ललही छठ पर संतान की दीर्घायु के लिए माताओं ने रखा व्रत, विभिन्न स्थानों पर हुआ पूजन-अर्चन
ज्ञानपुर/भदोही। संतान की लंबी उम्र, सुख-समृद्धि और मंगलमय जीवन की कामना को लेकर महिलाओं ने भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि पर ललही छठ का व्रत रखा। इस अवसर पर जिले के विभिन्न स्थानों पर महिलाओं ने विधि-विधान से पूजन-अर्चन कर संतान के सुखद एवं स्वस्थ जीवन की कामना की।
ज्ञानपुर, महजूदा, सुरियावां, भदोही, औराई, सीतामढ़ी, वहिदा, जंगीगंज, नई बाजार, चौरी, महराजगंज, बाबूसराय, अभिया, अभोली, दुर्गागंज, गोपीगंज के हनुमानगढ़ी, बाबा बड़े शिवधाम और सोनिया तालाब समेत कई स्थानों पर महिलाओं ने पूजा-अर्चना की। सुबह से ही पूजा स्थलों पर महिलाओं की भीड़ देखने को मिली।
डूहिया भावसिंहपुर निवासी आचार्य दीनानाथ शुक्ल ने बताया कि भाद्रपद कृष्ण पक्ष की षष्ठी तिथि को हल षष्ठी का व्रत रखा जाता है। इसे हलछठ और ललही छठ के नाम से भी जाना जाता है। हिंदू धर्म में इस व्रत का विशेष धार्मिक महत्व माना गया है।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, महिलाएं संतान की दीर्घायु, सुख-समृद्धि और परिवार की खुशहाली के लिए यह व्रत रखती हैं। पौराणिक मान्यता है कि इसी दिन भगवान श्रीकृष्ण के बड़े भाई भगवान बलराम का जन्म हुआ था। मान्यता है कि ललही छठ का व्रत विधि-विधान से करने से संतान से जुड़ी परेशानियां दूर होती हैं और संतान को सुख-समृद्धि एवं दीर्घायु का आशीर्वाद प्राप्त होता है।
पूरे दिन व्रत रखने के बाद महिलाओं ने पूजा-अर्चना कर धार्मिक अनुष्ठान संपन्न किए और अपनी संतान के उज्ज्वल भविष्य एवं दीर्घायु की कामना की।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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