नो इंट्री में घुसा भारी वाहन, भदोही में घंटों जाम; ट्रैफिक व्यवस्था पर उठे सवाल
भदोही। शहर में जाम की समस्या लगातार विकराल रूप लेती जा रही है। बृहस्पतिवार को एक बार फिर ट्रैफिक सिस्टम पूरी तरह ध्वस्त हो गया, जब नो इंट्री के बावजूद एक भारी ट्रक शहर में घुस आया और मेन रोड स्थित लिप्पन तिराहे पर लंबा जाम लग गया। लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ा और कई वाहन घंटों तक फंसे रहे।
शाम पांच बजे ट्रक ने तोड़ी नो इंट्री
आंखों देखा बयान के अनुसार शाम करीब 5 बजे एक ट्रक नियमों की अनदेखी करते हुए मेन रोड लिप्पन तिराहे के भीतर प्रवेश कर गया, जिसके बाद सड़क पर वाहनों की लंबी कतार लग गई। कार्यालय से लौट रहे कर्मचारी, स्कूली बच्चे और मरीज जाम में फंसकर घंटों परेशान होते रहे।
स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि
“पहले भी कई बार ऐसा हुआ है। ट्रक जैसे ही चौराहे में आता है, सड़क पूरी तरह ब्लॉक हो जाती है।”
पुलिस चौकियों की मौजूदगी पर भी सवाल
शहर के सभी प्रवेश बिंदुओं पर पुलिस की तैनाती होने के बावजूद भारी वाहन के अंदर आने पर लोग असंतुष्ट दिखाई दिए। कई लोगों ने सवाल उठाए कि
“जब हर एंट्री प्वाइंट पर पुलिस मौजूद है तो नो इंट्री के दौरान भारी वाहन कैसे गुजर जाता है?”
कई लोगों ने इसे चेकिंग की लापरवाही और नियमों के ढीले अनुपालन से जोड़ा।
भारी वाहनों से जकड़ रहा है भदोही
भदोही कालीन उद्योग का प्रमुख केंद्र होने के कारण
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प्रतिदिन बड़े पैमाने पर यार्न की सप्लाई शहर में आती है
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और तैयार कालीन अन्य राज्यों को भेजे जाते हैं
इस भारी आवाजाही को देखते हुए जिला प्रशासन ने सुबह 8 बजे से शाम 6 बजे तक भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध लगाया है। लेकिन वास्तविक धरातल पर यह व्यवस्था अधूरी और कमजोर साबित हो रही है।
कांग्रेस नेता हसनैन अंसारी का बयान
कांग्रेसी नेता हसनैन अंसारी ने इस मामले पर नाराजगी जताते हुए कहा—
“लिप्पन तिराहा और पकरी तिराहे पर पहले से ही जाम की समस्या है। नो इंट्री का पालन सख्ती से किया गया तो काफी हद तक समस्या पर नियंत्रण मिल सकता है। लेकिन भारी वाहनों को अक्सर अंदर आने दिया जाता है, जिससे यातायात पूरी तरह बिगड़ जाता है।”
उन्होंने यातायात प्रभारी से सख्त कार्रवाई और निगरानी बढ़ाने की मांग की।
जनता की प्रतिक्रियाएँ
राहगीरों और व्यापारियों ने सोशल मीडिया पर भी गुस्सा जताया। कुछ प्रमुख प्रतिक्रियाएँ —
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“पुलिस का काम सिर्फ चालान करना नहीं, ट्रैफिक संभालना भी है।”
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“कई बार शिकायतें कीं, लेकिन कार्रवाई नजर नहीं आती।”
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“जाम में एंबुलेंस और स्कूल बसें तक फंस जाती हैं, ये बहुत बड़ा जोखिम है।”
समाधान की जरूरत — सुझाव
विशेषज्ञों और नागरिकों ने प्रशासन के लिए कुछ सुझाव भी दिए:
नो इंट्री अवधि में सख्त चेकिंग और तकनीकी निगरानी
शहर के बाहर अस्थायी पार्किंग ज़ोन
ट्रक ड्राइवरों के लिए GPS रूट गाइडलाइन
चौराहों पर ट्रैफिक जवानों की संख्या बढ़ाना
निष्कर्ष
नो इंट्री का पालन यदि कड़ाई और तकनीकी निगरानी के साथ कराया जाए, तो भदोही में जाम की बड़ी समस्या काफी हद तक खत्म हो सकती है। फिलहाल शहर की ट्रैफिक व्यवस्था दबाव में है और प्रशासनिक सख्ती की तुरंत जरूरत है।
Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News
Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।



