60 विद्यालय परीक्षा केंद्र की रेस से बाहर — बोर्ड मानकों पर फेल

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60 विद्यालय होंगे बाहर, सिर्फ 100 स्कूल बनेंगे परीक्षा केंद्र — बोर्ड परीक्षा पर तैयारी की कसौटी कड़ी, भदोही में सबसे ज्यादा स्कूल फेल

ज्ञानपुर/भदोही। बोर्ड परीक्षा 2026 की तैयारियों के बीच जिले के शिक्षा तंत्र में बड़ा बदलाव सामने आया है। 60 वित्तविहीन विद्यालयों को परीक्षा केंद्र बनने की अनुमति नहीं मिलेगी, क्योंकि ये विद्यालय माध्यमिक शिक्षा परिषद के निर्धारित मानकों को पूरा नहीं कर सके।
सत्यापन टीमों के अनुसार इन विद्यालयों में — सीसीटीवी, स्ट्रांग रूम, इंटरनेट, पर्याप्त कक्ष, स्वच्छ शौचालय, फर्नीचर और चहारदीवारी जैसी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध नहीं पाई गईं।

 पहले 33 राजकीय विद्यालय, अब 60 निजी विद्यालय भी सूची से बाहर

प्रशासन ने नियमों के पालन को लेकर इस बार ज़ीरो टॉलरेंस नीति अपनाई है।
🔹 पहले ही 33 राजकीय विद्यालय अनिवार्य सुविधाओं के अभाव में चयन से बाहर हो चुके थे।
🔹 अब 60 वित्तविहीन विद्यालय भी कैंसिल कर दिए गए हैं।
इस प्रकार कुल 93 विद्यालय परीक्षा केंद्र सूची से बाहर हो चुके हैं।

 तीन तहसीलों में स्थिति — भदोही सबसे कमजोर

तहसील कुल विद्यालय सुविधाएं नहीं पूरी प्रतिशत
भदोही 72 39 54%
ज्ञानपुर 80 15 19%
औराई 45 7 15%

भदोही तहसील के 50% से ज्यादा गैर-सरकारी विद्यालय परीक्षा केंद्र बनने लायक नहीं पाए गए।


पूरे मामले की टाइमलाइन

तिथि प्रक्रिया
10 नवंबर विद्यालयों से केंद्र आवेदन की अंतिम तिथि
11–23 नवंबर तीनों तहसीलों में DM के आदेश पर भौतिक सत्यापन
24 नवंबर 110 विद्यालयों की रिपोर्ट वेबसाइट पर अपलोड
30 नवंबर परिषद द्वारा परीक्षा केंद्रों की ऑनलाइन घोषणा निर्धारित

 रिपोर्ट में मिली कमियों की सूची

सत्यापन के दौरान टीमों को विद्यालयों में निम्न खामियां प्रमुख रूप से मिलीं —

  • बिना चहारदीवारी परिसर

  • कक्षों की संख्या परीक्षा व्यवस्था के अनुपालन में कम

  • लड़कियों और लड़कों के लिए अलग शौचालय की कमी

  • टूटी या बिना कुर्सी-बेंच वाली कक्षाएं

  • सीसीटीवी एवं एक्टिवेशन की व्यवस्था नहीं

  • लोकर/स्ट्रांग रूम की अनुपस्थिति

  • इंटरनेट/राउटर की उपलब्धता नहीं


डीएम की सख्त नीति — क्यों बढ़ाई गई कठोरता?

पिछले वर्षों में कई जिलों में
🔹 पेपर लीक
🔹 नकल और नियंत्रण में कमी
🔹 कमजोर सुरक्षा व्यवस्था
जैसे मामलों ने बोर्ड को कड़े कदम उठाने पर मजबूर किया।
इसी कारण इस बार नकल रोकने के लिए हाई-स्टैंडर्ड सेफ्टी प्रोटोकॉल लागू किए गए हैं।


 जिला विद्यालय निरीक्षक अंशुमान का बयान

“परीक्षा केंद्रों को लेकर परिषद के मानक किसी भी स्थिति में शिथिल नहीं किए जाएंगे। छात्र-हित और नकलविहीन परीक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। जिन विद्यालयों में व्यवस्था है, केवल वही परीक्षा केंद्र बनेंगे।”


 इसका सीधा प्रभाव — छात्रों को लाभ

✔ बेहतर सुरक्षा व्यवस्था
✔ स्वच्छता और बुनियादी सुविधाएं
✔ नकलमुक्त और निष्पक्ष परीक्षा वातावरण

केंद्रों का निर्धारण 30 नवंबर तक ऑनलाइन जारी किया जाएगा, जिसके बाद विद्यालयों को परीक्षा की तैयारी शुरू करने के निर्देश भेजे जाएंगे।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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