ग्रामीण आवास के लिए ढाई लाख रुपये की मांग, किसानों-मजदूरों का धरना

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ग्रामीण आवास के लिए ढाई लाख देने की मांग तेज, किसानों-मजदूरों का दो घंटे धरना

भदोही।
ग्रामीण गरीबों के आवास, मनरेगा मजदूरी और सरकारी योजनाओं में पारदर्शिता की मांग को लेकर बुधवार को आल इंडिया फारवर्ड ब्लॉक के नेतृत्व में किसानों और मजदूरों ने क्षेत्र पंचायत कार्यालय के बाहर जोरदार धरना दिया। धरने में बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल हुईं, जिन्होंने अपनी समस्याओं को मुखरता से उठाया।

करीब दो घंटे तक चले इस धरने के बाद संगठन के पदाधिकारियों ने खंड विकास अधिकारी को सात सूत्री मांगों का एक विस्तृत ज्ञापन सौंपा। संगठन के संयुक्त मंत्री सुशीर श्रीवास्तव ने कहा कि ग्रामीण गरीबों को प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री आवास योजनाओं के तहत ढाई लाख रुपये की सहायता राशि अनिवार्य रूप से दी जानी चाहिए, ताकि वास्तविक जरूरतमंदों को पक्का आवास मिल सके।

मुख्य मांगें —

  1. ग्रामीण आवास के लिए 2.5 लाख रुपये की अनुदान राशि

  2. जन्म-मृत्यु पंजीकरण में होने वाले शोषण व भ्रष्टाचार पर अंकुश

  3. मनरेगा के तहत वर्ष में 300 दिन का रोजगार

  4. मनरेगा मजदूरी 500 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की जाए

  5. ग्रामीण गरीबों के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं में पात्रता और चयन प्रक्रिया पारदर्शी बने

  6. राजस्व और पंचायती राज विभाग में लंबित कार्यों के त्वरित निस्तारण की व्यवस्था

  7. गरीब परिवारों की समस्याओं के लिए स्थानीय स्तर पर हेल्पलाइन या समाधान केंद्र की स्थापना

इसके साथ ही ज्ञापन में चार अन्य स्थानीय जनसमस्याओं—जैसे आवागमन की दिक्कतें, पेयजल समस्या, पात्रों को पेंशन न मिलना और राशन कार्ड में त्रुटियाँ—का भी उल्लेख किया गया।

अधिकारी ने लिया ज्ञापन, कार्रवाई का आश्वासन

धरना समाप्त होने के बाद खंड विकास अधिकारी ने प्रदर्शनकारियों से मुलाकात की और मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन प्राप्त कर सभी बिंदुओं पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिया।

इस अवसर पर महामंत्री रामजीत यादव, हीरालाल, सेवालाल, भरत राम यादव, अमजद अली सहित कई किसान व मजदूर मौजूद रहे। प्रदर्शन शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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