सुरियावां के 52 बीघा तालाब को ₹6.23 करोड़ की मंजूरी, वर्षों का संघर्ष रंग लाया; पहली किस्त ₹1.15 करोड़ स्वीकृत
भारत क्रांति न्यूज़ | सुरियावां, भदोही
नगर पंचायत सुरियावां के ऐतिहासिक 52 बीघा तालाब के विकास, सौंदर्यीकरण और इसे धार्मिक एवं पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित करने का वर्षों पुराना सपना अब साकार होने की दिशा में बढ़ता दिखाई दे रहा है। अमृत 2.0 योजना के अंतर्गत तालाब के विकास कार्य के लिए ₹622.76 लाख, यानी लगभग ₹6.23 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है।
सबसे बड़ी बात यह है कि परियोजना के लिए अब प्रथम किस्त के रूप में ₹114.93 लाख, यानी लगभग ₹1.15 करोड़ की धनराशि भी स्वीकृत कर दी गई है। पहली किस्त की स्वीकृति की खबर सामने आने के बाद क्षेत्रवासियों में खुशी का माहौल है।
वर्षों से उठ रही थी तालाब के विकास की मांग
सुरियावां के गाटा संख्या 545 स्थित 52 बीघा तालाब के संरक्षण, सौंदर्यीकरण और विकास के लिए क्षेत्रवासी लंबे समय से प्रयासरत थे। लोगों की इच्छा थी कि इस विशाल तालाब को केवल जलाशय तक सीमित न रखकर एक सुंदर धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन क्षेत्र के रूप में विकसित किया जाए।
क्षेत्रवासियों का मानना है कि यदि तालाब का व्यवस्थित तरीके से विकास होता है तो यह सुरियावां की एक नई पहचान बन सकता है और आसपास के लोगों के लिए रोजगार एवं व्यापार के अवसर भी पैदा कर सकता है।
2025 के चातुर्मास आयोजन से अभियान को मिली नई गति
52 बीघा तालाब के विकास की मांग को मजबूत करने की दिशा में वर्ष 2025 में चार महीने का चातुर्मास धार्मिक आयोजन किया गया था। इस आयोजन के माध्यम से धार्मिक और सामाजिक स्तर पर लोगों को जोड़ने के साथ-साथ क्षेत्र के विकास की मांग को भी मजबूती मिली।
कार्यक्रम के सफल संचालन और आयोजन को गति देने में अनिल मिश्रा और अमित उपाध्याय ने प्रमुख भूमिका निभाई। आयोजन के बाद 52 बीघा तालाब को धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की मांग ने व्यापक रूप लेना शुरू किया।
विधायक के जुड़ने से बढ़ी उम्मीद
इस अभियान के बाद ज्ञानपुर विधायक श्री विपुल दुबे जी भी इस पहल से जुड़े और 52 बीघा तालाब के विकास के लिए सरकार से धनराशि उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। इसके बाद परियोजना को आगे बढ़ाने की प्रक्रिया तेज हुई।
क्षेत्रवासियों के लंबे संघर्ष, सामाजिक प्रयासों और जनप्रतिनिधियों की पहल के बाद अब शासन स्तर से परियोजना को स्वीकृति मिल चुकी है। अमृत 2.0 योजना के तहत नगर पंचायत सुरियावां में 52 बीघा तालाब के विकास के लिए कुल ₹622.76 लाख की परियोजना स्वीकृत की गई है।
₹6.23 करोड़ की परियोजना, ₹1.15 करोड़ की पहली किस्त मंजूर
शासनादेश के अनुसार परियोजना की कुल स्वीकृत लागत ₹622.76 लाख है। इसमें विभिन्न मदों से धनराशि शामिल है—
- कुल परियोजना लागत: ₹622.76 लाख
- स्वीकृत परियोजना लागत: ₹622.76 लाख
- प्रशासनिक एवं वित्तीय स्वीकृति: ₹48.04 लाख
- केंद्रांश: ₹287.36 लाख
- राज्यांश: ₹275.86 लाख
- निकायांश: ₹11.49 लाख
- प्रथम किस्त में केंद्रांश: ₹57.47 लाख
- प्रथम किस्त में राज्यांश: ₹55.17 लाख
- प्रथम किस्त में निकायांश: ₹2.29 लाख
- कुल प्रथम किस्त: ₹114.93 लाख

शासन की ओर से स्पष्ट किया गया है कि स्वीकृत धनराशि का उपयोग निर्धारित नियमों और परियोजना के मानकों के अनुसार किया जाएगा।
क्या होगा तालाब का विकास?
