भदोही में एमबीबीएस में फर्जी प्रमाणपत्र का खुलासा: नौ छात्रों पर एफआईआर

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भदोही में फर्जी प्रमाणपत्र से एमबीबीएस में दाखिला: नौ अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज

भदोही, उत्तर प्रदेश: मेडिकल शिक्षा में फर्जीवाड़े का एक गंभीर मामला भदोही जिले में सामने आया है। यहां नौ अभ्यर्थियों ने एमबीबीएस प्रवेश के लिए फर्जी प्रमाणपत्रों का सहारा लिया। जिले के अधिकारियों द्वारा की गई जांच में यह खुलासा हुआ कि ये प्रमाणपत्र असली नहीं थे और इनके दस्तावेजों में डीएम के हस्ताक्षर और मुहर भी नकली पाए गए।


कैसे हुआ मामला उजागर?

भदोही जिले के जिलाधिकारी शैलेश कुमार के निर्देश पर सभी दाखिले की काउंसलिंग के दौरान अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत किए गए प्रमाणपत्रों की सत्यता जांची गई।
जांच में यह पाया गया कि:

  • अभ्यर्थियों द्वारा प्रस्तुत स्वतंत्रता संग्राम सेनानी के आश्रित प्रमाणपत्र असली नहीं थे।

  • दस्तावेजों पर जिलाधिकारी के हस्ताक्षर और मुहर नकली थीं।

  • अभ्यर्थियों द्वारा दिए गए पते और अन्य व्यक्तिगत जानकारी संदिग्ध थीं।

इस तरह की अनियमितताओं के सामने आने पर तत्काल कार्रवाई करते हुए ज्ञानपुर कोतवाली में नौ अभ्यर्थियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी गई।


कानूनी कार्रवाई और जांच

पुलिस ने मुकदमे में धोखाधड़ी और जालसाजी की धाराओं के तहत कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की विस्तृत जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि फर्जी प्रमाणपत्रों का स्रोत क्या था और क्या इसमें किसी संस्थान या अन्य लोग भी शामिल थे।

जिलाधिकारी शैलेश कुमार ने कहा, “हम इस तरह के फर्जीवाड़ों को बर्दाश्त नहीं करेंगे। मेडिकल शिक्षा में योग्य छात्रों को उनके हक से वंचित नहीं किया जा सकता। इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”


अभ्यर्थियों द्वारा किए गए फर्जीवाड़े की प्रकृति

जांच में यह भी सामने आया कि:

  • कुछ प्रमाणपत्र पूरी तरह नकली थे।

  • कुछ में अभ्यर्थियों के व्यक्तिगत पते और जानकारी मेल नहीं खाती थी।

  • इस फर्जीवाड़े के पीछे किसी नेटवर्क की संभावना भी पुलिस जांच में देख रही है।

विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला मेडिकल शिक्षा प्रणाली में हो रही अनियमितताओं की ओर गंभीर चेतावनी है।


निष्कर्ष

भदोही का यह मामला यह दिखाता है कि कैसे कुछ अभ्यर्थी अपनी योग्यता साबित किए बिना प्रवेश पाने के लिए फर्जी दस्तावेजों का सहारा लेते हैं। सरकार और संबंधित विभागों को ऐसे मामलों पर कड़ी नजर रखनी चाहिए, ताकि योग्य छात्रों को उनका हक मिल सके और शिक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनी रहे।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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