महिला आयोग की समीक्षा बैठक में अधिकारियों को सख्त निर्देश
ज्ञानपुर।
राज्य महिला आयोग की सदस्य नीलम प्रभात ने कहा कि महिला सुरक्षा और सम्मान से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, दहेज प्रताड़ना, साइबर अपराध और सोशल मीडिया के माध्यम से चरित्र हनन जैसे मामलों में त्वरित और निष्पक्ष कार्रवाई अनिवार्य है।
समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने पुलिस, प्रशासन और महिला एवं बाल कल्याण विभाग के अधिकारियों से एक-एक प्रकरण की स्थिति की जानकारी ली। लंबित मामलों पर नाराजगी जताते हुए निर्देश दिए कि शिकायत दर्ज होते ही उसकी जांच शुरू की जाए और पीड़िता को अनावश्यक रूप से कार्यालयों के चक्कर न लगाने पड़ें।
उन्होंने कहा कि शासन स्तर पर महिला संबंधित मामलों की नियमित मॉनीटरिंग की जा रही है। यदि किसी जिले या विभाग में अनावश्यक विलंब पाया गया तो जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की संस्तुति की जाएगी।
महिला एवं बाल कल्याण विभाग द्वारा प्रस्तुत रिपोर्ट में बताया गया कि मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना, कन्या सुमंगला योजना, स्पॉन्सरशिप योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं के माध्यम से पात्र महिलाओं और बालिकाओं को लाभ दिया जा रहा है। आयोग की सदस्य ने निर्देश दिए कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाया जाए।
नीलम प्रभात ने कहा कि महिलाओं को न्याय दिलाना केवल एक औपचारिकता नहीं बल्कि प्रशासन की जिम्मेदारी है। प्रत्येक अधिकारी को संवेदनशीलता के साथ मामलों का निस्तारण करना चाहिए, ताकि पीड़ित महिलाओं का विश्वास व्यवस्था पर बना रहे।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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