खुरपका-मुंहपका रोग से पशुधन की सुरक्षा के लिए 45 दिन तक चलेगा अभियान
भदोही | 22 जनवरी 2026
राष्ट्रीय पशु रोग नियंत्रण कार्यक्रम के तहत एफएमडीसीपी (Foot-and-Mouth Disease, खुरपका-मुंहपका रोग) टीकाकरण का सातवां चरण गुरुवार से शुरू हो गया। जिलाधिकारी शैलेष कुमार ने सचल दल वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया और कहा कि यह अभियान जिले में पशुधन को गंभीर रोगों से बचाने का एक महत्वपूर्ण कदम है।
जिलाधिकारी ने बताया कि एफएमडीसीपी एक अत्यधिक संक्रामक वायरल रोग है, जो पशुओं में बुखार, मुंह और पैरों में छाले, लंगड़ापन और कमजोरी जैसे लक्षण उत्पन्न करता है। इसके फैलने पर पशुपालकों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। टीकाकरण इस रोग के प्रसार को रोकने और पशुधन के स्वास्थ्य की रक्षा करने का सबसे प्रभावी तरीका है।
अभियान का संचालन और लक्ष्य
एफएमडीसीपी टीकाकरण का सातवां चरण 22 जनवरी से 10 मार्च 2026 तक 45 दिन चलेगा। इस दौरान:
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6 विकास खंड, 75 न्याय पंचायत, 539 ग्राम पंचायत और 1237 राजस्व गांवों में टीकाकरण किया जाएगा।
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कुल 15 टीमें, 5 सचल वाहन और 4 मोबाइल वेटनरी यूनिट्स तैनात हैं।
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अभियान के तहत लगभग 2,18,900 गोवंशीय एवं महिषवंशीय पशुओं का टीकाकरण किया जाएगा।
ब्लॉक स्तर पर पर्यवेक्षण के लिए नोडल टीम गठित की गई है, जिसमें डॉ. अरुण कुमार सिंह (सुरियावां), डॉ. राजेश कुमार (दुर्गागंज), डॉ. आनंद मिश्रा (भदोही), डॉ. शिवकुमार शुक्ला (औराई), डॉ. कमलेश चंद्र प्रकाश (डीघ प्रभारी), और डॉ. विनोद कुमार (ज्ञानपुर) शामिल हैं।
जनपद स्तर पर डिप्टी सीबीओ डॉ. गीता नोडल अधिकारी के रूप में जिम्मेदार होंगी।
टीकाकरण प्रक्रिया और सुरक्षा उपाय
जिलाधिकारी ने सभी टीमों को निर्देश दिए कि वे:
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प्रचार-प्रसार और जागरूकता अभियान चलाएं।
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वैक्सीन का सुरक्षित रख-रखाव और वितरण सुनिश्चित करें।
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प्री-वैक्सीनेशन रक्त नमूने एकत्र कर एक सप्ताह के भीतर टेस्टिंग के लिए वेटनरी कॉलेज मथुरा भेजें।
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अभिलेखीकरण और सूचना प्रेषण का पालन करें।
एफएमडीसीपी टीका दो खुराकों में दिया जाता है और टीकाकरण के बाद पशुओं को कम से कम 14 दिनों तक स्वस्थ रहना चाहिए। इसके साथ-साथ, जैव सुरक्षा उपाय जैसे साफ-सुथरा वातावरण, बीमार पशुओं को अलग रखना और पशुओं का नियमित निरीक्षण करना भी जरूरी है।
जिले में एफएमडीसीपी टीकाकरण का महत्व
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यह विश्व का सबसे बड़ा पशुधन टीकाकरण अभियान है।
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इससे खुरपका-मुंहपका रोग पर नियंत्रण संभव होगा।
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पशुपालकों को होने वाले आर्थिक नुकसान को रोका जा सकेगा।
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पशुधन का स्वास्थ्य और उत्पादकता बढ़ेगी।
इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी बाल गोबिंद शुक्ल, डिप्टी सीबीओ डॉ. गीता और पशु विभाग के अन्य अधिकारी उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने सभी अधिकारियों और टीमों से आग्रह किया कि शासन द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन करते हुए टीकाकरण को समय पर शत-प्रतिशत पूर्ण किया जाए।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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