मेरठ का नंगली किठौर गांव बना नशामुक्त, दिखाया देश को नया उदाहरण

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

मेरठ का नंगली किठौर गांव बना नशामुक्त आदर्श: एक गांव ने दिखाई देश को राह

मेरठ, रामबाबू मित्तल: उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले का नंगली किठौर गांव अब पूरे प्रदेश और देश के लिए प्रेरणा बन गया है। यह गांव न केवल नशामुक्त घोषित हुआ है, बल्कि सामाजिक अनुशासन, स्वस्थ जीवनशैली और स्वच्छ राजनीति के लिए उदाहरण भी पेश कर रहा है।

“नशा करना अपराध, बेचना उससे बड़ा जुर्म” – गांव की नई पहचान

महिला ग्राम प्रधान ब्रजबाला और उनके बेटे विनय कुमार की पहल ने गांव के लोगों में नशामुक्ति के प्रति जागरूकता पैदा की।

  • नशा करने वालों पर 1-200 रुपये का जुर्माना

  • नशा बेचने वालों पर 200-500 रुपये का जुर्माना

  • अब तक वसूले गए 30,000 रुपये गांव के विकास कार्यों में खर्च


अनोखी पहल की शुरुआत

गांव में 2021 में नई ग्राम प्रधान ब्रजबाला के पद संभालने के बाद यह मुहिम शुरू हुई।

  • हर घर जाकर जागरूकता अभियान

  • बच्चों और युवाओं के माध्यम से नशे के दुष्परिणामों के वीडियो और नुक्कड़ नाटक

  • आयुष्मान आरोग्य केंद्र और आशा वर्कर्स का सहयोग

सरकारी और प्रशासनिक समर्थन

  • स्वास्थ्य विभाग, सीडीओ, सीएमओ, डीपीआरओ और पुलिस प्रशासन ने मुहिम में सहयोग दिया

  • ग्राम प्रधान को कानूनी अधिकार मिले तंबाकू उत्पाद बेचने वालों पर जुर्माना लगाने के लिए

  • सीएमओ डॉ. अशोक कटारिया: “नंगली किठौर प्रदेश का पहला पूरी तरह नशामुक्त गांव है।”


गांव की नई संरचना और नियम

  • हर गली-मोहल्ले में नशा विरोधी पोस्टर और चेतावनी

  • सीसीटीवी कैमरे: गांव के अंदर और बाहर

  • होली के अवसर पर प्रतीकात्मक रूप से शराब, सिगरेट, बीड़ी और गुटखा का दहन

  • युवाओं और दुकानदारों ने शपथ ली कि अब कोई नशे का सामान नहीं बेचेगा और नहीं सेवन करेगा


दुकानदारों की नई सोच

  • राकेश उर्फ पिंटू: “पहले मुनाफा होता था, अब समझ आया असली नुकसान क्या है।”

  • लियाकत अली, सुरेश चंद और अरविंद: शुरुआत में बिक्री घटने से दिक्कत हुई, लेकिन अब स्वस्थ माहौल और बेहतर आपसी संबंध सबसे बड़ा लाभ है।


शिक्षा और नशामुक्ति का संगम

  • गांव में लाइब्रेरी स्थापित, जहां बच्चे और युवा देर रात तक पढ़ाई करते हैं

  • 25 युवा सरकारी नौकरी पर, शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में सफलता

  • छात्रा मानसी: “जब समाज स्वस्थ होगा, बेटियां भी उड़ान भर सकेंगी।”


राजनीति में भी नई मिसाल

  • आगामी पंचायत चुनावों में शराब या दावत के माध्यम से वोट मांगना पूरी तरह प्रतिबंधित

  • यह नियम पूरे गांव ने स्वीकार कर लिया, जिससे स्वच्छ राजनीति का संदेश गया


नशामुक्ति का स्वास्थ्य पर असर

  • गले, फेफड़ों और दांतों की बीमारियों में 60% तक कमी

  • लोग सुबह सैर करने लगे, बच्चे खेल रहे हैं, महिलाएं पंचायत बैठकों में सक्रिय

  • आसपास के आधा दर्जन गांवों ने भी नशामुक्त अभियान शुरू किया


Quick Facts: नंगली किठौर

  • आबादी: लगभग 5,000

  • जुर्माना वसूली: 30,000+ रुपये

  • पहले तंबाकू सेवन करने वाले युवा: 35%

  • अब: शायद ही कोई सेवन करता हो


निष्कर्ष:
नंगली किठौर ने साबित कर दिया कि संकल्प, एकता और जागरूकता से नशे जैसी बुराई को मिटाया जा सकता है। यह गांव केवल नशामुक्त नहीं, बल्कि स्वस्थ जीवनशैली, शिक्षा और स्वच्छ राजनीति का आदर्श उदाहरण भी बन गया है।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles