प्रतिबंधित कफ सिरप पर सख्ती: डॉक्टर लिख रहे वैकल्पिक दवाएं, बढ़े बच्चों में सर्दी-जुकाम के केस

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बच्चों में तेजी से बढ़ रहे सर्दी-जुकाम के मामले, प्रतिबंधित कफ सिरप की जगह डॉक्टर लिख रहे वैकल्पिक दवाएं — 15 संदिग्ध नमूने लैब भेजे गए

ज्ञानपुर। मौसम बदलते ही बच्चों में खांसी, सर्दी और जुकाम की शिकायतें बढ़ने लगी हैं। जिला अस्पताल व निजी क्लीनिकों में प्रतिदिन आने वाले बच्चों की संख्या बढ़ गई है। इस बीच सरकार द्वारा प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री पर रोक के बाद डॉक्टर वैकल्पिक दवाएं लिख रहे हैं और आवश्यकता पड़ने पर इंजेक्शन भी लगा रहे हैं।

पिछले महीने राजस्थान और मध्य प्रदेश में प्रतिबंधित कफ सिरप बच्चों के स्वास्थ्य पर प्रतिकूल प्रभाव डालने की घटनाएं सामने आई थीं। उसके बाद केंद्रीय स्तर पर पूरे देश में नशे वाली कफ सिरप की बिक्री पर रोक लगा दी गई। कार्रवाई के बाद जिले के करीब 1500 मेडिकल स्टोर सख्त निगरानी में हैं और किसी भी स्टोर पर प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री नहीं मिली है।


बाल रोग विशेषज्ञों की रणनीति — बच्चों को दिए जा रहे ये वैकल्पिक सिरप

चिकित्सकों द्वारा प्रतिबंधित सिरप के बदले नीचे दी गई दवाएं लिखी जा रही हैं:

वैकल्पिक दवाएं / सिरप उपयोगिता
लिओसाल बुटोमोल खांसी और सांस संबंधी दिक्कत में राहत
अम्बरोक्सिल कफ ढीला कर बाहर निकालने में मदद
एंब्रोक्सोल हाइड्रोक्लोराइड सिरप सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध, खांसी में प्रभावी

सीएमएस व बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. अजय तिवारी के अनुसार —

“इस मौसम में बच्चों की इम्युनिटी कम होने से खांसी-जुकाम तेजी से फैल रहा है। प्रतिदिन 80–90 बच्चों की ओपीडी हो रही है, जिनमें 40–45 बच्चे केवल इन समस्याओं से पीड़ित मिल रहे हैं। वैकल्पिक सिरप पूरी तरह सुरक्षित हैं और किसी भी आयु वर्ग को दिए जा सकते हैं।”

डॉक्टरों के अनुसार अचानक मौसम बदलने, ठंडी हवा, प्रदूषण और स्कूलों की भीड़भाड़ से यह संक्रमण बच्चों में तेजी से फैल रहा है।


विशेषज्ञ की सलाह — भांप और घरेलू परहेज़ भी असरदार

एमबीएस अस्पताल, भदोही के बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. राजेश रावत ने बताया —

“दवाओं के साथ-साथ बच्चों को भांप देना काफी फायदेमंद है। इससे कफ ढीला होकर सांस लेने में आराम मिलता है। लेकिन भांप अत्यधिक गर्म न हो, माता-पिता खुद देखरेख में दें।”


जांच अभियान जारी — 15 नमूने लैब भेजे गए

औषधि निरीक्षक कुमार सौमित्र ने बताया —

  • अभियान चलाकर मेडिकल स्टोर्स की जांच हो रही है

  • जिले में प्रतिबंधित कफ सिरप की बिक्री नहीं मिली

  • 15 सिरप के नमूने जांच के लिए लैब भेजे गए हैं
    उन्होंने लोगों से अपील की कि डॉक्टर के पर्चे पर ही दवाएं लें और बचत या जल्दी आराम के चक्कर में बिना परामर्श के दवाएं न खरीदें — इससे स्वास्थ्य जोखिम बढ़ सकता है।


पेरेंट्स गाइड: बच्चों की खांसी में करें ये उपाय, बचें इन गलतियों से

क्या करें

  • बच्चे को ठंड-गर्म से बचाएं

  • गरम पानी पिलाएं और भांप दें

  • डॉक्टर द्वारा बताई दवाएं नियमित समय पर दें

  • प्रोटीन और विटामिन युक्त आहार — सूप, दाल, मौसमी फल दें

क्या न करें

  • किसी और बच्चे की दवा अपने बच्चे को न दें

  • कफ दवा का ब्रांड खुद से न बदलें

  • रात में ठंडी चीजें जैसे कोल्ड ड्रिंक, आइसक्रीम न दें

  • लगातार खांसी में दवा बंद न करें


अंतिम अपील

बच्चों में खांसी और जुकाम सामान्य हैं, लेकिन बार-बार या लंबे समय तक रहने पर चिकित्सक की सलाह अनिवार्य है। दवाओं का गलत उपयोग बच्चे की सेहत पर जोखिम बढ़ा सकता है।
स्वास्थ्य विभाग और डॉक्टरों दोनों की सलाह — “पर्चे के आधार पर ही दवा लें।”

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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