मारपीट के तीन दोषियों को न्यायालय उठने तक की सजा, फटकार लगाते हुए कोर्ट ने कहा- कानून हाथ में लेने की अनुमति नहीं
ज्ञानपुर। अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट अमित कुमार सिंह की अदालत ने सोमवार को मारपीट और गाली-गलौज के मुकदमे में तीन आरोपियों को दोषी पाते हुए न्यायालय उठने तक की सजा सुनाई। इसके साथ ही तीनों आरोपियों पर 400-400 रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया। अदालत ने सजा सुनाते हुए स्पष्ट कहा कि समाज में कानून की मर्यादा बनाए रखना आवश्यक है और कोई भी व्यक्ति कानून को अपने हाथ में नहीं ले सकता।
मिली जानकारी के अनुसार यह मामला दुर्गागंज थाना क्षेत्र के भण्डा गांव का है। कुछ दिन पहले आपसी विवाद के दौरान धर्मराज, सुरेश और मुरली निवासी भण्डा ने एक राय होकर गांव के ही एक व्यक्ति से मारपीट की थी और गाली-गलौज किया था। घटना के बाद पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था।
दुर्गागंज पुलिस द्वारा की गई जांच में आरोप सही पाए जाने पर तीनों के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया गया। सुनवाई के दौरान अदालत में मौजूद गवाहों के बयान, साक्ष्य और पुलिस रिपोर्ट के आधार पर आरोपियों को दोषी करार दिया गया।
सजा सुनाए जाने के दौरान अदालत ने फटकार लगाते हुए कहा कि समाज में विवाद का समाधान कानून के दायरे में रहकर होना चाहिए, न कि हिंसा और दबंगई के रास्ते से।
कोर्ट के आदेश के बाद तीनों दोषियों को न्यायालय उठने तक हिरासत में रखा गया। अर्थदंड जमा करने के बाद उनकी रिहाई की प्रक्रिया पूरी की गई।
संवाददाता — Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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