‘अधेंर होत है, जल्दी चलो भैया…’ — सोनापति की विनती अनसुनी रही, कुछ देर बाद पलट गई नाव

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बहराइच नाव हादसा : ‘आंखिन के सामने बहि गे नाती-नातिन…’ — आंखों देखी सुनाते हुए फफक पड़ीं सोनापति, तस्वीरों में देखिए भयावह मंजर

बहराइच। बुधवार देर शाम ट्रांस गेरुआ क्षेत्र की कौड़ियाला नदी में यात्रियों से भरी नाव पलटने से हाहाकार मच गया। नाव में सवार 22 लोगों में से 13 ने किसी तरह तैरकर अपनी जान बचाई, जबकि एक महिला की मौत हो गई और चार बच्चों समेत आठ लोग अब भी लापता हैं। इस दर्दनाक हादसे के बाद इलाके में मातम पसरा है।

अस्पताल में भर्ती सोनापति, जो हादसे में किसी तरह बच निकलीं, ने कांपते स्वर में बताया —

“हम नाविक से कहित रहेन कि अधेंर होत है, जल्दी चलो भैया। लेकिन कोऊ नहीं सुना। अंधेरे मा नाव लइके चले। पानी मा एक बड़ा पेड़ पड़ा रहै। बस नाव पलटि गे। हम तो बचि गएन, लेकिन हमार नाती-नातिन आंखिन के सामने बहि गे…”

इतना कहते ही उनकी आंखों से आंसू बह निकले। हादसे की दहशत से कांपती सोनापति बार-बार अपने लापता बच्चों के नाम पुकार रही थीं। उन्हें सांत्वना देने पहुंचे परिजन भी खुद को रोक नहीं पाए।


गांव में पसरा सन्नाटा, हर घर में मातम

भरथापुर और आसपास के गांवों में मातम का माहौल है। हर घर का कोई न कोई सदस्य हादसे से जुड़ा हुआ है। कहीं किसी की बेटी लापता है, तो कहीं किसी की मां या भाई का पता नहीं चल पा रहा। नदी किनारे बड़ी संख्या में ग्रामीण जमा हैं, जो अपने गुमशुदा परिजनों का इंतजार कर रहे हैं।

गांव की महिलाएं रो-रोकर बेहाल हैं। बच्चे अपनी मांओं से लिपटकर पूछ रहे हैं — “नानी कब आएंगी?” पर किसी के पास इन सवालों का जवाब नहीं।


राहत और बचाव में जुटी टीमें

एसडीआरएफ, एनडीआरएफ, पुलिस और एसएसबी की टीमें लगातार सर्च ऑपरेशन चला रही हैं। गोताखोरों की मदद से नदी के दोनों किनारों पर तलाशी ली जा रही है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, पानी का बहाव तेज होने और अंधेरा होने के कारण बचाव कार्य में कठिनाई हो रही है, लेकिन कोशिशें जारी हैं।

एसडीएम (कैसरगंज) ने बताया कि घटना के बाद से मौके पर राहत दल तैनात हैं। लापता लोगों की तलाश में सुबह से सर्च अभियान दोबारा शुरू किया गया है। परिजनों को हर संभव सहायता का आश्वासन दिया गया है।


हादसे का कारण

प्राथमिक जांच में सामने आया है कि नाव अंधेरे में चलाई गई थी। नदी में पड़े एक बड़े पेड़ से टकराने के कारण नाव पलट गई। हादसे के समय नाव में 22 सवारियां थीं, जबकि उसकी क्षमता इससे काफी कम थी। अधिक भार और तेज धारा के चलते नाव असंतुलित होकर उलट गई।

ग्रामीणों का कहना है कि नाविकों को अंधेरे में यात्रा करने से रोका गया था, लेकिन बाजार से देर लौटने के कारण नाव फिर भी रवाना कर दी गई।


लापता लोगों की सूची

  1. मिहीलाल (40) पुत्र पुतई, निवासी भरथापुर

  2. शिवनंदन (50) पुत्र शालिकराम, निवासी भरथापुर

  3. कोमल (5) पुत्री पंचम, निवासी मटेरा, दाड़े पुरवा

  4. सुमन देवी (28) पत्नी प्रमोद, निवासी भरथापुर

  5. सुहानी (5) पुत्री प्रमोद

  6. ओमप्रकाश (30) पुत्र घनश्याम, निवासी गिलौला (श्रावस्ती)

  7. मीनू (5) पुत्र घनश्याम

  8. शिवम (11) पुत्र रामनरेश


प्रशासन ने जताया दुख, मुआवजे की घोषणा जल्द

हादसे की जानकारी मिलते ही प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। मृतका के परिजनों को आर्थिक सहायता देने की बात कही गई है। जिलाधिकारी ने कहा कि “यह बेहद दुखद घटना है। सभी लापता लोगों को जल्द खोजने के लिए एसडीआरएफ और एनडीआरएफ की टीमें पूरी तत्परता से काम कर रही हैं।”


हादसे की तस्वीरें सोशल मीडिया पर वायरल

हादसे के बाद की तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। नदी किनारे बिखरे कपड़े, टूटी नाव के टुकड़े और लापता परिजनों के इंतजार में खड़े ग्रामीणों की तस्वीरें हर किसी को झकझोर रही हैं।

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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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