गोल्डन जुबली इंडिया कारपेट एक्सपो चार दिन का होगा, गुरुवार से शुरू होगी स्टॉल बुकिंग
भदोही। कालीन नगरी भदोही में आगामी अक्तूबर में आयोजित होने वाला 50वां गोल्डन जुबली इंडिया कारपेट एक्सपो इस बार तीन नहीं बल्कि चार दिनों तक चलेगा। कालीन निर्यात संवर्धन परिषद (सीईपीसी) की प्रशासनिक समिति की मंगलवार को हुई बैठक में एक्सपो की अवधि को लेकर अंतिम निर्णय लिया गया। वहीं, अंतरराष्ट्रीय कालीन मेले के लिए स्टॉलों की बुकिंग गुरुवार से शुरू होगी।
50वें संस्करण को ऐतिहासिक और भव्य बनाने के लिए सीईपीसी की ओर से कई स्तरों पर तैयारियां की जा रही हैं। एक्सपो में देश-विदेश के कालीन खरीदारों, एजेंटों, आर्किटेक्ट्स, इंटीरियर डिजाइनरों, भारतीय कालीन निर्माताओं और निर्यातकों को एक मंच पर लाने की तैयारी है। इससे भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों के लिए नए अंतरराष्ट्रीय बाजार तलाशने और विदेशी खरीदारों के साथ दीर्घकालीन कारोबारी संबंध स्थापित करने का अवसर मिलेगा।
पांच दशक से भारतीय कालीन उद्योग का प्रमुख मंच
गोल्डन जुबली इंडिया कारपेट एक्सपो पिछले पांच दशकों से भारतीय हस्तनिर्मित कालीन उद्योग को वैश्विक बाजार से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। भदोही और आसपास के क्षेत्रों में तैयार होने वाले हस्तनिर्मित कालीनों की गुणवत्ता, पारंपरिक बुनाई कला और आधुनिक डिजाइन को विदेशी बाजारों तक पहुंचाने में यह आयोजन अहम माना जाता है।
एक्सपो के माध्यम से विदेशी खरीदारों को भारतीय कालीन निर्माताओं और निर्यातकों से सीधे संवाद करने तथा अपनी जरूरत के अनुसार उत्पादों की तलाश करने का अवसर मिलता है। वहीं, भारतीय निर्यातकों को भी नए बाजार और नए खरीदार तलाशने का मंच उपलब्ध होता है।
50वें संस्करण को खास बनाने की तैयारी
इस बार एक्सपो का 50वां संस्करण होने के कारण सीईपीसी इसे विशेष रूप से महत्वपूर्ण मान रही है। मंगलवार को हुई प्रशासनिक समिति की बैठक में आयोजन को यादगार बनाने के लिए विभिन्न बिंदुओं पर चर्चा की गई और कई निर्णय लिए गए।
परिषद का प्रयास है कि गोल्डन जुबली एक्सपो में अधिक से अधिक विदेशी खरीदारों की भागीदारी सुनिश्चित की जाए, जिससे भारतीय कालीन उद्योग को वैश्विक स्तर पर और मजबूत बाजार मिल सके।
ब्रिक्स देशों के साथ व्यापार बढ़ाने पर जोर
सीईपीसी के चेयरमैन कैप्टन मुकेश कुमार गोम्बर ने कहा कि इस बार एक्सपो में ब्रिक्स देशों के साथ व्यापारिक संबंधों को विशेष बढ़ावा दिया जाएगा। भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता को देखते हुए परिषद ने इन देशों के खरीदारों को भारतीय कालीन उद्योग से जोड़ने पर विशेष ध्यान देने का निर्णय लिया है।
इस पहल का उद्देश्य ब्रिक्स देशों की अर्थव्यवस्थाओं के बीच व्यापार और बिजनेस-टू-बिजनेस कनेक्टिविटी को मजबूत करना है। ब्राजील, रूस, चीन, यूएई, दक्षिण अफ्रीका, मिस्र और सऊदी अरब समेत अन्य देशों के खरीदारों को भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों से जोड़ने की योजना है।
नए खरीदार और नए बाजार तलाशने का अवसर
ब्रिक्स देशों के खरीदारों की भागीदारी बढ़ने से भारतीय कालीन निर्यातकों को नए बाजारों तक पहुंच बनाने में मदद मिल सकती है। विदेशी खरीदार भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों के नए डिजाइन और उत्पादों को देखने के साथ ही अपनी जरूरत के अनुसार नए सोर्स तलाश सकेंगे।
सीईपीसी का मानना है कि इससे भारतीय कालीनों के निर्यात को बढ़ावा मिलने के साथ ही भदोही के कालीन उद्योग को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर और मजबूती मिलेगी।
सुझावों के आधार पर चार दिन का आयोजन
सीईपीसी के उपाध्यक्ष असलम महबूब ने बताया कि एक्सपो को तीन अथवा चार दिन आयोजित करने को लेकर उद्योग से जुड़े लोगों और हितधारकों से सुझाव मांगे गए थे। प्राप्त सुझावों को ध्यान में रखते हुए एक्सपो को चार दिन का करने का फैसला लिया गया है।
उन्होंने बताया कि एक्सपो में भाग लेने वाले निर्यातकों को भारत सरकार के वाणिज्य मंत्रालय की ओर से सब्सिडी भी प्रदान की जाएगी। इससे अधिक से अधिक निर्यातकों की भागीदारी सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।
लाखों बुनकरों और कारीगरों की आजीविका से जुड़ा आयोजन
कारपेट एक्सपो केवल व्यापारिक आयोजन नहीं है, बल्कि इससे कालीन उद्योग से जुड़े लाखों बुनकरों, कारीगरों और अन्य लोगों की आजीविका भी जुड़ी हुई है। भदोही समेत पूर्वांचल के कई क्षेत्रों में कालीन उद्योग बड़ी संख्या में लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार उपलब्ध कराता है।
ऐसे में 50वें गोल्डन जुबली इंडिया कारपेट एक्सपो से उद्योग को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। विदेशी खरीदारों की बढ़ती भागीदारी से निर्यातकों को नए ऑर्डर मिलने और भारतीय हस्तनिर्मित कालीनों की वैश्विक मांग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
गुरुवार से स्टॉलों की बुकिंग
सीईपीसी की ओर से एक्सपो के लिए स्टॉल बुकिंग प्रक्रिया गुरुवार से शुरू की जाएगी। आयोजन में शामिल होने के इच्छुक निर्यातकों के लिए स्टॉल बुकिंग को लेकर आवश्यक प्रक्रिया और दिशा-निर्देश परिषद की ओर से जारी किए जाएंगे।
50वें संस्करण के चार दिवसीय आयोजन और ब्रिक्स देशों पर विशेष फोकस के कारण इस बार का कारपेट एक्सपो भदोही के कालीन उद्योग के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

