एक करोड़ से 11 सहकारी समितियों का होगा जीर्णोद्धार

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एक करोड़ की लागत से जिले की 11 सहकारी समितियों का होगा कायाकल्प

जिले की ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने और किसानों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग ने बड़ी पहल शुरू की है। जिले की 11 सहकारी समितियों का करीब एक करोड़ तीन लाख रुपये की लागत से जीर्णोद्धार कराया जाएगा। शासन से प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी कर दिया गया है और कई समितियों में निर्माण कार्य भी शुरू हो चुका है।

जानकारी के अनुसार प्रत्येक समिति के पुनर्निर्माण और मरम्मत पर लगभग 9.40 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। जिले में कुल 52 सहकारी समितियां हैं, जिनमें लगभग 43 से 44 समितियां सक्रिय रूप से संचालित हो रही हैं। इन समितियों के माध्यम से किसानों को खाद, बीज, ऋण और कृषि से जुड़ी अन्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाती हैं। धान और गेहूं खरीद के दौरान भी किसानों की उपज की खरीद इन्हीं केंद्रों के माध्यम से की जाती है।

केंद्र सरकार द्वारा सहकारिता मंत्रालय के गठन के बाद सहकारी समितियों को बी-पैक्स (B-PACS) के रूप में विकसित किया जा रहा है। प्रत्येक समिति में लगभग 250 सदस्यों को जोड़ा गया है ताकि ग्रामीण स्तर पर सहकारिता व्यवस्था को मजबूत किया जा सके। जिले की अधिकांश समितियां करीब ढाई से तीन दशक पहले बनी थीं। लंबे समय तक रखरखाव न होने के कारण कई भवन जर्जर हो गए थे, जिससे खाद और बीज के भंडारण व वितरण में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था।

ग्रामीण क्षेत्रों की समितियों में डिजिटल व्यवस्था लागू करने के लिए कंप्यूटरीकरण का कार्य भी शुरू किया गया है। हालांकि पुराने और जर्जर भवनों में आधुनिक सुविधाएं विकसित करना चुनौती बना हुआ था। इसी को ध्यान में रखते हुए सहकारिता विभाग ने पिछले वर्ष 11 समितियों के जीर्णोद्धार का प्रस्ताव शासन को भेजा था। अप्रैल माह में प्रस्ताव को मंजूरी मिलने के बाद बजट जारी किया गया और निविदा प्रक्रिया पूरी कर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया।

इन समितियों का होगा जीर्णोद्धार

बी-पैक्स अजयपुर, रजपुरा, खेमईपुर, रमईपुर, शेरपुर गोपलहां, पीपरगांव, मकनपुर और हरिकरनपुर समेत कुल 11 समितियों के भवनों का नवीनीकरण किया जाएगा। मरम्मत के साथ-साथ इन भवनों में आधुनिक सुविधाएं भी विकसित की जाएंगी ताकि किसानों को बेहतर सेवाएं मिल सकें।

किसानों को मिलेंगी नई सुविधाएं

सहकारिता विभाग का कहना है कि भविष्य में इन समितियों को बहुउद्देशीय सेवा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। यहां किसानों को खाद, बीज और ऋण के साथ-साथ कृषि यंत्र, सीएचसी (कस्टम हायरिंग सेंटर) और दवा जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जा सकेंगी। इससे किसानों को गांव स्तर पर ही अधिक सेवाएं मिलेंगी और उन्हें दूसरी जगहों पर भटकना नहीं पड़ेगा।

विभागीय बयान

सहकारिता विभाग के एआर रामप्रकाश ने बताया कि शासन से स्वीकृति मिलने के बाद समितियों के जीर्णोद्धार का कार्य शुरू करा दिया गया है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में सहकारी समितियों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ग्रामीण किसानों के लिए और अधिक उपयोगी बनाया जाएगा।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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