भदोही मे प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के तहत नया सर्वे शुरू: पात्रता और अपात्रता के मानक, सभी विवरण जानिए

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भदोही, 02 सितंबर 2024: प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत सरकार ने लाभार्थियों की नई सूची तैयार करने के लिए एक व्यापक सर्वेक्षण शुरू करने की घोषणा की है। इस सर्वेक्षण का उद्देश्य उन सभी पात्र ग्रामीण परिवारों को पक्के मकान प्रदान करना है, जिनके पास अभी तक यह सुविधा नहीं है। इस संबंध में भदोही के कलेक्ट्रेट सभागार में एक महत्वपूर्ण बैठक और प्रेसवार्ता आयोजित की गई, जिसमें मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने विस्तृत जानकारी साझा की।

सर्वेक्षण की नि:शुल्क प्रक्रिया: डॉ. शिवाकांत द्विवेदी ने जोर देकर कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) के अंतर्गत होने वाला यह सर्वेक्षण पूरी तरह से नि:शुल्क है। किसी भी प्रकार के शुल्क की मांग अवैध मानी जाएगी, और ऐसी शिकायत मिलने पर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। यह कदम इस बात को सुनिश्चित करने के लिए उठाया गया है कि सर्वेक्षण निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से संपन्न हो, ताकि योग्य लाभार्थियों को उनके अधिकार से वंचित न किया जाए।

पात्रता के मानक: सर्वेक्षण के दौरान पात्रता के कुछ स्पष्ट मानक तय किए गए हैं। इनमें शामिल हैं:

  • आवासविहीन परिवार: जो ग्रामीण परिवार अभी तक पक्के मकान से वंचित हैं, वे इस योजना के पात्र होंगे।
  • कच्चे मकान में रहने वाले परिवार: जिनके पास शून्य, एक या दो कमरों वाले कच्चे मकान हैं, वे भी इस योजना के तहत पात्र होंगे।
  • विशेष प्राथमिकता: आश्रम विहीन, बेसहारा, भीख मांगने वाले, हाथ से मैला ढोने वाले, आदिम जनजातीय समूह और वैधानिक रूप से मुक्त किए गए बंधुआ मजदूरों को इस योजना में प्राथमिकता दी जाएगी।

अपात्रता के मानक: कुछ मानदंड ऐसे भी निर्धारित किए गए हैं, जिनके आधार पर कुछ परिवारों को इस योजना का लाभ नहीं मिल सकेगा:

  • संपत्ति: जिनके पास मोटरयुक्त तिपहिया या चौपहिया वाहन, यंत्रीकृत कृषि उपकरण, या ₹50,000 से अधिक का किसान क्रेडिट कार्ड है, वे अपात्र माने जाएंगे।
  • आय: जिन परिवारों की मासिक आय ₹15,000 से अधिक है, वे भी इस योजना के लिए अपात्र होंगे।
  • सरकारी नौकरी: सरकारी नौकरी करने वाले परिवार या जिनका कोई सदस्य गैर-कृषि उद्यम में पंजीकृत है, उन्हें भी योजना का लाभ नहीं मिलेगा।
  • भूमि स्वामित्व: 2.5 एकड़ से अधिक सिंचित भूमि या 5 एकड़ से अधिक असिंचित भूमि के मालिक भी इस योजना के लिए अयोग्य माने जाएंगे।

ग्राम पंचायत स्तर पर जागरूकता अभियान: मुख्य विकास अधिकारी ने सभी खंड विकास अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे प्रत्येक ग्राम पंचायत में बैठकें आयोजित करें, जहां ग्रामीणों को योजना के नए मानकों और सर्वेक्षण प्रक्रिया के बारे में जागरूक किया जाए। इन बैठकों को “पीएमएवाई-जी सर्वे 2024 उन्मुखीकरण गोष्ठी” के रूप में आयोजित किया जाएगा।

प्रत्येक ग्राम पंचायत में “प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण लाभार्थी चयन-2024” के लिए एक विशेष रजिस्टर रखा जाएगा। इस रजिस्टर में चयन प्रक्रिया से संबंधित सभी जानकारी दर्ज की जाएगी, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी और संगठित ढंग से चल सके।

प्रचार-प्रसार और मॉडल आवास: योजना की जानकारी ग्रामीण क्षेत्रों में फैलाने के लिए, सार्वजनिक स्थानों पर वालराइटिंग के माध्यम से पात्रता और अपात्रता के मानकों का प्रचार किया जाएगा। इसके साथ ही, मॉडल आवासों का निर्माण भी किया जाएगा, ताकि लोग इस योजना का सही लाभ उठा सकें और सरकार की मंशा के अनुरूप अपने जीवन स्तर को सुधार सकें।

अधिकारियों की बैठक: बैठक में परियोजना निदेशक डीआरडीए आदित्य कुमार, उपायुक्त मनरेगा राजा राम, जिला विकास अधिकारी ज्ञान प्रकाश, जिला सूचना अधिकारी डॉ. पंकज कुमार, और सभी खंड विकास अधिकारी उपस्थित थे। सभी ने सर्वेक्षण को प्रभावी ढंग से क्रियान्वित करने के लिए अपने-अपने सुझाव दिए और इस पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्य संपादक: शिव शंकर दुबे – भारत क्रांति न्यूज

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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