डाइंग प्लांटों की हकीकत जानने उतरी प्रशासनिक टीम, 12 कालीन कंपनियों का औचक निरीक्षण
भदोही।
कालीन उद्योग से निकलने वाले रसायनयुक्त अपशिष्ट जल से नदियों के प्रदूषण की लगातार मिल रही शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए जिलाधिकारी शैलेष कुमार के निर्देश पर शुक्रवार को आठ सदस्यीय संयुक्त जांच टीम ने जनपद की 12 कालीन कंपनियों के डाइंग प्लांटों का औचक निरीक्षण किया। करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई से कालीन उद्योग से जुड़े कारोबारियों में हड़कंप की स्थिति बनी रही।
भदोही, नई बाजार, गोपीगंज एवं खमरिया क्षेत्रों में स्थित इन कालीन कंपनियों में हैंडमेड और टफटेड कालीनों की रंगाई, धुलाई एवं सफाई के दौरान बड़ी मात्रा में रसायनयुक्त पानी का प्रयोग किया जाता है। नियमानुसार इस अपशिष्ट जल का ट्रीटमेंट कर उसे पुनः उपयोग या सुरक्षित निस्तारण किया जाना आवश्यक है, लेकिन जांच के दौरान कुछ कंपनियों द्वारा मानकों की अनदेखी किए जाने के संकेत मिले।
नालियों से नदियों में छोड़ा जा रहा रसायनयुक्त पानी
जांच टीम को जानकारी मिली कि कुछ डाइंग प्लांटों से निकलने वाला रसायनयुक्त पानी बिना ट्रीटमेंट के नालियों के माध्यम से वरुणा और मोरवा नदी में प्रवाहित किया जा रहा है। इससे न केवल नदियों का जल दूषित हो रहा है, बल्कि आसपास के क्षेत्रों में भूजल प्रदूषण की भी आशंका बनी हुई है।
चार कंपनियों से लिए गए पानी के सैंपल
निरीक्षण के दौरान टीम ने चार कालीन कंपनियों के डाइंग प्लांटों से पानी के सैंपल लेकर उन्हें जांच के लिए उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, वाराणसी की प्रयोगशाला में भेजा। सैंपल की जांच रिपोर्ट आने के बाद दोषी पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
इन अधिकारियों ने किया निरीक्षण
जांच टीम में एसडीएम न्यायिक भदोही बरखा सिंह, उपायुक्त उद्योग आशुतोष सहाय पाठक, उप मुख्य कार्यपालक अधिकारी बीड़ा अनीता देवी, रिलेशनशिप मैनेजर राजेश, अधिशासी अभियंता भूगर्भ जल विभाग स्वप्निल कुमार राय, अधिशासी अधिकारी धर्मराज सिंह, सहायक अभियंता सिंचाई विनय प्रताप मौर्य, क्षेत्रीय वन अधिकारी आलोक रंजन एवं उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड वाराणसी के अधिकारी सुशील कुमार शामिल रहे।
इन कालीन कंपनियों का हुआ निरीक्षण
टीम ने मेसर्स कार्पेट इंटरनेशनल (हरियॉव), मेसर्स कार्पेट पैलेस कार्पेट सिटी (अहमदपुर फुलवरिया), मेसर्स दीपक डाइंग हाउस (बीड़ा), मेसर्स मैंब वूलेंस (जमुनीपुर), मेसर्स मीरा इंडस्ट्रीज (कार्पेट सिटी), मेसर्स रूपेश कुमार एंड ब्रदर्स, मेसर्स शोभा वूलेंस (नेशनल चौराहा, ज्ञानपुर रोड), मेसर्स एडीसी यार्न डायर्स, मेसर्स राधा डाईंग, मेसर्स एमकेआर (माबूद इंटरनेशनल), मेसर्स एसके डाईंग हाउस, मेसर्स अरविंद एक्सपोर्ट एवं मेसर्स मार्डन डाईंग हाउस का निरीक्षण किया।
रिपोर्ट के बाद होगी कार्रवाई
एसडीएम न्यायिक बरखा सिंह ने बताया कि पानी के सैंपल जांच के लिए भेज दिए गए हैं। रिपोर्ट प्राप्त होने के बाद पर्यावरण मानकों का उल्लंघन करने वाली कंपनियों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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