पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के विरोध में शिक्षक मुखर
ज्ञानपुर (भदोही): टीचर्स फेडरेशन ऑफ इंडिया के आह्वान पर चल रहे जस्टिस फॉर टीचर्स अभियान के तहत मंगलवार को शिक्षकों ने बीएसए कार्यालय पर प्रदर्शन कर अपनी मांगों को जोरदार ढंग से उठाया। शिक्षकों ने काली पट्टी बांधकर विरोध जताया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की।
प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम लागू होने से पहले नियुक्त शिक्षकों पर टीईटी पात्रता परीक्षा अनिवार्य करना न्यायसंगत नहीं है। यह नियम पूर्व नियुक्त शिक्षकों के साथ अन्याय है। उन्होंने मांग की कि ऐसे सभी शिक्षकों को टीईटी से मुक्त किया जाए और सेवा शर्तों में स्थिरता सुनिश्चित की जाए।
शिक्षकों ने आरोप लगाया कि पात्रता परीक्षा की अनिवार्यता के कारण वर्षों से कार्यरत शिक्षकों के सामने सेवा सुरक्षा का संकट खड़ा हो गया है, जिससे उनमें भारी असंतोष है। उन्होंने कहा कि सरकार को शिक्षकों की समस्याओं के समाधान के लिए संवेदनशील रुख अपनाना चाहिए।
प्रदर्शनकारियों ने बताया कि यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन को चरणबद्ध तरीके से और व्यापक किया जाएगा। इसी क्रम में 26 फरवरी को बीएसए कार्यालय पर फिर से धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
इस दौरान धीरेंद्र कुमार यादव, अरुण कुमार पांडेय, प्रीति मौर्य सहित बड़ी संख्या में शिक्षक उपस्थित रहे और एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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