दहेज हत्या के दोषी पति को 10 साल का सश्रम कारावास
ज्ञानपुर।
दहेज हत्या के एक गंभीर मामले में न्यायालय सत्र न्यायाधीश अखिलेश दूबे की अदालत ने सख्त रुख अपनाते हुए दोषी पति को 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई है। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि दहेज की मांग को लेकर की गई हिंसा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है।
यह मामला चौरी थाना क्षेत्र के सरबतखानी भैरोपुर गांव का है, जहां तीन वर्ष पूर्व विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मृतका के पिता सुनील कुमार पटेल, निवासी बजरडीहा कछवां (मिर्जापुर) ने 22 अप्रैल को चौरी थाने में तहरीर देकर आरोप लगाया था कि उनकी बेटी को ससुराल पक्ष द्वारा लगातार दहेज के लिए प्रताड़ित किया जा रहा था और अंततः उसकी हत्या कर दी गई।
तहरीर के आधार पर पुलिस ने पति सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर विवेचना शुरू की। जांच के दौरान पुलिस ने आवश्यक साक्ष्य एकत्र कर आरोपों को सही पाया और विवेचना पूर्ण होने के बाद आरोपपत्र न्यायालय में दाखिल किया गया।
मंगलवार को मामले की सुनवाई के दौरान न्यायालय में अभियोजन और बचाव पक्ष की ओर से दलीलें पेश की गईं। अभियोजन पक्ष की ओर से जिला शासकीय अधिवक्ता (डीजीसी) दिनेश पांडेय ने तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर अदालत में प्रभावी पैरवी की। बहस पूरी होने के बाद अदालत ने आरोपी पति संतोष कुमार पटेल, निवासी सरबतखानी को दहेज की मांग के लिए विवाहिता की हत्या का दोषी करार दिया।
अदालत ने दोषी को दहेज प्रतिषेध अधिनियम के तहत 10 वर्ष के सश्रम कारावास एवं 10 हजार रुपये अर्थदंड की सजा सुनाई। साथ ही यह भी आदेश दिया कि यदि अर्थदंड की राशि अदा नहीं की गई तो दोषी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
न्यायालय के इस फैसले को समाज में दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ एक सख्त संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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