धीना में छुट्टा पशुओं का आतंक, गेहूं की फसल चौपट, किसान परेशान
धीना/धानापुर: धानापुर विकास खंड के कई गांवों में छुट्टा पशुओं का आतंक किसानों के लिए गंभीर समस्या बन गया है। खेतों में अभी महज 20–21 दिन की गेहूं की फसल इन पशुओं के कारण लगातार नष्ट हो रही है। किसान इसका विरोध कर रहे हैं और प्रशासन से तुरंत कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
किसानों का रोष
हेतमपुर, जनौली, जमुर्खा, रैथा, बहेरी और कोहना कमालपुर के किसानों का कहना है कि जर्सी गायों के बछड़े, जिन्हें उपयोग में नहीं लाया जाता, उन्हें खुले में छोड़ दिया जाता है। ये बछड़े आगे चलकर छुट्टा पशु बन जाते हैं और खेतों में घुसकर फसल को भारी नुकसान पहुँचाते हैं।
किसान अनिल यादव, मनोज पांडेय, दिलीप सिंह और नवीन राय ने बताया कि फसल का यह समय बेहद संवेदनशील है। यदि जल्द ही प्रशासन ने छुट्टा पशुओं को नियंत्रित नहीं किया, तो गेहूं की फसल पूरी तरह नष्ट हो सकती है।
प्रशासन की चेतावनी और ग्राम प्रधान की उदासीनता
किसानों का आरोप है कि डीएम के स्पष्ट निर्देशों के बावजूद छुट्टा पशुओं को पशु आश्रय स्थलों में नहीं भेजा जा रहा है। ग्राम प्रधान भी इस गंभीर समस्या पर उदासीन बने हुए हैं।
धानापुर विकास खंड अधिकारी अमित कुमार ने कहा कि सभी ग्राम पंचायतों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि जिन गांवों में छुट्टा पशु घूम रहे हैं, उन्हें पकड़कर पशु आश्रय स्थलों में भेजा जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि निर्देशों का पालन न करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
किसानों की मांग
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छुट्टा पशुओं को तुरंत नियंत्रित किया जाए।
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पशु आश्रय स्थलों में सुरक्षित रखा जाए।
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फसल नुकसान की स्थिति में किसानों को मुआवजा मिले।
नोट: यदि प्रशासन समय पर कार्रवाई नहीं करता है, तो गेहूं की फसल बर्बाद होने का खतरा बढ़ सकता है और किसानों की चिंता और भी गंभीर हो सकती है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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