जल जीवन मिशन की रफ्तार पर ‘भुगतान ब्रेक’ — आज़मगढ़ में 285 करोड़ का भुगतान अटका, ठेकेदारों ने हटाए हाथ, ग्रामीण परेशान
आजमगढ़। केंद्र और राज्य सरकार की महत्वाकांक्षी जल जीवन मिशन — हर घर नल योजना का सपना आजमगढ़ में धीरे–धीरे अधूरा पड़ने लगा है। वजह — कार्यदायी संस्थाओं और ठेकेदारों को लगभग 285 करोड़ रुपये का भुगतान डेढ़ साल से नहीं मिला है। बजट रुकते ही मजदूरों की तनख्वाह और निर्माण सामग्री का भुगतान प्रभावित हुआ और परिणामस्वरूप काम की रफ्तार लगभग ठप पड़ गई।
काम ठप, गड्ढों से भरे गांव — अधर में लटका जलापूर्ति का सपना
गांवों में पाइपलाइन बिछाने और कनेक्शन देने का कार्य लगभग पूरा हो चुका है, लेकिन ओवरहेड टैंक, पंप हाउस और परीक्षण कार्य लटक गया है। यही वजह है कि नल तो लग चुके हैं, पर उनमें पानी नहीं आ रहा है।
कई गांवों में हालत यह है कि:
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सड़कों के किनारे खोदे गए गड्ढे वैसे ही पड़े हैं
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टूटी सड़कें और खुले पाइप ग्रामीणों की परेशानी का कारण
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बरसात के समय हादसों का खतरा बढ़ गया
स्थानीय लोगों का कहना है कि अधिकारियों से शिकायत करने पर केवल आश्वासन मिलता है लेकिन समाधान नहीं।
आँकड़े बड़े, लेकिन प्रगति धीमी
| परियोजनाओं से संबंधित डेटा | स्थिति |
|---|---|
| कुल स्वीकृत पेयजल परियोजनाएं | 1459 |
| कुल लागत | 4293 करोड़ रुपये |
| लक्ष्य — जिन गांवों में पानी पहुंचाना | 3818 राजस्व गांव |
| विभाग का दावा | 94.42% कार्य पूरा |
| वास्तविक जलापूर्ति शुरू | 1591 गांव |
| अटका भुगतान | लगभग 285 करोड़ रुपये |
इन आंकड़ों से साफ है कि तस्वीर कागज पर अलग और जमीन पर अलग है।
कहीं से आवाज़ नहीं उठी, पर दर्द हर गांव में एक जैसा
सबसे अधिक प्रभावित पंचायतें और ब्लॉक:
🔸 महराजगंज
🔸 तरवा
🔸 रानी की सराय
🔸 पल्हनी
🔸 पवई
🔸 बिलरियागंज
🔸 मेंहनगर
🔸 लालगंज
🔸 सठियांव
🔸 पल्हना
इन ब्लॉकों के कई ग्राम पंचायतों में ओवरहेड टैंक का खाका बना है लेकिन काम आगे नहीं बढ़ा। कई ठेकेदारों ने तो खुले शब्दों में कहा कि भुगतान आए बिना काम संभव नहीं।
ठेकेदारों का कहना
“बीसियों लाख रुपये अपनी जेब से लगा चुके हैं, मजदूरों को पैसे देने के लिए भी मजबूर हो गए हैं। जब भुगतान नहीं मिलेगा तो हम आगे कैसे काम करें?”
ग्रामीणों की नाराज़गी बढ़ रही है
गांवों में नल लग जाने से लोगों को उम्मीद थी कि अब पानी के लिए हैंडपंप और पोखरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा, लेकिन महीने बीतते जा रहे हैं।
एक ग्रामीण के अनुसार:
“नल तो लग गया है, लेकिन पानी नाम की चीज नहीं। सपनों को बस पाइप में घुमा दिया गया है।”
अधिकारियों का पक्ष
विभाग के अधिकारी भुगतान में देरी को तकनीकी प्रक्रिया और अनुमोदन से जोड़कर देख रहे हैं। दावा किया जा रहा है कि भुगतान जल्द जारी होगा और बंद पड़े कार्य फिर से गति पकड़ेंगे।
सबकी निगाहें सरकार पर
ग्रामीण, ठेकेदार और विभाग — तीनों इंतजार में हैं
कब भुगतान आएगा
कब काम दोबारा शुरू होगा
कब नलों में पानी बहेगा
जैसे-जैसे समय बीत रहा है, जल जीवन मिशन की विश्वसनीयता और उम्मीद दोनों पर सवाल खड़े होने लगे हैं।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

