🛑 दूध नहीं, ज़हर है ये!
रिफाइंड, डिटर्जेंट और वैक्स से बन रहा था ‘दूध’, फिरोजाबाद के नगला खरगा में नकली दूध फैक्ट्री का भंडाफोड़
फिरोजाबाद, उत्तर प्रदेश:
उत्तर प्रदेश का फिरोजाबाद जिला एक बार फिर चर्चा में है – लेकिन इस बार किसी अपराध या चोरी के लिए नहीं, बल्कि दूध के नाम पर ज़हर बेचने वाले गिरोह के खुलासे के लिए। जिले के नगला खरगा गांव में एक घर के अंदर चल रहे नकली दूध निर्माण के अवैध कारोबार पर खाद्य विभाग ने छापा मारा और ऐसे चौंकाने वाले तथ्य सामने आए जिन्हें जानकर कोई भी दूध पीने से पहले दो बार सोचेगा।
🧪 रिपोर्ट में हुआ खुलासा: दूध नहीं, केमिकल का घोल
खाद्य विभाग द्वारा लिए गए सात नमूनों की जांच रिपोर्ट अब सामने आ चुकी है। रिपोर्ट में पुष्टि हुई है कि इन सभी नमूनों में रिफाइंड तेल, डिटर्जेंट, वैक्स और कार्बोनेट जैसे खतरनाक रसायन मौजूद थे। ये सभी पदार्थ मानव शरीर के लिए अत्यंत हानिकारक हैं और इनका नियमित सेवन लीवर, किडनी, आंतों और यहां तक कि हृदय को भी नुकसान पहुंचा सकता है।
विशेषज्ञों की चेतावनी:
“इस तरह का नकली दूध पीने से शरीर में धीमा ज़हर फैलता है। बच्चों, गर्भवती महिलाओं और बुजुर्गों में इसका असर और भी घातक हो सकता है।”
— डॉ. रचना सक्सेना, खाद्य वैज्ञानिक
🚨 सुबह 4 बजे छापा, रंगे हाथ पकड़े गए आरोपी
सहायक आयुक्त (खाद्य) चंदन पांडेय के नेतृत्व में बुधवार सुबह 4 बजे अचानक छापेमारी की गई। छापे के दौरान अजय और विजय नाम के दो सगे भाई घर में ही नकली दूध तैयार करते हुए पकड़े गए।
मौके से भारी मात्रा में रिफाइंड तेल के डिब्बे, डिटर्जेंट के पैकेट, वैक्स की टिकियां और कार्बोनेट पाउडर जब्त किए गए। इन सामग्रियों को मिलाकर एक सफेद झागदार दूध जैसा पदार्थ तैयार किया जाता था, जिसे स्थानीय बाजार में असली दूध के रूप में बेचा जा रहा था।
😠 गिरफ्तारी से बच निकले आरोपी, बदलवाना चाहते थे रिपोर्ट
छापे के समय दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए और अब तक उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। इससे आशंका है कि इस पूरे नकली दूध के कारोबार के पीछे एक बड़ी सप्लाई चेन काम कर रही है, जिसकी परतें अब भी नहीं खुल सकी हैं।
इतना ही नहीं, विभागीय सूत्रों के अनुसार दोनों आरोपियों ने लैब रिपोर्ट को अपने पक्ष में बदलवाने की कोशिश भी की, लेकिन जिलाधिकारी रमेश रंजन की सख्ती के कारण वे सफल नहीं हो सके।
⚖️ अब होगी सख्त कानूनी कार्रवाई – आजीवन कारावास संभव
सहायक आयुक्त चंदन पांडेय ने जानकारी दी कि रिपोर्ट की पुष्टि के बाद अब आरोपियों पर खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 की धारा 59(2) और 59(3) के तहत मामला दर्ज किया जा रहा है।
इन धाराओं के तहत यदि कोई व्यक्ति जानबूझकर अखाद्य और खतरनाक खाद्य पदार्थ का उत्पादन या वितरण करता है, तो उसे आजीवन कारावास और एक लाख रुपये तक जुर्माने की सजा हो सकती है।
📢 प्रशासन की अपील: “सतर्क रहें, जानकारी दें”
फिरोजाबाद जिला प्रशासन और खाद्य विभाग ने आमजन से अपील की है कि यदि उन्हें किसी भी स्थान पर नकली दूध या मिलावटी खाद्य पदार्थ की आशंका हो, तो तुरंत निकटतम थाने या खाद्य विभाग को सूचना दें।
यह मामला न सिर्फ कानून व्यवस्था का, बल्कि जनस्वास्थ्य का गंभीर मुद्दा है।
📸 फोटो गैलरी: नकली दूध निर्माण का काला सच (फोटो संलग्न करें)
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डिटर्जेंट और तेल से तैयार दूध
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जब्त किया गया रसायन
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खाली दूध की थैलियां
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छापेमारी स्थल की तस्वीरें
🕵️♂️ रिपोर्टिंग: भारत क्रांति न्यूज ब्यूरो,
🖊️ संपादन: मुख्य संपादक शिव शंकर दुबे
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Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


