मेरठ में बुलडोजर एक्शन के बाद रियल एस्टेट सेक्टर पर गिरी गाज, 12 बिल्डरों को 10 करोड़ बकाया पर नोटिस; संपत्ति सीलिंग की चेतावनी

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मेरठ सेंट्रल मार्केट पर बुलडोजर एक्शन के बाद अब रियल एस्टेट सेक्टर की बारी, 12 बिल्डरों को नोटिस जारी

₹10 करोड़ बकाया वसूली के लिए प्रशासन ने कसी कमर, संपत्ति सीलिंग की प्रक्रिया शुरू

📍 रामबाबू मित्तल, Bharat Kranti News | मेरठ

मेरठ में सेंट्रल मार्केट में हुए बुलडोजर एक्शन के बाद अब प्रशासन ने रियल एस्टेट सेक्टर पर शिकंजा कसना शुरू कर दिया है। प्रशासन ने 10 करोड़ रुपये से अधिक का बकाया न चुकाने वाले 12 बिल्डरों को नोटिस जारी करते हुए संपत्तियों को सील करने की चेतावनी दी है।

 बुलडोजर एक्शन के बाद प्रशासन सख्त

हाल ही में मेरठ सेंट्रल मार्केट के अवैध कॉम्प्लेक्स में बनी 22 दुकानों को ध्वस्त किया गया था। इस कार्रवाई के बाद अब प्रशासन ने जिले में चल रही रियल एस्टेट परियोजनाओं की बारीकी से जांच शुरू कर दी है।

गुरुवार शाम रेरा (Real Estate Regulatory Authority) की वर्चुअल बैठक में पूरे प्रदेश के लंबित प्रोजेक्ट्स की समीक्षा की गई। मेरठ जिले के कई बिल्डरों की फाइलें खुलीं तो करोड़ों रुपये के बकाये और अधूरे प्रोजेक्ट्स का मामला सामने आया।


12 बिल्डरों पर ₹10 करोड़ से अधिक की बकाया वसूली

बैठक के बाद प्रशासन ने 12 बिल्डरों को अंतिम नोटिस जारी करते हुए 15 दिन के भीतर भुगतान का निर्देश दिया।
एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी ने बताया —

“बकाया भुगतान में टालमटोल करने वालों को अब बख्शा नहीं जाएगा। तय समय सीमा में पैसा न चुकाने पर उनकी संपत्तियों को सील और कुर्क किया जाएगा।”

प्रशासन ने बकायेदार बिल्डरों के खिलाफ रिकवरी सर्टिफिकेट (RC) भी जारी कर दिया है।


 इन बिल्डरों पर है भारी बकाया

सूत्रों के मुताबिक, प्रशासन ने जिन फर्मों को नोटिस भेजा है, उनमें प्रमुख नाम ये हैं:

बिल्डर / कंपनी का नाम बकाया राशि (₹ करोड़ में)
सनसाइन इन्फ्राहाइट्स 2.98
अंसल लैंडमार्क टाउनशिप 1.27
अग्रवाल प्रॉपर्टीज एंड डेवलपर्स 1.78
मेरठ वन रेजीडेंस 1.95
अन्य आठ बिल्डर लगभग 2.0 (कुल अनुमानित)

प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि अब किसी भी बिल्डर को नई मोहलत नहीं दी जाएगी।


 खरीदारों के हितों की रक्षा प्राथमिकता

एडीएम त्रिपाठी ने कहा कि शासन से साफ निर्देश हैं कि खरीदारों के हितों की हर हाल में रक्षा की जाए। कई लोगों ने वर्षों पहले फ्लैट बुक किए, लेकिन न तो कब्जा मिला और न ही रकम वापस की गई।

“अब ऐसे बिल्डरों के खिलाफ सख्त वित्तीय कार्रवाई के साथ-साथ कानूनी कदम भी उठाए जाएंगे,” उन्होंने जोड़ा।


 खरीदारों में उम्मीद, बिल्डरों में खलबली

प्रशासन के इस सख्त रुख के बाद खरीदारों में उम्मीद और बिल्डरों में खलबली दोनों देखी जा रही है। कई बिल्डर अपने पुराने बकायों को निपटाने की कोशिश में जुट गए हैं। वहीं, जिन खरीदारों का पैसा फंसा हुआ था, उन्हें अब राहत की उम्मीद जगी है।

स्थानीय रियल एस्टेट एजेंट्स का कहना है कि प्रशासन की यह कार्रवाई मेरठ में रियल एस्टेट कारोबार को “पारदर्शी और जवाबदेह” बनाने की दिशा में एक अहम कदम है।


प्रशासन ने कहा — “कानूनी कार्रवाई तय”

रेरा और जिला प्रशासन ने साफ किया है कि अगर तय समय सीमा के भीतर भुगतान नहीं किया गया तो संबंधित फर्मों की संपत्तियों को सील, नीलाम और कुर्क करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी।

“अब कोई भी बिल्डर प्रशासन के निर्देशों से बच नहीं पाएगा,” – एडीएम वित्त सूर्यकांत त्रिपाठी

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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