फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र से MBBS दाखिला कराने वाला आरोपी गिरफ्तार

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फर्जी स्वतंत्रता सेनानी प्रमाण पत्र से MBBS में दाखिला, वांछित आरोपी बहराइच से गिरफ्तार

ज्ञानपुर। फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार कर MBBS में दाखिला कराने और सरकारी नौकरियों में चयन दिलाने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के खिलाफ भदोही पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने मामले में लंबे समय से फरार चल रहे वांछित आरोपी दिनेश कुमार शर्मा निवासी रामगांव, नौतला, बहराइच को बहराइच से गिरफ्तार कर लिया है।

पुलिस के मुताबिक, आरोपी को नंदा इंस्टीट्यूट गेस्टहाउस, ग्राम सोहरवा, बहराइच से गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई स्वाट टीम ने मुखबिर की सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से की। गिरफ्तार आरोपी के पास से एक लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं।

प्रमाण पत्रों पर संदेह के बाद शुरू हुई थी जांच

मामले की शुरुआत 20 सितंबर 2025 को ज्ञानपुर कोतवाली में दर्ज शिकायत से हुई थी। औराई कोतवाली क्षेत्र के खमरिया निवासी शाहिद अली ने कुछ प्रमाण पत्रों की वैधता पर संदेह जताते हुए पुलिस से शिकायत की थी।

शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने दस्तावेजों की जांच शुरू की। जांच आगे बढ़ने पर फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने और उनका इस्तेमाल कराने वाले एक संगठित गिरोह का मामला सामने आया।

गिरोह के दो सदस्य पहले ही हो चुके हैं गिरफ्तार

जांच के दौरान पुलिस ने गिरोह के सरगना संजय दुबे निवासी जासा, विंध्याचल, मिर्जापुर और गिरोह के सदस्य शुभम सिंह निवासी जिगना, मिर्जापुर को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। वहीं दिनेश कुमार शर्मा पुलिस की गिरफ्त से बाहर था।

पुलिस लगातार उसकी तलाश में जुटी थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के आधार पर उसकी लोकेशन बहराइच में मिली। इसके बाद टीम ने कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया।

MBBS दाखिले से लेकर सरकारी भर्ती तक फर्जीवाड़ा

पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने बताया कि गिरोह फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र तैयार करता था। इन प्रमाण पत्रों का इस्तेमाल MBBS परीक्षा में चयन और विभिन्न सरकारी भर्तियों में लाभ लेने के लिए किया जाता था।

पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गिरोह ने कितने लोगों को फर्जी प्रमाण पत्र उपलब्ध कराए और इनके जरिए कितने अभ्यर्थियों ने दाखिला या सरकारी नौकरी में लाभ लेने का प्रयास किया।

पुलिस भर्ती-2023 में भी सामने आया था नाम

पुलिस के अनुसार, आरोपी दिनेश कुमार शर्मा का नाम पहले भी फर्जी प्रमाण पत्र से जुड़े मामले में सामने आ चुका है। गिरोह ने पुलिस सीधी भर्ती-2023 में भी फर्जी स्वतंत्रता संग्राम सेनानी प्रमाण पत्र का इस्तेमाल किया था।

इस मामले में भदोही पुलिस ने दिनेश समेत गिरोह के सात सदस्यों को गिरफ्तार किया था। पुलिस का कहना है कि आरोपी पहले भी इसी तरह के फर्जी प्रमाण पत्र मामले में गिरफ्तार हो चुका है। आरोप है कि बाहर आने के बाद वह दोबारा इसी गतिविधि में शामिल हो गया।

लैपटॉप और मोबाइल की जांच से खुल सकते हैं राज

गिरफ्तारी के दौरान बरामद लैपटॉप और तीन मोबाइल फोन पुलिस के लिए अहम साक्ष्य माने जा रहे हैं। पुलिस इन उपकरणों की जांच के जरिए फर्जी प्रमाण पत्र तैयार करने, ग्राहकों से संपर्क और पैसों के लेनदेन से जुड़े नेटवर्क की जानकारी जुटा सकती है।

फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर गिरोह के अन्य सदस्यों और फर्जी प्रमाण पत्र के जरिए लाभ लेने वाले लोगों के संबंध में जानकारी जुटा रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच के आधार पर की जाएगी।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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