महारविवार: धार्मिक आस्था और समाज के प्रति सेवा का पर्व
लेखक: अशु झा, भारत क्रांति न्यूज़
भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष का रविवार, जिसे महारविवार या बड़का इतवार कहा जाता है, भारतीय संस्कृति और धार्मिक आस्था में विशेष स्थान रखता है। 15 सितंबर 2024 को यह पर्व पूरे देश में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। इस दिन का व्रत और पूजा सूर्य देव की कृपा प्राप्ति और जीवन में समृद्धि लाने के लिए किए जाते हैं।
व्रत की विधि और नियम
महारविवार के दिन व्रती सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और स्वच्छ वस्त्र धारण कर सूर्य देव के सामने बैठें। व्रत का संकल्प लेते समय यह ध्यान रखें कि पूरे दिन नमक का सेवन नहीं किया जाएगा। व्रत के दौरान तांबे के बर्तन में पानी पीने से विशेष लाभ होता है। इस दिन फलाहार में भी नमक का त्याग करना चाहिए।
यदि व्रती एक समय भोजन करना चाहे, तो उसे नमक रहित भोजन ही करना चाहिए। ऐसा माना जाता है कि बिना नमक का भोजन शरीर को शुद्ध करता है और मानसिक स्थिरता प्रदान करता है। व्रत के साथ संयम और संयमित जीवन जीने की प्रेरणा भी मिलती है।
सूर्य देव को अर्घ्य और दान का महत्त्व
व्रत समाप्ति पर सूर्य देव को जल चढ़ाकर अर्घ्य देना अत्यंत शुभ माना जाता है। सूर्य को जल चढ़ाते समय “ॐ सूर्याय नमः” मंत्र का जाप करें। इसके बाद, अपनी श्रद्धा के अनुसार अन्न, वस्त्र, या अन्य उपयोगी वस्तुओं का दान करें। यह दान धर्म के प्रति समर्पण और समाज के प्रति सेवा भाव का प्रतीक है।
गाय को चारा खिलाना और पशु-पक्षियों को अन्न देने का भी विशेष महत्त्व है। इससे न केवल जीवों की सेवा होती है, बल्कि यह पृथ्वी और प्रकृति के प्रति कृतज्ञता प्रकट करने का माध्यम भी है।
स्वास्थ्य और समाज कल्याण से जुड़ी प्रेरणा
महारविवार का यह व्रत न केवल धार्मिक आस्था से जुड़ा हुआ है, बल्कि स्वास्थ्य और समाज कल्याण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है। बिना नमक के व्रत रखने से शरीर में विषैले तत्वों का शुद्धिकरण होता है और तांबे के बर्तन में पानी पीने से शरीर की प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है।
इस व्रत का एक और महत्वपूर्ण पहलू है समाज के प्रति सेवा भाव। दान और जीवों की सेवा से समाज में समरसता और सहयोग की भावना विकसित होती है। यह पर्व हमें आत्मसंयम, त्याग और सेवा का संदेश देता है।
अतः, भाद्रपद मास के शुक्ल पक्ष के इस पावन दिन को पूरी श्रद्धा और निष्ठा से मनाएं और समाज कल्याण तथा अपने आत्मिक विकास के लिए इस दिन का सही सदुपयोग करें।
Author: Bharat Kranti News
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