एसआईआर अभियान में ढिलाई पर प्रशासन कड़ा: बीएलओ पर एफआईआर, लेखपाल निलंबित — दो दिन में तीसरी कार्रवाई
ज्ञानपुर / भदोही। विशेष मतदाता पुनरीक्षण अभियान (एसआईआर) में उदासीनता और कार्य में सुस्ती पर जिला प्रशासन सख्त रुख में है। अभियान को 100% पारदर्शिता और निष्पक्षता के साथ पूर्ण कराने के लिए कड़ा मॉनिटरिंग तंत्र सक्रिय किया गया है। इसी क्रम में दो दिनों के भीतर तीसरी बड़ी कार्रवाई की गई है। एक बीएलओ के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज हुई है, जबकि भदोही तहसील के लेखपाल को निलंबन का सामना करना पड़ा है।
जिला प्रशासन के अनुसार, एसआईआर कार्य 4 नवंबर से लगातार चल रहा है, और मतदाता सूची में शुद्ध एवं सही डेटा सुनिश्चित करने के लिए अधिकारियों को स्पष्ट दिशा-निर्देश दिए गए हैं। लेकिन कई क्षेत्रों से लापरवाही की शिकायतों के बाद जिम्मेदार कर्मचारियों पर कठोर कदम उठाने की शुरुआत की गई है।
फोन नहीं उठाने पर एफआईआर — बीएलओ अमीनुल हक पर बड़ी कार्रवाई
सूत्रों के अनुसार भदोही विधानसभा के बूथ संख्या 294 के बीएलओ अमीनुल हक को एसआईआर से जुड़ी शिकायतों के आधार पर कई बार कॉल किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।
इसे प्रशासन ने सरकारी दायित्व से स्पष्ट पलायन और घोर लापरवाही माना।
इसके बाद खंड विकास अधिकारी विनोद कुमार ने लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम के तहत भदोही कोतवाली में एफआईआर दर्ज कराई। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई आने वाले दिनों में जिलास्तरीय अधिकारियों को भी कड़ा संदेश देगी कि मतदाता पुनरीक्षण की उपेक्षा बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
काम में सुधार नहीं — लेखपाल ईष्टदेव पासवान निलंबित
एसआईआर कार्य में सुपरवाइजरी जिम्मेदारी निभा रहे लेखपाल ईष्टदेव पासवान को बीते 18 नवंबर की समीक्षा बैठक में एसडीएम द्वारा चेतावनी देते हुए वेतन रोकने की कार्रवाई की गई थी।
लेकिन इसके बावजूद कार्य में सुधार नहीं दिखा।
परिणामस्वरूप शनिवार की देर रात एसडीएम ने लेखपाल को निलंबित कर दिया।
यह एसआईआर अभियान के दौरान भदोही तहसील में हुई अब तक की सबसे कठोर प्रशासनिक कार्रवाई मानी जा रही है।
इससे पहले वीडीओ भी सस्पेंड — कार्रवाई का सिलसिला जारी
ठीक एक दिन पहले अभोली ब्लॉक की वीडीओ नीतू शुक्ला को भी एसआईआर कार्य में लापरवाही के आरोप में निलंबित किया गया था।
यानी एसआईआर अभियान में ढिलाई पर एक सप्ताह के भीतर तीन अलग-अलग अधिकारियों पर कार्रवाई हो चुकी है।
💬 “लापरवाही बर्दाश्त नहीं” — अधिकारियों की सख्त चेतावनी
एसडीएम ने मीडिया से कहा:
“मतदाता सूची शुद्धिकरण लोकतांत्रिक व्यवस्था का आधार है। एसआईआर कार्य में किसी स्तर पर लापरवाही या गैर-जिम्मेदारी किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। आगे और भी शिकायतें मिलेंगी तो कठोरतम कार्रवाई की जाएगी।”
जिलाधिकारी शैलेष कुमार की ओर से भी निरंतर मानीटरिंग, मैदान स्तर पर निरीक्षण, और अनियमित कार्यप्रणाली पर त्वरित दंड की रणनीति लागू की गई है।
परिणाम और आगे की रणनीति
प्रशासनिक सूत्रों के अनुसार—
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बीएलओ पर दर्ज हुई एफआईआर आने वाले समय में तैनात अन्य कर्मचारियों के लिए कड़ा संदेश बनेगी।
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जिन बूथों या क्षेत्रों में एसआईआर की गति धीमी है, वहां अतिरिक्त निरीक्षण टीमें लगाई जाएंगी।
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भविष्य में सीधे निलंबन और विभागीय जांच भी हो सकती है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



