बहराइच हिंसा: रामगोपाल हत्याकांड में मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी, नौ को उम्रकैद

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

बहराइच हिंसा का बड़ा फैसला: 12 गवाहों की गवाही से साफ हुई हत्या की सच्चाई, मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी – जानिए 13 अक्तूबर 2024 का पूरा घटनाक्रम

बहराइच | महराजगंज
दुर्गा प्रतिमा विसर्जन के दौरान भड़की हिंसा में मारे गए रामगोपाल मिश्रा हत्याकांड में गुरुवार को कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया। मुख्य आरोपी मोहम्मद सरफराज उर्फ रिंकू को फांसी की सजा और नौ आरोपियों को आजीवन कठोर कारावास की सजा सुनाई गई। फैसले के दौरान अदालत परिसर को पुलिस ने छावनी में बदल दिया।

यह पूरा मामला पिछले साल हुई सांप्रदायिक हिंसा, जुलूस विवाद, हत्या, और जिला भर में फैले दंगे से जुड़ा है, जिसने पूरे प्रदेश को झकझोर दिया था।


कैसे भड़की थी हिंसा? – मिनट-टू-मिनिट घटनाक्रम

शाम 6 बजे – दुर्गा प्रतिमा विसर्जन जुलूस शुरू

13 अक्तूबर 2024 को महराजगंज बाजार में परंपरागत दुर्गा प्रतिमा विसर्जन का जुलूस निकाला जा रहा था। भीड़ काफी बड़ी थी और डीजे बज रहा था।

 दूसरे पक्ष ने डीजे बंद करने को कहा

यहीं से बहस शुरू हुई। देखते ही देखते बहस झगड़े में बदली और माहौल तनावग्रस्त हो गया।

 पथराव, आगजनी और फायरिंग

  • दोनों पक्ष आमने-सामने आ गए

  • 20 राउंड से अधिक फायरिंग हुई

  • कई दुकानें व खोखे जला दिए गए

  • भीड़ बेकाबू हो गई

 भगवा झंडा विवाद

हिंसा के दौरान रेहुवा मंसूर निवासी रामगोपाल मिश्रा एक घर की छत पर चढ़ गए।
उन्होंने वहां लगे एक झंडे को उतारकर उसकी जगह भगवा झंडा फहरा दिया

इसी के बाद माहौल और भड़क गया।

 रामगोपाल की बेरहमी से हत्या

आरोप है कि घर मालिक अब्दुल हमीद, उसके बेटे सरफराज, फहीम, तालिब और अन्य लोगों ने:

  • रामगोपाल को पीटा

  • फिर करीब से गोली मार दी

लखनऊ ले जाते समय उसकी मौत हो गई।


मौत की खबर ने पूरे जिले में आग लगा दी

  • लोगों ने सड़क जाम कर दिया

  • विसर्जन रोक दिया गया

  • रात भर प्रदर्शन होता रहा

  • अगले दिन भीड़ उग्र हो गई और महसी बाजार में आगजनी शुरू कर दी

स्थिति काबू से बाहर होने पर:

  • 5 थानों की पुलिस

  • 2 बटालियन PAC

  • STF चीफ व ADG लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश

को मौके पर भेजा गया।


जांच और कोर्ट की प्रक्रिया

➤ तेज़ जांच और चार्जशीट

  • 11 जनवरी 2025: पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया

  • 18 फरवरी 2025: कोर्ट ने आरोप तय किए

  • 4 मार्च 2025: गवाहों के बयान शुरू हुए

➤ 12 प्रत्यक्षदर्शी गवाहों ने केस पलटा

इन गवाहों ने अदालत में:

  • पथराव

  • गोलीबारी

  • हत्या की पूरी कहानी

  • आरोपियों की पहचान

सब स्पष्ट किया।
इनमें सबसे अहम गवाह रहे —
हरमिलन (मृतक के भाई), अभिषेक मिश्रा, शशि भूषण, राजन

इनकी गवाही ने केस को निर्णायक दिशा दी।


अदालत का फैसला

 मुख्य आरोपी सरफराज को फांसी

जज ने कहा कि यह मामला रेयर ऑफ द रेयरेस्ट की श्रेणी में आता है।

अर्थदंड: ₹1.30 लाख

 नौ दोषियों को उम्रकैद

  • अब्दुल हमीद

  • मोहम्मद फहीम

  • सैफ अली

  • मोहम्मद तालिब

  • जावेद खान

  • मोहम्मद जीशान

  • शोएब खान

  • ननकऊ

  • मारूफ अली

अर्थदंड: ₹1.20 लाख से ₹1.81 लाख
अर्थदंड न भरने पर: 1 वर्ष अतिरिक्त सजा

 तीन आरोपियों को बरी किया गया

  • खुर्शीद

  • शकील उर्फ बबलू

  • मोहम्मद अफजाल उर्फ कल्लू

को साक्ष्यों के अभाव में बरी किया गया।


सजा सुनते ही पिता और दो बेटे रो पड़े

मुख्य आरोपी सरफराज के पिता अब्दुल हमीद और दोनों बेटे (फहीम, तालिब) फैसले के दौरान मौजूद थे।
जैसे ही कोर्ट ने फांसी की सजा सुनाई—तीनों की आंखें भर आईं।


कानून-व्यवस्था पर बड़ा सबक

यह मामला उत्तर प्रदेश में:

  • साम्प्रदायिक हिंसा

  • दंगा नियंत्रण

  • तेज जांच

  • गवाह सुरक्षा
    का एक महत्वपूर्ण उदाहरण माना जा रहा है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles