उत्तराखंड में रेखा आर्या का ऐलान: दिवाली से पहले राशन विक्रेताओं को मिलेगा बकाया भुगतान, केंद्र ने जारी किए 27.93 करोड़ रुपये
देहरादून, राज्य ब्यूरो | Bharat Kranti News
उत्तराखंड सरकार ने राज्य के राशन विक्रेताओं के लिए राहत की घोषणा की है। खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री रेखा आर्या ने कहा कि दिवाली से पहले राशन विक्रेताओं को उनका बकाया भुगतान कर दिया जाएगा।
यह घोषणा ऐसे समय में आई है जब केंद्र सरकार ने राज्य को 27.93 करोड़ रुपये की सहायता राशि स्वीकृत की है। यह धनराशि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत राशन वितरण व्यवस्था को मजबूत करने के लिए दी गई है।
केंद्र से मिली सहायता का उद्देश्य
केंद्र सरकार ने यह राशि राज्य एजेंसियों को परिवहन लागत और फेयर प्राइस शॉप (FPS) डीलरों के मार्जिन को पूरा करने के लिए दी है।
केंद्र के उपभोक्ता मामले, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्रालय ने यह अनुदान वित्त वर्ष 2025-26 के लिए स्वीकृत किया है।
इसमें शामिल हैं:
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₹4.48 करोड़ — खाद्यान्न की ढुलाई हेतु
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₹21.68 करोड़ — डीलरों के बेसिक मार्जिन हेतु
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₹1.77 करोड़ — डीलरों के अतिरिक्त मार्जिन हेतु
यह पूरी राशि राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग के माध्यम से खर्च की जाएगी।
केंद्र ने दिए सख्त दिशा-निर्देश
केंद्र ने स्पष्ट किया है कि यह सहायता राशि केवल स्वीकृत कार्यों में ही उपयोग की जाए।
राज्य सरकार को प्रत्येक मद का वित्तीय लेखा-जोखा मंत्रालय को प्रस्तुत करना होगा।
साथ ही, भुगतान केवल पंजीकृत परिवहनकर्ताओं और फेयर प्राइस शॉप डीलर्स को ही किया जाएगा।
केंद्र का यह कदम देशभर में राशन वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और दक्षता लाने के उद्देश्य से उठाया गया है।
रेखा आर्या ने दिया आश्वासन
राज्य की खाद्य मंत्री रेखा आर्या ने कहा:
“प्रदेश को केंद्र से सहायता राशि प्राप्त हो चुकी है। विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि राज्य का अंश जोड़कर शीघ्र राशन विक्रेताओं को भुगतान किया जाए। हमारा प्रयास है कि दिवाली से पहले ही सभी विक्रेताओं के खातों में राशि पहुंच जाए।”
उन्होंने यह भी बताया कि विभाग बाकी बकाया राशि और भाड़े के भुगतान के लिए केंद्र से निरंतर संपर्क बनाए हुए है।
राशन विक्रेताओं के साथ हुई बैठक
रेखा आर्या ने हाल ही में विधानसभा भवन स्थित सभागार में राशन विक्रेताओं के संगठन के प्रतिनिधियों से मुलाकात की थी।
बैठक के दौरान विक्रेताओं ने अपने बकाया लाभांश और भाड़े के भुगतान में हो रही देरी को लेकर चिंता जताई थी।
इस पर मंत्री ने भरोसा दिलाया था कि त्योहार से पहले भुगतान प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी, और अब केंद्र से धनराशि मिलने के बाद यह वादा पूरा होता दिख रहा है।
सरकार का लक्ष्य: हर विक्रेता को समय पर भुगतान
राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि भविष्य में राशन विक्रेताओं को भुगतान में देरी नहीं होने दी जाएगी।
विभाग स्तर पर एक निगरानी प्रणाली (Monitoring System) भी बनाई जा रही है, ताकि सभी विक्रेताओं को समय पर उनका लाभांश और परिवहन खर्च मिल सके।
मुख्य तथ्य एक नजर में
| मद | राशि (रु. में) | उद्देश्य |
|---|---|---|
| खाद्यान्न ढुलाई | 4.48 करोड़ | परिवहन व्यय हेतु |
| बेसिक मार्जिन | 21.68 करोड़ | FPS डीलरों को भुगतान हेतु |
| अतिरिक्त मार्जिन | 1.77 करोड़ | अतिरिक्त लाभांश हेतु |
| कुल राशि | 27.93 करोड़ | राशन प्रणाली सुदृढ़ीकरण हेतु |
पृष्ठभूमि
राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत उत्तराखंड में करीब 14 लाख परिवारों को सस्ता राशन मिलता है।
राज्य में करीब 9,500 फेयर प्राइस शॉप्स संचालित हैं, जिनके माध्यम से हर माह जरूरतमंद परिवारों को खाद्यान्न उपलब्ध कराया जाता है।
कई महीनों से डीलर अपने बकाया भुगतान की मांग कर रहे थे। अब केंद्र की इस सहायता से उनकी लंबे समय से चली आ रही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है।
निष्कर्ष
केंद्र की ओर से 27.93 करोड़ रुपये की सहायता और राज्य सरकार के सक्रिय रुख के बाद अब यह तय है कि राशन विक्रेताओं को दिवाली से पहले भुगतान मिल जाएगा।
रेखा आर्या ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल भुगतान करना नहीं, बल्कि पूरी राशन प्रणाली को पारदर्शी, सक्षम और समयबद्ध बनाना है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

