तेज आंधी-बारिश ने मचाई तबाही, अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी समेत कई घरों को नुकसान
ज्ञानपुर/सीतामढ़ी। भदोही जिले में मंगलवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने कई इलाकों में जनजीवन प्रभावित कर दिया। करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी के कारण कई स्थानों पर निर्माण ढांचे क्षतिग्रस्त हो गए। ज्ञानपुर क्षेत्र के भिडिऊरा गांव में एक ग्रामीण की करीब 30 साल पुरानी खपरैल की बैठका भरभराकर गिर गई। वहीं सीतामढ़ी स्थित श्मशान घाट के अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी भी बारिश और मिट्टी के दबाव के कारण गिर गई। जोरई गांव में भी एक घर की चहारदीवारी गिरने की जानकारी सामने आई है।
तेज आंधी के साथ हुई बारिश
मंगलवार देर रात जिले में अचानक तेज हवाएं चलने लगीं। देखते ही देखते हवाओं की रफ्तार करीब 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच गई। इसके बाद कई क्षेत्रों में बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं और बारिश के कारण ग्रामीण इलाकों में अफरा-तफरी का माहौल रहा। बिजली के तारों और अन्य विद्युत उपकरणों पर भी इसका असर पड़ा। कई इलाकों में रात के समय घंटों बिजली आपूर्ति बाधित रही।
रात में करीब 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। पिछले दो दिनों से लगातार हो रही बारिश के कारण पहले से ही जमीन में नमी और कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति बनी हुई थी। ऐसे में तेज बारिश और हवा ने कई कमजोर निर्माणों को नुकसान पहुंचाया।
भिडिऊरा में खपरैल की बैठका गिरी
ज्ञानपुर क्षेत्र के भिडिऊरा गांव निवासी प्रमोद दूबे की खपरैल की बैठका मंगलवार रात बारिश के दौरान अचानक गिर गई। बताया गया कि बैठका करीब 30 वर्ष पुरानी थी और ईंट तथा कच्चे गारे से बनी हुई थी।
बैठका गिरने से उसमें रखा गृहस्थी का सामान मलबे में दब गया। प्रमोद दूबे के अनुसार, मलबे में करीब पांच क्विंटल आलू, एक-एक क्विंटल गेहूं और चावल समेत अन्य सामान दब गया। अचानक हुए हादसे से परिवार के सामने आर्थिक नुकसान की स्थिति पैदा हो गई।
सीतामढ़ी श्मशान घाट की चहारदीवारी ढही
सीतामढ़ी स्थित श्मशान घाट के अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी भी लगातार बारिश के चलते भरभराकर गिर गई। ग्रामीणों के मुताबिक, बारिश के पानी और मिट्टी के बढ़ते दबाव के कारण दीवार कमजोर हो गई थी। मंगलवार रात अचानक चहारदीवारी का एक हिस्सा ढह गया।
अन्त्येष्टि स्थल की बाउंड्री के अंदर पश्चिम दिशा में बने दो कमरों पर भी खतरा मंडरा रहा है। इन कमरों के आसपास बारिश का पानी और मिट्टी का दबाव बढ़ने से ग्रामीणों को इनके भी क्षतिग्रस्त होने की आशंका है।
ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से मौके का निरीक्षण कर क्षतिग्रस्त चहारदीवारी की मरम्मत कराने और खतरे वाले हिस्से को सुरक्षित कराने की मांग की है।
जोरई में घर की चहारदीवारी गिरी
बारिश का असर जोरई गांव में भी देखने को मिला। गांव निवासी अनिल यादव के घर की चहारदीवारी बारिश के कारण गिर गई। गनीमत रही कि हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।
लगातार बारिश के कारण ग्रामीण क्षेत्रों में मिट्टी के मकानों, पुरानी दीवारों और कमजोर निर्माण वाले भवनों पर खतरा बढ़ गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि बारिश का सिलसिला जारी रहा तो अन्य कमजोर निर्माण भी गिर सकते हैं।
कीचड़ में तब्दील हुए गांव के रास्ते
बीते दो दिनों से हो रही झमाझम बारिश के कारण गांवों के पगडंडी और कच्चे रास्ते कीचड़ में तब्दील हो गए हैं। इससे ग्रामीणों को आवागमन में काफी परेशानी हो रही है। कई स्थानों पर जलभराव की स्थिति भी बनी हुई है।
बारिश के कारण खेतों में भी नमी बढ़ गई है। किसानों के लिए बारिश को लेकर जहां मौसम अनुकूल माना जा रहा है, वहीं लगातार बारिश से कुछ निचले इलाकों में जलभराव की समस्या भी बढ़ रही है।
बुधवार को साफ रहा मौसम
मंगलवार रात तेज आंधी और बारिश के बाद बुधवार को मौसम अपेक्षाकृत साफ रहा। हालांकि आसमान में बादल छाए रहे और धूप का असर कम दिखाई दिया। कृषि विज्ञान केंद्र बेजवां के प्रभारी डॉ. अजीत चतुर्वेदी ने बताया कि बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
मुख्य बिंदु
- मंगलवार देर रात करीब 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चली आंधी।
- रात में करीब 10 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई।
- भिडिऊरा में खपरैल की बैठका गिरने से अनाज और गृहस्थी का सामान दबा।
- सीतामढ़ी अन्त्येष्टि स्थल की चहारदीवारी बारिश के कारण ढही।
- जोरई गांव में भी घर की चहारदीवारी गिरी।
- तेज हवा के कारण कई घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही।
- बारिश के कारण गांवों के पगडंडी मार्ग कीचड़ से सन गए।
- बुधवार को अधिकतम तापमान 32 और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज हुआ।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।