फॉर्म-7 में धांधली का आरोप, सपा का कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन
ज्ञानपुर।
समाजवादी पार्टी (सपा) ने बृहस्पतिवार को कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन कर मतदाता सूची से नाम हटाने के लिए प्रयुक्त फॉर्म-7 में व्यापक धांधली का आरोप लगाया। सपा प्रतिनिधिमंडल ने उप जिला निर्वाचन अधिकारी कुंवर वीरेंद्र मौर्य को बूथवार गड़बड़ियों से जुड़े प्रपत्रों के साथ ज्ञापन सौंपते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की।
जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव ने आरोप लगाया कि जिले की विभिन्न विधानसभाओं में लोकतंत्र की शुचिता को प्रभावित करने का एक संगठित प्रयास किया जा रहा है। उनके अनुसार गांवों और नगरों में भाजपा नेताओं के माध्यम से फॉर्म-7 जमा कराए जा रहे हैं। इन फॉर्मों में एक जैसी लिखावट और छपे-छपाए विवरण पाए गए हैं, जो बड़ी संख्या में बूथ लेवल ऑफिसर (बीएलओ) के पास पहुंच रहे हैं।
सपा का दावा है कि एक विशेष रणनीति के तहत पिछड़े, दलित और अल्पसंख्यक समाज के वैध मतदाताओं को चिन्हित कर उनके नाम मतदाता सूची से हटाने के लिए फॉर्म-7 भरे जा रहे हैं, जिससे एक वर्ग विशेष के लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन हो रहा है।
पार्टी ने भदोही विधानसभा के बूथ संख्या 155, 163, 161, 114, 313, 413, 315, 316, 469, 435, 426, 427, 280, 281 तथा ज्ञानपुर विधानसभा के बूथ संख्या 326, 324, 325, 69, 70, 71 और औराई विधानसभा के बूथ संख्या 24, 250, 121 से 139, 144 से 148, 157 से 172, 214, 215, 216, 229, 230, 282, 283, 341, 342, 348, 349 का उल्लेख करते हुए गड़बड़ी का आरोप लगाया। सपा का कहना है कि करीब 500 बूथों पर इस तरह की धांधली की गई है।
सपा ने मांग की कि यदि किसी मतदाता के नाम पर आपत्ति दर्ज की जाती है, तो उसका सत्यापन संबंधित मतदाता की उपस्थिति में वीडियोग्राफी के साथ कराया जाए। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन ने इस संगठित चुनावी अपराध पर तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की, तो सपा जन-आंदोलन के साथ-साथ माननीय उच्च न्यायालय और भारत निर्वाचन आयोग का रुख करेगी।
प्रदर्शन में विधायक जाहिद बेग, ह्रदय नारायण प्रजापति, आरिफ सिद्दीकी, शोभनाथ यादव, अंजनी सरोज, अजीत सिंह क्षत्रिय, संतोष यादव, लालचन्द बिंद, आसिफ खान, पवन विश्वकर्मा, करिया पाल, धर्मेंद्र मिश्र पप्पू सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
प्रदर्शन के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में नारेबाजी करते हुए चुनाव आयोग से निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। नेताओं का कहना था कि यदि समय रहते फॉर्म-7 के दुरुपयोग को नहीं रोका गया, तो आगामी चुनावों में मतदाता सूची की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े होंगे।
सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि जिन मतदाताओं के नामों पर आपत्ति दर्ज की गई है, उनमें अधिकांश ऐसे लोग हैं जो नियमित रूप से मतदान करते रहे हैं। कई मामलों में संबंधित मतदाताओं को बिना किसी सूचना के उनके नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई, जो चुनाव नियमावली का खुला उल्लंघन है।
पार्टी ने अपने ज्ञापन में मांग की कि—
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फॉर्म-7 के माध्यम से की गई सभी आपत्तियों की स्वतंत्र जांच कराई जाए।
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संदिग्ध फॉर्मों को तत्काल प्रभाव से निरस्त किया जाए।
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जिन बूथों पर एक जैसी लिखावट और विवरण वाले फॉर्म पाए गए हैं, वहां संबंधित लोगों की जवाबदेही तय की जाए।
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बीएलओ स्तर पर हो रही लापरवाही या मिलीभगत की भी जांच कर दोषियों पर कार्रवाई की जाए।
वहीं, प्रदर्शन को देखते हुए कलेक्ट्रेट परिसर में पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और ज्ञापन सौंपने के बाद सपा कार्यकर्ता वापस लौट गए।
सपा नेताओं ने स्पष्ट किया कि यह लड़ाई किसी एक पार्टी की नहीं, बल्कि लोकतंत्र और मताधिकार की रक्षा की है। उन्होंने आम मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नाम मतदाता सूची में जांच लें और किसी भी तरह की गड़बड़ी पाए जाने पर तुरंत प्रशासन और चुनाव आयोग को सूचना दें।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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