नेपाल के विपिन जोशी की हमास कैद में मौत, 7 अक्टूबर की बहादुरी अब यादगार

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

विपिन जोशी की मौत: हमास की कैद में रहे एकमात्र हिन्दू बंधक की वीरता भी नहीं बचा पाई उनकी जान

तेल अवीव/काठमांडू: गाजा में इजरायल और हमास के बीच जारी तनाव के बीच नेपाल के रहने वाले विपिन जोशी की मौत की पुष्टि हुई है। विपिन जोशी, हमास की कैद में एकमात्र हिन्दू बंधक थे। 7 अक्टूबर 2023 को हुए हमास के हमले के दौरान उन्होंने अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाई थी।

हमले के दिन दिखी बहादुरी

विपिन जोशी उस दिन अलुमिम किबुत्ज़ में काम कर रहे थे। जब हमास के लड़ाके वहां पहुंचे, तो उन्होंने अपने साथियों की जान बचाने के लिए एक ग्रेनेड उठाया और उसे वापस फेंक दिया। इस बहादुरी के बाद विपिन को हमास के कब्जे में ले लिया गया।

उनके साथ काम करने वाले नेपाली छात्रों ने बताया कि विपिन ने डरने की बजाय अपने साथियों को बचाने का साहस दिखाया। इस घटना के बाद विपिन की कई वीडियो फुटेज भी सामने आई, जिनमें एक वीडियो में उन्हें गाजा के अस्पताल में देखा गया और एक वीडियो में वह अपना परिचय देते हुए नजर आए।

रिहाई की उम्मीद और परिवार की कोशिशें

पिछले महीने हमास ने बंधकों की तस्वीरें जारी की थीं, जिसमें विपिन जोशी भी नजर आए। यह नेपाल और इजरायल में उनके परिवार के लिए उम्मीद की किरण थी। अगस्त में विपिन की मां पद्मा और बहन पुष्पा इजरायल भी गई थीं और तेल अवीव में बंधकों की रिहाई के लिए आयोजित रैलियों में हिस्सा लिया था।

पद्मा जोशी ने बेन गुरियन एयरपोर्ट पर रोते हुए हमास से अपने बेटे की सुरक्षित वापसी की गुजारिश भी की थी। उनके परिवार ने लगातार विपिन की रिहाई के लिए कोशिशें कीं, लेकिन अब इस दुखद खबर ने परिवार पर दुखों का पहाड़ तोड़ दिया।

मौत की रहस्यपूर्ण स्थिति

बीबीसी और अलजजीरा की रिपोर्ट के मुताबिक, हमास ने विपिन जोशी की मौत की जानकारी दी है और उनके शव को इजरायल के हवाले किया जाएगा। इसके बाद नेपाल लाने की प्रक्रिया शुरू होगी।

विशेषज्ञ और एनालिस्ट सवाल कर रहे हैं कि अगर विपिन 21 सितंबर तक जिंदा थे, तो अचानक उनकी मौत कैसे हुई। हमास ने इसके कारणों पर कोई जानकारी नहीं दी है।

नेपाल में मातम

विपिन जोशी के माता-पिता दो साल से बेटे की सुरक्षित वापसी की उम्मीद में बैठे थे। अब उनके बेटे के शव की खबर ने परिवार को पूरी तरह टूट कर रख दिया है। विपिन की बहादुरी और साहस को नेपाल और भारत दोनों देशों में याद किया जा रहा है।

निष्कर्ष

विपिन जोशी ने हमास के हमले के दौरान अपनी जान की परवाह किए बिना कई लोगों की जान बचाई। उनके साहस और वीरता की कहानियां हमेशा याद रहेंगी। हालांकि, हमास की कैद ने उन्हें जीवन नहीं बचा पाया।

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Read More Articles