ISI लिंक्ड इंटरनेशनल हथियार तस्करी गिरोह बेनकाब — दिल्ली क्राइम ब्रांच ने 4 आरोपी दबोचे, 10 विदेशी पिस्तौलें बरामद

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ISI के इशारे पर गैंगस्टरों को मिल रहा था हथियार सपोर्ट — दिल्ली क्राइम ब्रांच के हाथ लगी बड़ी सफलता

ड्रोन के जरिए पंजाब में उतारे जाते थे हथियार, फिर देशभर में फैलाए जाते थे — मास्टरमाइंड की तलाश तेज, विदेश कनेक्शन भी जांच के दायरे में

नई दिल्ली।
राष्ट्रीय राजधानी में अपराध जगत को हथियारों की सप्लाई देने वाली अंतरराष्ट्रीय तस्करी चेन को दिल्ली क्राइम ब्रांच ने ध्वस्त कर दिया है। पाकिस्तानी ISI की फंडिंग और निर्देशों पर चल रहे इस नेटवर्क के चार बड़े सदस्य गिरफ्त में हैं। उनके पास से बरामद तुर्किये और चीन निर्मित पिस्तौलें गैंगस्टरों को भेजी जानी थीं — जिससे आने वाले महीनों में दिल्ली-एनसीआर में बड़ी गैंगवार की आशंका थी।


 ड्रोन का इस्तेमाल — हथियार तस्करी का नया तरीका

जांच से चौंकाने वाला खुलासा —
पाकिस्तान से हथियार ड्रोन के जरिए पंजाब सीमा में गिराए जाते थे। इसके बाद हथियारों की मूवमेंट इस तरह होती थी:

चरण तरीका
1 पाक-आईएसआई के नेटवर्क द्वारा हथियार तैयार
2 भारत-पाक सीमा पर ड्रोन से गिरावट
3 पंजाब के स्थानीय एजेंट कलेक्शन
4 कूरियर व कैरियर गैंग के जरिए दिल्ली-एनसीआर
5 गैंग और शूटरों को सप्लाई

आरोपियों का नेटवर्क कई कोड वर्ड, VPN कनेक्शन और टेलीग्राम/सिग्नल चैट का उपयोग कर रहा था ताकि ट्रैकिंग मुश्किल हो।


 किन गैंगों की होने वाली थी सप्लाई?

पुलिस के अनुसार इस तस्करी सिंडिकेट के टारगेट थे:

  • लॉरेंस बिश्नोई गैंग

  • बमबीहा गैंग

  • गोगी गैंग

  • हिमांशु भाऊ गैंग

  • कुख्यात सुपारी किलर और शूटर गैंग

अंडरवर्ल्ड में प्रोटेक्शन मनी, सुपारी किलिंग और एक्सटॉर्शन के लिए इनके उपयोग की योजना थी।


 गिरोह की पृष्ठभूमि — कैसे बनी ISI से कनेक्शन?

प्राथमिक रूप से जांच में पता चला:

  • पंजाब के दो आरोपी पहले ड्रग नेटवर्क में शामिल थे

  • इन्हें पाकिस्तान में ऑपरेट करने वाले ISI-लिंक्ड लोगों द्वारा लोभ और कमीशन का लालच दिया गया

  • ड्रग रूट से हटकर हथियारों की तस्करी में शिफ्ट कराया गया

  • एक पिस्तौल पर ₹3–5 लाख तक कमाई होती थी

सूत्रों के मुताबिक गिरोह के सदस्य नेपाल, दुबई और पाकिस्तान में बैठे सप्लायरों के संपर्क में भी थे।


 कानून के किस सेक्शन के तहत कार्रवाई

आरोपियों पर निम्न धाराओं में केस दर्ज हुआ है:

  • Arms Act 1959

  • IPC की धारा 120B (षड्यंत्र)

  • UAPA लगाने की संभावना पर विचार

  • NIA को केस ट्रांसफर की भी संभावना


 दिल्ली-एनसीआर में गैंग युद्ध रोकने में बड़ी मदद

क्राइम ब्रांच के मुताबिक यदि गिरोह का भंडाफोड़ समय रहते न होता:

  • त्योहारों से पहले गैंगवार की आशंका

  • बिजनेस और बिल्डर्स पर एक्सटॉर्शन बढ़ने की संभावना

  • कई टारगेट किलिंग की रणनीति पहले से तैयार थी


 आगे की जांच — कई बड़े खुलासों की उम्मीद

पुलिस विशेष रूप से इन सवालों की जांच कर रही है:

1️⃣ पाकिस्तान में बैकएंड ऑपरेटर कौन हैं?
2️⃣ हथियारों की फंडिंग कौन कर रहा है — गैंगस्टर या आईएसआई?
3️⃣ क्या एक ही नेटवर्क ड्रग + हथियार + हवाला तिकड़ी चला रहा था?
4️⃣ जेल में बैठे गैंगस्टरों की क्या भूमिका है?
5️⃣ क्या भारत के अंदर राजनीतिक/आर्थिक हित भी जुड़े हैं?

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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