“जो वैज्ञानिक कभी रचते थे अंतरिक्ष मिशन की रणनीति, आज सड़कों पर मांग रहे हैं भीख”

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इसरो के पूर्व वैज्ञानिक को शिरडी में बनना पड़ा भिखारी: पुलिस ने पकड़ा तो खुला हैरान कर देने वाला सच

????️ प्रकाशित तिथि: 14 अप्रैल 2025
???? स्थान: शिरडी, महाराष्ट्र
✍️ रिपोर्टर: भारत क्रांति न्यूज़ डेस्क


भीख मांगते मिले तो समझे कोई आम भिखारी… लेकिन जब सामने आया नाम, तो दहल गया प्रशासन

शिरडी के भीड़भाड़ वाले साईं बाबा मंदिर परिसर में एक बुजुर्ग व्यक्ति को श्रद्धालुओं से भीख मांगते हुए देख पुलिस ने रोका। शुरुआत में सबको लगा यह एक आम भिखारी है। लेकिन जब पुलिस ने उससे पूछताछ की और कुछ कागजात जब्त किए, तो उनकी पहचान सामने आते ही हर कोई स्तब्ध रह गया।

यह व्यक्ति कोई और नहीं बल्कि भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन (ISRO) का पूर्व वैज्ञानिक डॉ. अरुण प्रकाश शर्मा (बदला हुआ नाम) था — एक ऐसा नाम जिसने कभी भारत के उपग्रह प्रक्षेपणों में अहम भूमिका निभाई थी।


एक वैज्ञानिक का ऐसा अंत क्यों? जानिए पूरी कहानी

डॉ. शर्मा ने 1984 में इसरो जॉइन किया था और PSLV, GSLV सहित कई मिशनों में वे तकनीकी सलाहकार और वैज्ञानिक के रूप में जुड़े रहे। लेकिन 2009 में उन्होंने VRS (स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति) लिया। उसके बाद उनके जीवन में ऐसा तूफान आया, जिसने उन्हें गुमनामी और गरीबी के अंधेरे में धकेल दिया।

????‍????‍???? पारिवारिक विघटन ने छीनी पहचान

उनकी पत्नी से तलाक हो गया, बेटा विदेश चला गया और सम्पत्ति को लेकर कानूनी विवादों में फंसे डॉ. शर्मा अकेले पड़ गए। मानसिक तनाव के कारण वे अवसाद (डिप्रेशन) से भी जूझने लगे। परिवार ने भी उनसे संबंध तोड़ लिए।

धीरे-धीरे उनका बैंक बैलेंस खत्म होने लगा और इलाज की कोई व्यवस्था न होने के कारण उन्हें सड़कों पर जीवन गुजारना पड़ा।


शिरडी तक कैसे पहुंचे, ये भी हैरानी भरा सफर

कुछ स्थानीय लोगों ने बताया कि वे पिछले कुछ हफ्तों से शिरडी के आस-पास भटकते हुए देखे जा रहे थे। किसी को अंदाज़ा नहीं था कि यह बुजुर्ग व्यक्ति, जो मंदिर के बाहर जमीन पर बैठकर “कुछ पैसे दे दीजिए” कह रहा है, देश के अंतरिक्ष कार्यक्रमों का हिस्सा रह चुका है।


पुलिस की मानवीय पहल ने दिल जीता

शिरडी पुलिस स्टेशन के इंचार्ज ने बताया,

“हमने जब उनसे बातचीत की, तो शुरुआत में वे थोड़ा घबराए हुए थे, लेकिन जब हमने सम्मानपूर्वक बात की, तो उन्होंने अपना पूरा परिचय दिया। उनके पास एक पुराना पहचान पत्र, कुछ लेटरहेड्स और इसरो की ID कॉपी मौजूद थी। जांच में सब सच निकला।”

इसके बाद पुलिस ने स्थानीय NGO और नगरपालिका से संपर्क कर उन्हें एक पुनर्वास केंद्र में पहुंचाया, जहां उनके रहने, खाने और इलाज की व्यवस्था की गई।


भारत क्रांति की अपील: समाज के हीरो को सम्मान मिलना चाहिए

डॉ. शर्मा का यह हाल समाज और प्रशासन, दोनों के लिए एक सवाल है—क्या हमने अपने रिटायर्ड वैज्ञानिकों और वरिष्ठ नागरिकों के लिए कोई मजबूत सामाजिक ढांचा खड़ा किया है? क्या सम्मान सिर्फ नौकरी तक सीमित है?

इसरो जैसे संस्थान में कार्यरत रह चुके व्यक्ति का इस हाल में सड़क पर बैठना, समाज की असंवेदनशीलता को उजागर करता है।


???? मानसिक स्वास्थ्य और वृद्ध पुनर्वास पर ध्यान देना होगा

विशेषज्ञों का मानना है कि:

  • सेवानिवृत्ति के बाद व्यक्तियों को मानसिक, सामाजिक और आर्थिक समर्थन की ज़रूरत होती है।

  • सरकार और समाज को मिलकर ऐसे लोगों के लिए विशेष पुनर्वास योजनाएं बनानी चाहिए।

  • मानसिक स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और काउंसलिंग सेवाओं को सभी शहरों में सुलभ कराना होगा।


अब क्या आगे…?

डॉ. शर्मा की कहानी भले ही दुखद है, लेकिन अब उन्हें दोबारा समाज में सम्मान और सुरक्षा दिलाने की पहल शुरू हो चुकी है। शिरडी नगर परिषद, स्थानीय समाजसेवी संस्थाएं और महाराष्ट्र सरकार भी इस मामले को संज्ञान में ले चुकी है।

भारत क्रांति न्यूज़ प्रशासन से अपील करता है कि देश के उन “साइलेंट हीरोज़” को कभी न भूले, जिन्होंने बिना लाइमलाइट के भारत को गौरवान्वित किया।


✒️ रिपोर्टर: भारत क्रांति न्यूज़

???? चीफ एडिटर: शिव शंकर दुबे

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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