सरकारी स्कूलों की बदली तस्वीर, शिक्षकों की मेहनत से अभिभावकों की सोच में भी आया बदलाव
भदोही। जिले के सरकारी विद्यालयों की दिशा और दशा बदलने का बीड़ा शिक्षकों ने उठाया है। सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने के लिए विद्यालयों में लगातार नवाचार कर रहे हैं। इसका असर अब विद्यालयों की तस्वीर के साथ-साथ अभिभावकों की सोच पर भी दिखाई देने लगा है।
जिले के कई सरकारी विद्यालय आज इसकी जीवंत मिसाल बन चुके हैं। कभी जिन विद्यालयों में बच्चों के नामांकन को लेकर चुनौती रहती थी, आज वही विद्यालय आधुनिक सुविधाओं, बेहतर शैक्षणिक माहौल और विद्यार्थियों की उपलब्धियों के कारण अलग पहचान बना रहे हैं। कई विद्यालयों में कॉन्वेंट स्कूलों की तर्ज पर सुविधाएं विकसित की गई हैं। कहीं स्मार्ट क्लास और डिजिटल बोर्ड हैं तो कहीं बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कराई जा रही है।
शिक्षक दिवस के अवसर पर ऐसे ही शिक्षकों और विद्यालयों की उपलब्धियों पर एक नजर—
बच्चों की अंग्रेजी पर पकड़ मजबूत करा रहीं योगिता
भदोही ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय सुल्तानापुर की प्रधानाध्यापिका योगिता हेमकर ने वर्ष 2008 में विद्यालय में कार्यभार संभालने के बाद शिक्षा के क्षेत्र में कई नवाचार किए। बच्चों को पढ़ाई के साथ विभिन्न गतिविधियों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।
विद्यालय के बच्चे अंग्रेजी में बातचीत करने के साथ ही डांस, सिंगिंग, क्राफ्ट वर्क, ड्राइंग, रंगोली और विज्ञान जैसी गतिविधियों में भी उत्साहपूर्वक हिस्सा लेते हैं। विद्यालय की कक्षाओं को रंग-बिरंगी वॉल पेंटिंग और आकर्षक डिजाइनों से सजाया गया है, जिससे बच्चों के लिए पढ़ाई का माहौल रुचिकर बनाया जा सके।
आशीष ने बच्चों को प्रतियोगी परीक्षाओं के लिए किया तैयार
भदोही ब्लॉक के भुलईपुर विद्यालय के प्रधानाध्यापक आशीष कुमार सिंह ने विद्यालय के भौतिक परिवेश में बदलाव के साथ बच्चों के सर्वांगीण विकास पर जोर दिया। विद्यालय में स्वच्छता, बागवानी, खेलकूद, सांस्कृतिक कार्यक्रम, योग, स्काउट और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी जैसी गतिविधियां संचालित की गईं।
प्रधानाध्यापक के मार्गदर्शन में अब तक राष्ट्रीय आय-सह-मेधा छात्रवृत्ति में 24 छात्र, आभासा पद्धति विद्यालय में 16 छात्र, मुख्यमंत्री छात्रवृत्ति में दो छात्र, इंस्पायर अवार्ड में एक छात्र और राष्ट्रीय आविष्कार अभियान में छह छात्र पुरस्कृत हो चुके हैं।
इसके अलावा पीटी, व्यायाम, लोकनृत्य और दौड़ जैसी प्रतियोगिताओं में विद्यालय के बच्चे राज्य स्तर तक प्रतिभाग कर चुके हैं।
कृष्ण मुरार ने कॉन्वेंट की तर्ज पर बदला विद्यालय का माहौल
सुरियावां ब्लॉक के पूर्व माध्यमिक विद्यालय कनकपुर के प्रधानाध्यापक कृष्ण मुरार ने विद्यालय में नामांकन बढ़ाने के साथ-साथ शैक्षणिक वातावरण को बेहतर बनाने पर जोर दिया। उनके अनुसार, जब उन्होंने विद्यालय की जिम्मेदारी संभाली थी, तब यहां नामांकन काफी कम था, लेकिन अब छात्र संख्या 200 से अधिक हो चुकी है।
विद्यालय परिसर में भारत का नक्शा बनाया गया है, जिसके माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन भारत के भूगोल को समझने का अवसर मिलता है। बच्चों के लिए कॉन्वेंट स्कूल की तर्ज पर आई कार्ड तैयार कराए गए हैं। विद्यालय में स्मार्ट क्लास की सुविधा भी उपलब्ध है, जहां बच्चे नियमित रूप से नई जानकारी हासिल करते हैं।
विद्यालय के बेहतर माहौल का असर यह है कि सीमा से सटे जौनपुर जिले के बच्चे भी यहां प्रतिदिन पढ़ने के लिए आते हैं। इस तरह विद्यालय ने अभिभावकों के बीच सरकारी स्कूलों को लेकर बनी धारणा को बदलने में भी सफलता हासिल की है।
अरुनेश के आने के बाद 61 से करीब 250 पहुंचा नामांकन
अभोली ब्लॉक के प्राथमिक विद्यालय प्रयागपुर के प्रधानाध्यापक डॉ. अरुनेश त्रिपाठी के प्रयासों से विद्यालय में नामांकन में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है। जब उन्होंने विद्यालय में कार्यभार संभाला था, तब यहां विद्यार्थियों की संख्या मात्र 61 थी। वर्तमान में विद्यालय में करीब 250 बच्चे अध्ययनरत हैं।
विद्यालय में पोषण वाटिका, स्मार्ट क्लास, सामूहिक सहभागिता से स्थापित वाटर कूलर और इन्वर्टर जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। इसके अलावा नवाचारों के माध्यम से बच्चों को प्रतिदिन अलग-अलग गतिविधियों से जोड़ा जाता है, ताकि उनका शैक्षणिक विकास होने के साथ-साथ उनमें रचनात्मकता और अन्य क्षमताओं का भी विकास हो सके।
सरकारी विद्यालयों के प्रति बदली धारणा
जिले के इन विद्यालयों की तस्वीर बताती है कि शिक्षकों की पहल और मेहनत से सरकारी स्कूलों में शिक्षा का माहौल तेजी से बदल रहा है। आधुनिक सुविधाओं, नवाचार, खेलकूद, सांस्कृतिक गतिविधियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी ने इन विद्यालयों को नई पहचान दी है। साथ ही बच्चों के अभिभावकों का सरकारी विद्यालयों के प्रति नजरिया भी सकारात्मक हुआ है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।