परियोजना का उद्देश्य 52 बीघा तालाब के विकास, गहरीकरण, सुधार और सौंदर्यीकरण की दिशा में कार्य करना है। लोगों को उम्मीद है कि भविष्य में यहां स्वच्छ और सुंदर तालाब, आकर्षक परिसर तथा धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों के अनुरूप सुविधाओं का विकास किया जा सकेगा।
हालांकि परियोजना के अंतर्गत बनने वाले प्रत्येक कार्य का विस्तृत स्वरूप कार्ययोजना और संबंधित विभागीय क्रियान्वयन के अनुसार तय होगा।
75 प्रतिशत काम के बाद अगली किस्त की प्रक्रिया
शासनादेश में परियोजना के क्रियान्वयन के लिए कई शर्तें भी निर्धारित की गई हैं। स्वीकृत धनराशि का भुगतान नियमानुसार किया जाएगा और परियोजना के मानकों का पालन करना होगा।
निर्धारित शर्तों के अनुसार परियोजना में 75 प्रतिशत धनराशि खर्च होने के बाद अगली वित्तीय किस्त जारी करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। साथ ही स्वीकृत धनराशि का उपयोग केवल निर्धारित परियोजना कार्यों में ही किया जाएगा।
पहली किस्त आते ही क्षेत्र में लौटी खुशियां
लंबे समय से जिस परियोजना का इंतजार किया जा रहा था, उसके लिए अब पहली किस्त की स्वीकृति मिलने से लोगों में नई उम्मीद जगी है। क्षेत्रवासियों का कहना है कि अब वर्षों पुराना संघर्ष धीरे-धीरे परिणाम देता दिखाई दे रहा है।
लोगों को उम्मीद है कि विकास कार्य शुरू होने के बाद 52 बीघा तालाब सुरियावां के प्रमुख आकर्षणों में शामिल हो सकता है।
धार्मिक पर्यटन के साथ रोजगार की भी उम्मीद
यदि परियोजना को व्यापक और गुणवत्तापूर्ण ढंग से विकसित किया जाता है, तो भविष्य में यह क्षेत्र धार्मिक एवं पर्यटन गतिविधियों का केंद्र बन सकता है। इससे स्थानीय दुकानदारों, छोटे व्यापारियों, युवाओं और अन्य लोगों के लिए प्रत्यक्ष एवं अप्रत्यक्ष रोजगार के अवसर पैदा होने की संभावना भी बढ़ेगी।
स्थानीय लोगों का सपना है कि आने वाले वर्षों में सुरियावां का 52 बीघा तालाब एक ऐसा स्थान बने, जहां धार्मिक आयोजन, पर्यटन और स्थानीय आर्थिक गतिविधियां एक साथ विकसित हों।
सुरियावां के विकास की नई उम्मीद
वर्षों के संघर्ष से शुरू हुई यह मांग, 2025 के चार माह के चातुर्मास धार्मिक आयोजन, सामाजिक कार्यकर्ताओं की सक्रिय भूमिका और जनप्रतिनिधियों के प्रयासों के बाद अब एक महत्वपूर्ण पड़ाव पर पहुंचती दिखाई दे रही है।
₹6.23 करोड़ की स्वीकृत परियोजना और ₹1.15 करोड़ की पहली किस्त ने क्षेत्रवासियों की उम्मीदों को नई ताकत दी है। अब सभी की निगाहें इस बात पर हैं कि विकास कार्य कब शुरू होता है और आने वाले समय में 52 बीघा तालाब सुरियावां को किस नई पहचान तक पहुंचाता है।
अब वह दिन शायद दूर नहीं, जब सुरियावां में एक विकसित धार्मिक एवं पर्यटन स्थल के रूप में 52 बीघा तालाब नई पहचान बनाएगा और क्षेत्र के लोगों के लिए रोजगार एवं व्यवसाय के नए अवसर भी लेकर आएगा।
भारत क्रांति न्यूज़ इस महत्वपूर्ण परियोजना और इसके विकास कार्य की हर नई जानकारी आप तक पहुंचाता रहेगा।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.