50 गांवों का 217 दिनों तक मुख्यालय से संपर्क टूटेगा, मोरवा नदी पर लघु सेतु निर्माण शुरू

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50 गांवों का मुख्यालय से 217 दिन तक सीधा संपर्क टूटेगा, मोरवा नदी पर लघु सेतु निर्माण से लोगों की बढ़ेगी मुश्किलें

ज्ञानपुर। मोढ़–सरपतहां मार्ग पर डीएम आवास के पास मोरवा नदी पर लघु सेतु निर्माण के लिए प्रशासन ने रूट डायवर्ट कर दिया है। 25 नवंबर 2025 से 30 जून 2026 तक चलने वाले निर्माण कार्य के दौरान करीब 50 गांवों की आबादी सीधे प्रभावित होगी। लगभग सात माह पांच दिन तक इन गांवों के लोगों को मुख्यालय आने-जाने के लिए 12–15 किलोमीटर की अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी।


क्यों करना पड़ रहा है रूट डायवर्ट?

मोरवा नदी पर बना पुराना पुल कई वर्षों से जर्जर पड़ा है। स्थानीय ग्रामीणों की शिकायतों और तकनीकी रिपोर्ट की पुष्टि के बाद शासन ने इसे तोड़कर चार करोड़ 23 लाख रुपये से नया लघु सेतु बनाने की स्वीकृति दी।

इंजीनियरों के अनुसार,
🔸 पुल की मरम्मत अब संभव नहीं थी
🔸 बढ़ते वाहन दबाव के कारण जोखिम और बढ़ रहा था
🔸 तकनीकी रूप से नए निर्माण के लिए सम्पूर्ण मार्ग बंद करना आवश्यक है


 प्रशासन की तैयारी — रूट डायवर्जन लागू

पीडब्ल्यूडी ने निर्माण के दौरान सुरक्षा और यातायात प्रबंधन को लेकर नया मार्ग तय किया है।
निर्धारित डायवर्जन —
ज्ञानपुर से मोढ़ जाने वाले वाहनों को अजयपुर – देवनाथपुर – ज्ञानपुर मार्ग से होकर भेजा जाएगा।
मोढ़ से ज्ञानपुर आने के लिए पाली – चककलूटी मार्ग से गुजरना होगा।

नया सफर समय और दूरी दोनों को बढ़ा देगा।
दैनिक यात्रियों, छात्रों, मरीजों और व्यापारियों के लिए यह व्यवस्था सबसे अधिक चुनौतीपूर्ण होगी।


किसान और स्टूडेंट होंगे सबसे ज्यादा परेशान

मोढ़ व आस-पास के इलाकों से बड़ी संख्या में किसान प्रतिदिन मंडी और खाद-बीज केंद्रों पर आते हैं। रूट डायवर्जन के कारण
✔ डीजल–खर्च बढ़ेगा
✔ ट्रैक्टर–ट्रॉली को लंबा रास्ता लेना पड़ेगा
✔ मंडी तक पहुंचने में अधिक समय लगेगा

इसके अलावा,
✔ कॉलेज और स्कूल जाने वाले बच्चों को रोजाना लंबी दूरी तय करनी होगी
✔ मरीजों को आपात स्थिति में मुख्यालय पहुंचने में देरी का खतरा रहेगा


 इतने गांवों पर सीधा असर

रूट परिवर्तन का सबसे अधिक असर इन गांवों पर पड़ेगा:
नंदापुर, अजयपुर, चककलूटी, गजधरा, कांवल, पूरे गड़ेरिया, जमुनीपुर अठगवां, मोढ़, कोछिया, पलवारपुर, पूरेरिसाल, पुरानी मोढ़, जयसिंहपुर, लखनों, जोरईं, सिंहपुर, भुड़की, भिदिउरा, कंसापुर, वेदपुर…
कुल लगभग 50 गांवों की आबादी प्रभावित।


लोग बोले — विकास जरूरी लेकिन वैकल्पिक मार्ग बेहतर होना चाहिए था

स्थानीय ग्रामीणों ने समाधान की मांग की है।
कई लोगों का कहना है —
🔹 पुल का निर्माण स्वागत योग्य है
🔹 लेकिन वैकल्पिक मार्ग की समयसीमा और दूरी कम की जानी चाहिए थी
🔹 खराब रास्तों की मरम्मत पहले करके डायवर्जन लागू होता तो बेहतर होता


 पीडब्ल्यूडी का बयान

सुभाष चंद्र मौर्या, सहायक अभियंता, पीडब्ल्यूडी ने कहा —

“मोरवा नदी पर चार करोड़ 23 लाख से लघु सेतु का निर्माण होना है। रूट डायवर्जन की तिथि निर्धारित कर दी गई है। 25 नवंबर से कार्य शुरू किया जाएगा। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ही मार्ग अस्थायी रूप से बंद किया गया है।”


उम्मीद — जुलाई 2026 से मिलेगा समाधान

निर्माण पूरा होने के बाद
✔ ज्ञानपुर–मोढ़ मार्ग पर यातायात सुगम होगा
✔ भारी वाहनों का भार भी पुल आसानी से झेल सकेगा
✔ भविष्य में दुर्घटना जोखिम नहीं रहेगा

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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