TGT English पेपर विवाद: ‘आउट ऑफ सिलेबस’ सवालों पर भड़के अभ्यर्थी, प्रयागराज में UPESSC के खिलाफ आंदोलन तेज
शिक्षक भर्ती में देरी और विवादित प्रश्नपत्र को लेकर युवाओं का फूटा गुस्सा, न्याय की मांग हुई मुखर
प्रयागराज। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग (UPESSC) द्वारा आयोजित TGT English परीक्षा अब बड़े विवाद का केंद्र बन गई है। परीक्षा में कथित तौर पर “आउट ऑफ सिलेबस” प्रश्न पूछे जाने के आरोपों के बाद अभ्यर्थियों का आक्रोश लगातार बढ़ता जा रहा है। सोशल मीडिया से लेकर आयोग कार्यालय तक विरोध प्रदर्शन तेज हो गया है और अभ्यर्थी निष्पक्ष जांच तथा न्याय की मांग कर रहे हैं।
प्रदर्शन कर रहे युवाओं का कहना है कि TGT English परीक्षा में कई ऐसे प्रश्न पूछे गए जो निर्धारित पाठ्यक्रम के दायरे से बाहर थे। अभ्यर्थियों का आरोप है कि वर्षों की मेहनत और तैयारी के बावजूद उन्हें ऐसे प्रश्नों का सामना करना पड़ा, जिससे चयन प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल खड़े हो गए हैं।
आयोग कार्यालय के बाहर लगातार धरना
प्रयागराज स्थित UPESSC कार्यालय के बाहर अभ्यर्थियों का धरना-प्रदर्शन लगातार जारी है। देर रात तक प्रदर्शन कर रहे युवाओं ने मोमबत्ती और टॉर्च जलाकर विरोध दर्ज कराया तथा आयोग और सरकार से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की।
अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में लगातार हो रही देरी ने पहले ही लाखों युवाओं को निराश किया है। अब विवादित प्रश्नपत्र ने उनकी चिंता और बढ़ा दी है। कई उम्मीदवारों का दावा है कि वे आयु सीमा पार करने की स्थिति में पहुंच रहे हैं, लेकिन नई भर्तियों को लेकर कोई स्पष्टता नहीं है।
सोशल मीडिया पर ट्रेंड कर रहा आंदोलन
TGT English अभ्यर्थियों का आंदोलन अब सोशल मीडिया पर भी जोर पकड़ चुका है। X (पूर्व ट्विटर), फेसबुक, टेलीग्राम और यूट्यूब पर हजारों अभ्यर्थी अपनी आवाज बुलंद कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर चल रहे अभियान में प्रमुख रूप से ये नारे देखने को मिल रहे हैं—
“Out of Syllabus नहीं तो न्याय चाहिए”
“हम न्याय चाहते हैं”
“न्याय हमारा अधिकार है”
अभ्यर्थियों का कहना है कि यदि प्रश्न वास्तव में पाठ्यक्रम से बाहर पाए जाते हैं, तो आयोग को विशेषज्ञ समिति गठित कर मामले की समीक्षा करनी चाहिए और प्रभावित उम्मीदवारों को उचित राहत प्रदान करनी चाहिए।
राष्ट्रीय स्तर पर भी उठने लगी आवाज
प्रयागराज में चल रहे इस आंदोलन की गूंज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचने लगी है। विभिन्न मीडिया संस्थानों ने अभ्यर्थियों की मांगों और भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता से जुड़े सवालों को प्रमुखता से उठाया है। इससे मामला और अधिक चर्चा में आ गया है।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगें
✔ TGT English प्रश्नपत्र की निष्पक्ष समीक्षा
✔ विवादित प्रश्नों की विशेषज्ञ समिति से जांच
✔ नई शिक्षक भर्ती का तत्काल विज्ञापन जारी किया जाए
✔ लंबित भर्ती प्रक्रियाओं को समयबद्ध तरीके से पूरा किया जाए
✔ परीक्षा एवं परिणामों का स्पष्ट कैलेंडर जारी किया जाए
✔ भर्ती प्रक्रिया में पूर्ण पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए
आयोग की ओर से क्या कहा गया?
खबर लिखे जाने तक TGT English परीक्षा में कथित आउट ऑफ सिलेबस प्रश्नों को लेकर आयोग की ओर से कोई विस्तृत आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हालांकि अभ्यर्थियों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं निकाला गया, तो आंदोलन को प्रदेशव्यापी स्वरूप दिया जाएगा।
भारत क्रांति न्यूज़ की नजर
यह विवाद केवल एक प्रश्नपत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि उन हजारों युवाओं की उम्मीदों और भविष्य से जुड़ा हुआ है जो वर्षों से शिक्षक बनने का सपना लेकर तैयारी कर रहे हैं। अब सभी की निगाहें आयोग और सरकार के अगले कदम पर टिकी हैं।
क्या TGT English अभ्यर्थियों को मिलेगा न्याय?
क्या शिक्षक भर्ती प्रक्रिया को मिलेगी नई रफ्तार?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में आंदोलन की दिशा और सरकार की रणनीति तय करेंगे।
रिपोर्ट: भारत क्रांति न्यूज़
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.