9 महीने में 2500 पढ़े-लिखे लोग बने साइबर ठगी का शिकार, 4.93 करोड़ उड़ाए

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9 महीने में 2500 पढ़े-लिखे लोग साइबर ठगों के शिकार, 4.93 करोड़ की ठगी

बीएड–बी.कॉम डिग्रीधारी भी फंसे, शेयर मार्केट निवेश बना सबसे बड़ा जाल

ज्ञानपुर।
जनपद में परंपरागत अपराधों पर भले ही पुलिस का शिकंजा कसता नजर आ रहा हो, लेकिन साइबर अपराध पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बनकर उभरा है। बीते नौ महीनों में साइबर ठगों ने 2500 से अधिक लोगों को निशाना बनाकर करीब 4.93 करोड़ रुपये की ठगी कर ली है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि ठगी के शिकार होने वालों में उच्च शिक्षित, नौकरीपेशा और व्यवसाय से जुड़े लोग भी बड़ी संख्या में शामिल हैं।

पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक अप्रैल 2025 से जनवरी 2026 के बीच जनपद में साइबर ठगी के मामलों में लगातार इजाफा हुआ है। ठगों ने आधुनिक तकनीक और सोशल मीडिया का सहारा लेकर लोगों को जाल में फंसाया।

पढ़े-लिखे लोग भी नहीं बच पाए

साइबर सेल के अधिकारियों के अनुसार, ठगी का शिकार होने वालों में बीएड, बी.कॉम, एमए, एमबीए और तकनीकी डिग्रीधारी भी शामिल हैं। लालच, जल्द अमीर बनने की चाह और ऑनलाइन निवेश की अधूरी जानकारी साइबर अपराधियों के लिए सबसे बड़ा हथियार बन गई है।

30% मामलों में ही मिली राहत

हालांकि पुलिस की सक्रियता से करीब 30 फीसदी मामलों में पीड़ितों की रकम वापस कराई जा चुकी है, लेकिन 70 फीसदी पीड़ित अभी भी न्याय की आस में भटक रहे हैं। कई मामलों में देर से शिकायत करने के कारण रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर हो चुकी होती है, जिससे रिकवरी मुश्किल हो जाती है।

शेयर मार्केट निवेश बना ठगी का सबसे बड़ा जरिया

पुलिस के अनुसार जनपद में दर्ज साइबर ठगी के मामलों में से करीब 70 फीसदी केस शेयर मार्केट, क्रिप्टो और ऑनलाइन ट्रेडिंग में निवेश से जुड़े हैं। ठग व्हाट्सएप और टेलीग्राम ग्रुप बनाकर खुद को निवेश विशेषज्ञ बताते हैं और कुछ दिनों में मुनाफा दिखाकर लोगों से बड़ी रकम निवेश करा लेते हैं।

इन नए तरीकों से ठग रहे साइबर अपराधी

पुलिस ने साइबर ठगी के सामने आए प्रमुख तरीकों को चिन्हित किया है—

  • डिजिटल अरेस्ट और सीबीआई/ईडी का डर दिखाकर

  • व्हाट्सएप पर रिश्तेदार या अधिकारी की डीपी लगाकर

  • सोशल मीडिया पर दोस्ती कर इमोशनल ब्लैकमेल

  • बिजली बिल, केवाईसी अपडेट के नाम पर ओटीपी मांगना

  • विदेश से आए पार्सल के पकड़े जाने का झांसा

  • निजी फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर युवाओं से उगाही

केस–1 : फ्रेंचाइजी के नाम पर सात लाख की ठगी

ऊंज निवासी आशुतोष सिंह को एक नामी फर्म की फ्रेंचाइजी दिलाने का झांसा देकर साइबर ठगों ने सात लाख रुपये ठग लिए। पीड़ित द्वारा साइबर क्राइम सेल में शिकायत करने के बाद एक महीने की जांच में पुलिस ने छह लाख रुपये वापस कराने में सफलता पाई। यह मामला पुलिस के लिए एक मिसाल भी बना।

पुलिस कर रही जागरूकता अभियान

साइबर अपराध पर लगाम लगाने के लिए पुलिस गांव-गांव और कस्बों में साइबर जागरूकता अभियान चला रही है। स्कूलों, कॉलेजों और पंचायत स्तर पर लोगों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपाय बताए जा रहे हैं।

कैसे बचें साइबर ठगी से

पुलिस ने लोगों से अपील की है कि—

  • किसी अनजान लिंक पर क्लिक न करें

  • ओटीपी, बैंक डिटेल या पिन किसी से साझा न करें

  • सोशल मीडिया पर निवेश के झांसे से बचें

  • ठगी की आशंका होते ही 1930 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें

  • तुरंत cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं

Ashu Jha : Bharat Kranti News
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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