ईंट कारोबारी को ₹2 अरब 10 करोड़ का बिजली बिल, हड़कंप मचा!

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ईंट कारोबारी को बिजली विभाग ने थमाया ₹2 अरब 10 करोड़ का बिल, हड़कंप के बीच उठ रहे सवाल

मिर्ज़ापुर (Bharat Kranti News): उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले में एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। बिजली विभाग ने एक छोटे ईंट भट्ठा मालिक को ₹2 अरब 10 करोड़ का बिजली बिल थमा दिया। यह भारी-भरकम बिल देखकर न केवल कारोबारी, बल्कि पूरा परिवार और आस-पास के लोग भी स्तब्ध हैं।

घटना का विवरण

ईंट भट्ठा मालिक ने बताया कि उनका व्यवसाय पिछले 10 साल से चल रहा है, और वे हर महीने औसतन ₹12,000 से ₹15,000 तक बिजली का बिल जमा करते हैं। जब उन्होंने इस बार बिल देखा, तो वे चौंक गए। बिल में ₹2,10,00,00,000 (2 अरब 10 करोड़ रुपये) की राशि अंकित थी।

उन्होंने तुरंत बिजली विभाग के अधिकारियों से संपर्क किया। हालांकि, उन्हें केवल यह जवाब मिला कि यह बिल उनके मीटर रीडिंग पर आधारित है।

कारोबारी की प्रतिक्रिया

ईंट कारोबारी ने कहा:
“हमने कभी इतनी बड़ी राशि का सपना भी नहीं देखा। यह पूरी तरह से गलत है। अगर विभाग ने जल्द ही इसे ठीक नहीं किया, तो हमें कानूनी मदद लेनी पड़ेगी।”

तकनीकी गलती या लापरवाही?

बिजली विभाग के एक वरिष्ठ अधिकारी ने माना कि यह मामला तकनीकी गड़बड़ी या इंसानी भूल का हो सकता है। उन्होंने जांच का आश्वासन दिया और कहा:
“यह बिल गलती से जनरेट हुआ हो सकता है। हमारी टीम इसे सही करने में जुटी है। ग्राहक को चिंता करने की जरूरत नहीं है।”

इलाके के अन्य व्यापारियों की चिंता

इस घटना ने अन्य छोटे व्यापारियों और उद्योगपतियों को भी चिंतित कर दिया है। एक स्थानीय व्यापारी ने कहा:
“अगर इस तरह की गलतियां होती रहीं, तो हमारा विश्वास बिजली विभाग से उठ जाएगा। यह मामला छोटे उद्योगों की कार्यप्रणाली पर नकारात्मक असर डाल सकता है।”

विपक्ष का आरोप और प्रशासन की निंदा

विपक्षी दलों ने इस मामले को लेकर सरकार और प्रशासन पर निशाना साधा है। उनका कहना है कि यह घटना सरकारी तंत्र की लापरवाही और भ्रष्टाचार को उजागर करती है।

न्याय की उम्मीद

ईंट कारोबारी ने अब जिला प्रशासन और स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मदद की गुहार लगाई है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि जल्द ही उन्हें राहत मिलेगी और यह मामला सुलझ जाएगा।

क्या कहता है कानून?

कानूनी जानकारों के अनुसार, अगर इस तरह की गलती उपभोक्ता के साथ होती है, तो वह विद्युत अधिनियम 2003 के तहत उपभोक्ता फोरम में शिकायत दर्ज करा सकता है।

निष्कर्ष

यह घटना न केवल प्रशासनिक लापरवाही का उदाहरण है, बल्कि यह छोटे और मध्यम उद्योगों के सामने आने वाली चुनौतियों को भी उजागर करती है। अब सवाल यह है कि बिजली विभाग इस गलती को कब तक सुधारेगा और पीड़ित कारोबारी को न्याय कब मिलेगा।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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