पराली जलाने वालों पर जिला प्रशासन का बड़ा कदम — पर्यावरण संरक्षण को लेकर जीरो टॉलरेंस नीति लागू
भदोही। प्रदेश सरकार व राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुपालन में भदोही जिला प्रशासन पराली जलाने की घटनाओं पर नज़र रखते हुए सख्त कार्रवाई कर रहा है। खेतों में पराली जलाने की वजह से वातावरण में विषैले कण बढ़ते हैं, जिससे वायु प्रदूषण, स्मॉग, अस्थमा व फसल उत्पादन तक प्रभावित होता है। ऐसे गंभीर प्रभावों को देखते हुए प्रशासन की जीरो टॉलरेंस नीति लागू कर दी गई है।
घटना और कार्रवाई
दिनांक 24 नवम्बर 2025 रात्रि 10:00 बजे, ग्राम वेदपुर (तहसील – ज्ञानपुर) में पराली जलाने की सूचना मिलते ही प्रशासन हरकत में आया।
सूचना मिलते ही ग्राम पंचायत स्तरीय टीम और तहसील स्तरीय टीम मौके पर पहुंची और मौके पर जलती पराली की पुष्टि की।
जांच में जिम्मेदार पाए गए —
🔹 श्री शैलेन्द्र यादव, निवासी ग्राम वेदपुर
NGT आदेशों के अनुसार पराली जलाने को दंडनीय अपराध घोषित किए जाने के कारण उनके विरुद्ध पर्यावरणीय क्षति पूर्ति हेतु ₹5,000 का अर्थदंड लगाया गया है।
NGT के आदेश का स्पष्ट उल्लंघन
NGT के
ओरिजनल अप्लीकेशन संख्या – 21/2014 (वर्धतान कौशिक एवं अन्य बनाम यूनियन ऑफ इंडिया)
में पारित आदेश (दिनांक 04 नवम्बर 2016) के अनुसार पराली जलाना पूरी तरह प्रतिबंधित है।
इसके बावजूद पराली जलाने की घटनाओं को प्रशासन गंभीर अपराध की श्रेणी में मानते हुए कठोर दंडात्मक कार्रवाई कर रहा है।


दोबारा उल्लंघन पर एफआईआर और गिरफ्तारी
प्रशासन की ओर से स्पष्ट चेतावनी जारी —
🚫 यदि कोई भी कृषक पराली जलाने की पुनरावृत्ति करता है, तो
➡ धारा 26 के तहत मुकदमा पंजीकृत किया जाएगा
➡ और विधिक कार्रवाई व गिरफ्तारी भी की जा सकती है।
अधिकारियों ने कहा कि अब केवल जुर्माना नहीं, बल्कि दोबारा घटना पर कठोर दंड के साथ कानूनी प्रक्रिया लागू की जाएगी।
प्रशासन ने किसानों को विकल्प भी सुझाए
किसानों से अपील करते हुए प्रशासन ने बताया कि पराली जलाने के स्थान पर नीचे दिए गए विकल्प अपनाए जा सकते हैं—
✔ हैप्पी सीडर
✔ रोटावेटर
✔ मल्चर
✔ सुपर स्ट्रॉ मैनेजमेंट सिस्टम
✔ कम्पोस्ट और चारा के रूप में प्रयोग
इनके उपयोग से फसल अवशेष कचरा नहीं बल्कि आर्थिक संसाधन बन जाता है।
तहसीलदार ज्ञानपुर का संदेश
“पराली जलाना पर्यावरण, स्वास्थ्य और कृषि—तीनों को नुकसान पहुंचाता है। किसी भी स्थिति में इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। नियमों के उल्लंघन पर कार्रवाई अनिवार्य रूप से की जाएगी।”
जनपद – भदोही प्रशासन सक्रिय मोड में
सर्विलांस टीमों को गांव–गांव मॉनिटरिंग के निर्देश दिए गए हैं।
ड्रोन सर्विलांस भी लागू किए जाने की संभावनाएं तलाश में हैं।
रिपोर्ट: Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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