ग्रामीणों का फूटा गुस्सा, कहा – “पहले चेताया था, फिर भी नहीं जागा विभाग”
घटना के बाद ग्रामीणों ने जमकर विरोध जताया। पड़री खुर्द गांव के लोगों ने बताया कि हाईटेंशन तार कई बार झूलता हुआ दिख चुका था, लेकिन बार-बार शिकायत के बावजूद कोई स्थायी समाधान नहीं किया गया।
गांव के प्रधान हीरामणि यादव ने बताया कि कुछ महीने पहले भी तार गिरने से फसलें जल चुकी थीं। “हमने बिजली विभाग को कई बार कहा कि बस्ती के ऊपर से जा रही लाइन को हटाएं या सुरक्षा जाली लगाएं, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया,” उन्होंने कहा।
गुस्साए ग्रामीणों ने मृत पशुओं के शवों के पास इकट्ठा होकर बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की। हालात बिगड़ते देख मौके पर पुलिस फोर्स बुलानी पड़ी। बाद में विधायक भूपेश चौबे, सीओ रणधीर मिश्रा और एसडीओ धर्मेंद्र कुमार के आश्वासन के बाद ग्रामीण शांत हुए।
सुरक्षा उपायों के आदेश, शुक्रवार से शुरू होगा काम
विधायक भूपेश चौबे ने मौके पर अधिकारियों से बातचीत करते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं लापरवाही का परिणाम हैं, जिनकी दोबारा पुनरावृत्ति नहीं होनी चाहिए।
उन्होंने निर्देश दिया कि जहां-जहां हाईटेंशन तार आबादी के पास से गुजरते हैं, वहां तुरंत सुरक्षा जाली लगाई जाए और पुरानी तारों की जांच की जाए।
एसडीओ धर्मेंद्र कुमार ने बताया कि शुक्रवार से सुरक्षा जाली लगाने और क्षतिग्रस्त तार बदलने का कार्य शुरू कर दिया जाएगा।
बिजली विभाग पर उठे सवाल
स्थानीय ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि हर घर नल योजना के तहत बिछाई गई लाइनें बिना पर्याप्त सुरक्षा मानक के डाली गई हैं।
ग्रामीणों ने कहा कि “अगर पहले ही विभाग ने ध्यान दिया होता तो आठ मवेशियों और एक महिला की जान नहीं जाती।”
गांव में अब भी कई जगह तार नीचे झूल रहे हैं और बारिश के मौसम में हादसे की संभावना बनी रहती है।
दूसरी घटना ने बढ़ाई चिंता – ओबरा में भी विभाग की लापरवाही उजागर
ओबरा की घटना ने एक बार फिर सवाल खड़े कर दिए हैं कि बिजली पोल और वायरिंग की समय-समय पर जांच क्यों नहीं की जाती?
ओबरा निवासी कैलाश यादव ने बताया कि उनकी पत्नी रामदेई हमेशा खेतों में जाती थीं, लेकिन उन्हें अंदाजा नहीं था कि स्टे वायर में करंट उतर चुका है। “अगर समय रहते बिजली विभाग पोल की मरम्मत करता तो ये हादसा नहीं होता,” उन्होंने रोते हुए कहा।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
सोनभद्र के जिलाधिकारी ने दोनों घटनाओं की रिपोर्ट मांगी है। विद्युत विभाग को निर्देश दिया गया है कि क्षेत्र में सभी हाईटेंशन और लो लाइन तारों की जांच कर रिपोर्ट प्रस्तुत करे।
वहीं पशु चिकित्सकों की टीम ने मृत मवेशियों का पोस्टमार्टम कर दफन की प्रक्रिया पूरी की।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


