मुंबई से भदोही लौटना हुआ मुश्किल, 60 दिनों तक सभी ट्रेनों में बर्थ फुल

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मुंबई से भदोही लौटना हुआ मुश्किल, 60 दिनों तक सभी ट्रेनों में बर्थ फुल

भदोही।
गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए मुंबई से भदोही आने वाले यात्रियों की मुश्किलें अभी से बढ़ने लगी हैं। मुंबई से भदोही लौटने वाली ट्रेनों में आरक्षण के लिए मारामारी की स्थिति है। आज की तारीख से आने वाले पूरे 60 दिनों तक एलटीटी (लोकमान्य तिलक टर्मिनस) से भदोही की ओर चलने वाली किसी भी ट्रेन में एक भी बर्थ खाली नहीं है।

रेलवे की ओर से वर्तमान में केवल 60 दिन पहले तक ही आरक्षण की सुविधा दी जा रही है। यात्रियों का कहना है कि जब पहले चार महीने पहले तक आरक्षण होता था, तब भी मुंबई–भदोही रूट पर ट्रेनों में बर्थ मिलना आसान नहीं होता था। अब आरक्षण अवधि घटने से समस्या और गंभीर हो गई है।

भदोही–जंघई रेलमार्ग पर मुंबई रूट को सबसे व्यस्त मार्गों में गिना जाता है। बड़ी संख्या में प्रवासी मजदूर और नौकरीपेशा लोग इसी रूट से आवागमन करते हैं। यात्रियों का कहना है कि पहले जब ये ट्रेनें वाराणसी से चलती थीं, तब बर्थ मिलने की संभावना बनी रहती थी, लेकिन अब अधिकांश ट्रेनें बलिया और गोरखपुर से संचालित की जा रही हैं। इससे मुंबई स्टेशन पर ही कुछ ही मिनटों में ट्रेनें फुल हो जा रही हैं।

मौजूदा स्थिति में भदोही से गुजरने वाली प्रमुख तीनों ट्रेनें पूरी तरह हाउसफुल हैं। इनमें

  • 15017 एलटीटी–गोरखपुर काशी एक्सप्रेस,

  • 11071 एलटीटी–बलिया कामायनी एक्सप्रेस,

  • 12165 एलटीटी–गोरखपुर रत्नागिरी एक्सप्रेस

में आज से लेकर अगले 60 दिनों तक लौटने के लिए एक भी बर्थ उपलब्ध नहीं है।

यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि गर्मी की छुट्टियों को देखते हुए इस रूट पर अतिरिक्त ट्रेनें या अतिरिक्त कोच लगाए जाएं, ताकि आम लोगों को राहत मिल सके।

रेलवे सूत्रों के अनुसार मुंबई रूट पर ट्रेनों की संख्या सीमित होने और यात्रियों की लगातार बढ़ती संख्या के कारण यह समस्या हर साल गर्मियों में और गंभीर हो जाती है। खासकर भदोही, मिर्जापुर, जौनपुर और वाराणसी मंडल से जुड़े यात्रियों का दबाव एक साथ बढ़ जाता है, जिससे आरक्षण खुलते ही कुछ ही मिनटों में सभी सीटें भर जाती हैं।

यात्रियों का कहना है कि तत्काल टिकट भी कुछ सेकेंड में खत्म हो जा रहा है। ऑनलाइन टिकट बुकिंग करने वाले यात्रियों को बार-बार वेटिंग लिस्ट का सामना करना पड़ रहा है, जबकि काउंटर से टिकट लेने वालों को निराश होकर लौटना पड़ रहा है। मजबूरी में कई यात्री प्रीमियम किराया देकर अन्य रूटों से घूमकर आने को विवश हैं।

प्रवासी मजदूरों और निजी कंपनियों में काम करने वाले कर्मचारियों के लिए यह स्थिति और भी परेशानी भरी है। छुट्टी सीमित होने के कारण वे यात्रा टाल नहीं सकते, लेकिन टिकट न मिलने से उनकी नौकरी और कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। कई यात्रियों ने बताया कि वे मजबूरन बस या अन्य साधनों से यात्रा की योजना बना रहे हैं, जो समय और खर्च दोनों बढ़ा रहा है।

स्थानीय सामाजिक संगठनों और यात्रियों ने रेलवे प्रशासन से मांग की है कि

  • मुंबई–पूर्वांचल रूट पर ग्रीष्मकालीन स्पेशल ट्रेनें चलाई जाएं,

  • मौजूदा ट्रेनों में अतिरिक्त स्लीपर और एसी कोच जोड़े जाएं,

  • और भदोही-जंघई रेलखंड से गुजरने वाली ट्रेनों की संख्या बढ़ाई जाए

यदि समय रहते रेलवे ने ठोस कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में हालात और बिगड़ सकते हैं तथा यात्रियों की परेशानी चरम पर पहुंच सकती है।

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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