एनओसी के फेर में फंसा जिला अस्पताल का फायर हाइड्रेंट सिस्टम
ज्ञानपुर: महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में दो साल पहले शुरू हुआ फायर हाइड्रेंट सिस्टम अब 98 प्रतिशत पूरा हो चुका है, लेकिन अग्निशमन विभाग से एनओसी नहीं मिलने के कारण इसका संचालन शुरू नहीं हो सका है। यह 1.20 करोड़ रुपये का महत्त्वपूर्ण प्रोजेक्ट है, जिसे आगजनी जैसी आपात स्थिति में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा के लिए स्थापित किया गया है।
धुआं उठते ही सेंसर सक्रिय, सायरन से स्वास्थ्यकर्मी अलर्ट
अस्पताल परिसर में किसी भी ब्लॉक में धुआं उठते ही सेंसर सक्रिय हो जाएंगे और अलर्ट सायरन बजेगा। इससे अस्पताल के कर्मचारी तुरंत सुरक्षा मोड में आ जाएंगे। फायर हाइड्रेंट सिस्टम के पाइपों से पानी के फुहारे आग की लपटों पर सीधे गिरेंगे, जिससे आग पर तुंरत काबू पाया जा सकेगा।
सिस्टम को विशेष रूप से ओपीडी भवन, इमरजेंसी, ब्लड बैंक, एनआरसी, लेबर कक्ष, ऑपरेशन थिएटर, लैब और एक्स-रे कक्ष जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में लगाया गया है। जिला अस्पताल में रोजाना लगभग 1,000 मरीज ओपीडी में आते हैं और तीन से चार हजार मरीजों की भीड़ रहती है।
प्रोजेक्ट का इतिहास और बजट
फायर हाइड्रेंट सिस्टम का काम जनवरी 2024 में शुरू हुआ था। जून 2025 तक इसे हैंडओवर करने की डेडलाइन थी, लेकिन बजट समय पर न मिलने के कारण स्वास्थ्य विभाग ने डेडलाइन को 31 दिसंबर 2025 तक बढ़ा दिया। हालांकि, इस तिथि से पहले ही सिस्टम बनकर तैयार हो गया, लेकिन अग्निशमन विभाग की एनओसी न मिलने के कारण प्रोजेक्ट का हैंडओवर अभी तक नहीं हुआ।
प्रशिक्षण और संचालन
अग्निशमन विभाग के निर्देशानुसार जिला अस्पताल के छह चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण में उन्हें बताया जाएगा कि आग लगने की स्थिति में किस तरह सिस्टम को चालू करना है, आग पर काबू कैसे पाया जाएगा और अस्पताल में मरीजों और स्टाफ की सुरक्षा कैसे सुनिश्चित की जाएगी।
सिस्टम के संचालन के लिए एक लाख लीटर पानी की टंकी का निर्माण किया गया है, जो हमेशा संरक्षित रहेगा। प्रशिक्षण में पूरा सिस्टम ऑन करके दिखाया जाएगा ताकि कर्मचारियों को वास्तविक परिस्थितियों का अनुभव हो।
विशेषज्ञों की समीक्षा और अगली प्रक्रिया
सीएफओ ने जिला अस्पताल का निरीक्षण कर लिया है। डॉ. अजय तिवारी, सीएमएस जिला अस्पताल ने बताया:
“अग्निशमन विभाग से एनओसी जारी होते ही फायर हाइड्रेंट सिस्टम का हैंडओवर लिया जाएगा। आगजनी की स्थिति में यह सिस्टम अत्यंत प्रभावशाली साबित होगा और मरीजों तथा स्टाफ की सुरक्षा सुनिश्चित करेगा।”
सुरक्षा के महत्व पर जोर
देश के कई अस्पतालों में आग लगने की घटनाओं में मरीजों की मौतें हुई हैं। ऐसे हादसों को रोकने के लिए शासन की ओर से अस्पतालों में बचाव और सुरक्षा प्रणाली स्थापित करने पर जोर दिया जा रहा है। महाराजा चेतसिंह जिला चिकित्सालय में स्थापित यह फायर हाइड्रेंट सिस्टम भी इसी पहल का हिस्सा है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
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