प्यार में मिला ऐसा धोखा कि स्टेशन पर भीख मांगने को मजबूर हो गई युवतियां, 18 दिन से प्लेटफॉर्म बना ठिकाना
आगरा।
कभी आंखों में शादी के सपने सजाए ये युवतियां आज स्टेशन की फर्श पर बैठी भीख मांगने को मजबूर हैं। उनकी कहानी सुनकर किसी का भी दिल पसीज जाए, मगर बेवफाई का ज़ख्म इतना गहरा है कि अब जीने की वजह भी तलाशनी पड़ रही है।
यह दर्दभरी दास्तां महोबा निवासी एक युवती की है, जो प्यार की तलाश में घर से निकली, लेकिन उसे मिला सिर्फ धोखा और जिल्लत। उसकी ही तरह कानपुर की एक दूसरी महिला भी उसी जाल में फंसी और आज दोनों आगरा के कैंट रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर पेट भर रही हैं।
शुरुआत एक मासूम सी कॉल से हुई
करीब एक साल पहले महोबा की युवती के मोबाइल पर शमसाबाद (आगरा) निवासी युवक का कॉल आया। युवक ने पहले गलत नंबर का बहाना बनाकर बात शुरू की। रोजाना कॉल, प्यार भरी बातें और भरोसे के वादों ने उस युवती के मन में भी प्रेम जगा दिया।
आरोपी युवक ने शादी का वादा किया और भरोसा दिलाया कि वह उसे हमेशा खुश रखेगा। इन शब्दों पर भरोसा कर 28 फरवरी को युवती अपने घर से निकलकर उसके साथ गुजरात चली गई।
तीन महीने तक लुटता रहा भरोसा
गुजरात पहुंचकर आरोपी ने किराये का कमरा लिया। वहां तीन महीने तक युवती का शारीरिक शोषण करता रहा। जब युवती गर्भवती हो गई, तो उसने दर्द की दवा बताकर गर्भपात की दवा खिला दी।
उस वक्त भी युवती ने रिश्ते को बचाए रखने की कोशिश की। उसे उम्मीद थी कि युवक शायद सच में उससे प्यार करता है और उससे शादी करेगा।
फिर मेहंदीपुर बालाजी और नई चाल
गुजरात से आरोपी उसे राजस्थान के मेहंदीपुर बालाजी ले गया। वहां कुछ दिन बिताने के बाद युवक उसे आगरा लेकर आया। इस बार उसके साथ उसका चचेरा भाई भी शामिल हो गया।
इस बीच कानपुर की एक दूसरी महिला को भी प्रेमजाल में फंसाकर उसे भी अपने साथ ले आया गया। दोनों पीड़िताओं को एक ही कहानी सुनाई गई—शादी, प्यार और साथ जीने का वादा।
स्टेशन पर छोड़कर गायब
आगरा पहुंचकर दोनों भाइयों ने कहा कि वे होटल में कमरा बुक करवा कर आते हैं और युवतियों को कैंट रेलवे स्टेशन पर बैठा दिया। कुछ देर बाद फोन भी बंद कर लिया और वापस नहीं लौटे।
काफी इंतजार के बाद युवतियों को समझ आ गया कि वे छोड़ दी गई हैं। महोबा निवासी युवती आरोपी के गांव शमसाबाद पहुंची, लेकिन वहां परिजनों ने मारपीट कर भगा दिया। पुलिस में शिकायत की तो भी सुनवाई नहीं हुई।
18 दिनों से प्लेटफॉर्म पर बीत रहीं रातें
थक-हार कर दोनों युवतियां पिछले 18 दिनों से कैंट रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर पेट भर रही हैं। न पास में पैसा है, न सिर छुपाने के लिए ठिकाना।
दिन में भीख मांगती हैं, रात स्टेशन की बेंच या प्लेटफॉर्म पर सोकर गुजारती हैं। अनजानों की नजरों से डर, पेट की आग और दिल का दर्द—सब साथ जीना पड़ रहा है।
न्याय की आखिरी उम्मीद
बुधवार को दोनों पीड़िताएं डीसीपी सिटी कार्यालय पहुंचीं और शिकायती पत्र देकर न्याय की गुहार लगाई। उनका कहना है कि आरोपियों ने सिर्फ भरोसा तोड़ा ही नहीं, बल्कि उनकी जिंदगी तबाह कर दी।
युवती का कहना है, “मैंने बस सच्चा प्यार किया था। सोचा था उससे शादी होगी, परिवार बनेगा। लेकिन अब ऐसा धोखा मिला है कि जीने का मकसद ही खत्म हो गया है।”
सवाल समाज से भी
यह कहानी सिर्फ एक या दो युवतियों की नहीं है, बल्कि उन सैकड़ों-हजारों लड़कियों की है, जो प्यार के नाम पर भरोसा कर लेती हैं और फिर धोखा खा जाती हैं।
कानून, समाज और पुलिस की ज़िम्मेदारी है कि ऐसे मामलों में न सिर्फ पीड़िताओं को न्याय दिलाए, बल्कि समाज को भी जागरूक करे कि बेटियों को ऐसे शिकारियों से बचाया जा सके।
📍 (Bharat Kranti News डिजिटल डेस्क)
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.


