत्र अंतर्गत दरुनहा ग्राम पंचायत में कथित 35 लाख रुपये के विकास कार्य घोटाले में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। लंबे समय से वांछित चल रही पूर्व ग्राम प्रधान जयदेवी ने आखिरकार ज्ञानपुर न्यायालय में आत्मसमर्पण (सरेंडर) कर दिया। न्यायालय ने उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जिला कारागार भेजने का आदेश दिया।

क्या है पूरा मामला?

इस मामले की शुरुआत वर्ष 2023 में हुई, जब दरुनहा गांव के ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को शपथपत्र देकर आरोप लगाया कि पंचायत में कराए गए कई विकास कार्यों में बड़े पैमाने पर वित्तीय अनियमितताएं और सरकारी धन का गबन हुआ है। शिकायत में इंटरलॉकिंग सड़क, पंचायत भवन, सामुदायिक शौचालय, मनरेगा कार्यों सहित कई योजनाओं में धांधली का आरोप लगाया गया।

जिलाधिकारी के निर्देश पर गठित जांच समिति ने अभिलेखों और स्थलीय निरीक्षण के बाद कई अनियमितताओं की पुष्टि की। जांच में यह भी सामने आया कि कुछ निर्माण कार्यों में गुणवत्ता संबंधी गंभीर सवाल थे तथा सामग्री की खरीद में हितों के टकराव (Conflict of Interest) के आरोप भी पाए गए।

डीएम ने पहले ही सीज कर दिए थे अधिकार

जांच रिपोर्ट के आधार पर तत्कालीन जिलाधिकारी ने पूर्व ग्राम प्रधान के वित्तीय एवं प्रशासनिक अधिकार सीज कर दिए थे। बाद में इस कार्रवाई को लेकर उच्च न्यायालय में याचिका दायर की गई, जहां प्रक्रिया संबंधी आधार पर राहत मिली। इसके बाद प्रशासन ने पुनः उच्चस्तरीय जांच कराई। अंतिम जांच रिपोर्ट आने के बाद एडीओ पंचायत की तहरीर पर पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।

किन धाराओं में दर्ज हुआ मुकदमा?

पुलिस के अनुसार डीपीआरओ की जांच रिपोर्ट के आधार पर सरकारी धन के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितता और गबन के आरोपों में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 409 सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। गिरफ्तारी से बचने के लिए आरोपी फरार चल रही थीं। लगातार पुलिस दबिश और कानूनी कार्रवाई के दबाव के बाद उन्होंने न्यायालय में सरेंडर कर दिया। इसके बाद अदालत ने उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया।

कोर्ट में क्या हुआ?

उपलब्ध जानकारी के अनुसार, आरोपी ने स्वयं न्यायालय में आत्मसमर्पण किया। इसके बाद न्यायालय ने पुलिस एवं केस डायरी का संज्ञान लेते हुए उन्हें न्यायिक अभिरक्षा (Judicial Custody) में भेज दिया। वर्तमान में मामले की विवेचना जारी है। पुलिस द्वारा साक्ष्य संकलित करने के बाद आरोपपत्र (Charge Sheet) न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा, जिसके बाद नियमित सुनवाई शुरू होगी। उपलब्ध सार्वजनिक रिकॉर्ड में विस्तृत रिमांड आदेश या अदालत की बहस जारी नहीं की गई है।

भारत क्रांति न्यूज़ की पड़ताल

यह मामला केवल एक व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई नहीं, बल्कि पंचायतों में सरकारी धन के उपयोग की पारदर्शिता पर भी बड़ा सवाल खड़ा करता है। यदि जांच में लगाए गए आरोप न्यायालय में सिद्ध होते हैं, तो यह पंचायत स्तर पर वित्तीय जवाबदेही का महत्वपूर्ण उदाहरण बन सकता है। वहीं अंतिम निर्णय न्यायालय द्वारा साक्ष्यों के आधार पर ही दिया जाएगा।

मामले की प्रमुख बातें

  • ▶️ दरुनहा ग्राम पंचायत में लगभग 35 लाख रुपये के कथित घोटाले का मामला।
  • ▶️ ग्रामीणों की शिकायत पर शुरू हुई थी जांच।
  • ▶️ डीपीआरओ एवं जांच समिति ने कई अनियमितताओं की पुष्टि की।
  • ▶️ पूर्व ग्राम प्रधान के खिलाफ मुकदमा दर्ज।
  • ▶️ फरारी के बाद ज्ञानपुर न्यायालय में सरेंडर।
  • ▶️ न्यायालय ने न्यायिक हिरासत में भेजा।
  • ▶️ विवेचना जारी, आगे चार्जशीट दाखिल होगी।

Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

और पढ़ें

Read More Articles