भदोही कालीन मेला 2025: सीएम योगी बोले — ‘अमेरिकी टैरिफ से घबराना नहीं, यह नए अवसर खोलने का समय’
भदोही | भारत क्रांति न्यूज़
भदोही में शनिवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 49वें अंतरराष्ट्रीय कालीन मेला और चौथे कार्पेट एक्सपो का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने उद्योग जगत को संबोधित करते हुए कहा कि अमेरिकी टैरिफ से घबराने की जरूरत नहीं है, बल्कि यह समय है नए बाजार और अवसर तलाशने का।
सीएम योगी ने कहा कि भारत सरकार यूएई, यूके और यूरोपीय देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते (FTA) को अंतिम रूप देने की दिशा में काम कर रही है, जिससे भारतीय निर्यातकों के लिए शुल्क में राहत और नए अवसरों का विस्तार होगा।
उन्होंने कहा कि भारत का कालीन उद्योग न सिर्फ आर्थिक दृष्टि से बल्कि सामाजिक सशक्तिकरण के दृष्टिकोण से भी महत्वपूर्ण है।
“भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के कालीन उद्योग ने प्रदेश के ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार का बड़ा माध्यम बनाया है। यह क्षेत्र 25 से 30 लाख लोगों को रोज़गार दे रहा है, जिसमें महिलाओं की बड़ी भूमिका है,” योगी ने कहा।
मुख्यमंत्री ने कार्यक्रम में मौजूद लाभार्थियों को प्रधानमंत्री मुद्रा योजना और ओडीओपी योजना के तहत ऋण वितरण प्रमाणपत्र भी प्रदान किए। उन्होंने भरोसा दिलाया कि राज्य सरकार कालीन उद्योग के विकास के लिए हर संभव सहयोग देगी।
भदोही के कालीन ने बढ़ाया भारत का मान
मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में कहा कि भदोही को कालीन नगरी के रूप में जाना जाता है और आज इसका नाम ग्लोबल मार्केट में तेजी से उभर रहा है। उन्होंने बताया कि एक दशक पहले जब पहला एक्सपो आयोजित किया गया था, तब विदेशी खरीदारों की संख्या बहुत सीमित थी, लेकिन अब यह संख्या तीन से चार सौ तक पहुंच चुकी है, जो 88 देशों से आए हैं।
“यह इस बात का प्रमाण है कि भारतीय कालीनों की मांग अब विश्व बाजार में तेजी से बढ़ रही है। भदोही, मिर्जापुर और वाराणसी के बुनकरों ने अपनी कला से दुनिया को प्रभावित किया है,” उन्होंने कहा।
योगी ने यह भी कहा कि सरकार ने भदोही कार्पेट एक्सपो मार्ट को आधुनिक तकनीक और बुनियादी सुविधाओं से लैस किया है ताकि यह अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रदर्शनियों के अनुरूप बन सके।
ओडीओपी से बढ़ी छोटे उद्योगों की ताकत
मुख्यमंत्री ने कहा कि 2017 में शुरू की गई वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रॉडक्ट (ODOP) योजना ने प्रदेश के स्थानीय उद्योगों को नई पहचान और नई दिशा दी है।
“भदोही के कालीन, मुरादाबाद के पीतल, फिरोजाबाद के ग्लास, सहारनपुर की वुडक्राफ्ट और वाराणसी के सिल्क को अब विश्व स्तर पर ब्रांड वैल्यू मिली है,” योगी ने कहा।
उन्होंने कहा कि जब यह योजना शुरू हुई थी तब किसी को उम्मीद नहीं थी कि उत्तर प्रदेश का निर्यात दो लाख करोड़ रुपये से अधिक हो जाएगा।
“आज यह संभव हुआ है प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व और उत्तर प्रदेश के कारीगरों की मेहनत से,” उन्होंने जोड़ा।
मुख्यमंत्री का संदेश — ‘नवाचार और गुणवत्ता पर करें ध्यान’
योगी आदित्यनाथ ने उद्योगपतियों और बुनकरों से अपील की कि वे नवाचार (Innovation) और क्वालिटी (Quality) पर ध्यान दें ताकि यूपी के उत्पाद अंतरराष्ट्रीय मानकों पर खरे उतरें। उन्होंने कहा कि सरकार स्किल डेवलपमेंट और डिजिटल मार्केटिंग के क्षेत्र में प्रशिक्षण देकर युवाओं को स्वरोजगार से जोड़ रही है।
उन्होंने कहा कि आने वाले वर्षों में उत्तर प्रदेश भारत का निर्यात हब बनेगा। इसके लिए सरकार लॉजिस्टिक पार्क, वेयरहाउसिंग जोन और एक्सपोर्ट प्रमोशन पॉलिसी पर भी तेजी से काम कर रही है।
प्रमुख घोषणाएं
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भदोही में नया कार्पेट डिजाइन और ट्रेनिंग सेंटर स्थापित किया जाएगा।
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ओडीओपी उत्पादों के लिए ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सीधा जुड़ाव सुनिश्चित किया जाएगा।
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निर्यातकों को सॉफ्ट लोन और ट्रेड फेयर में भागीदारी के लिए प्रोत्साहन दिया जाएगा।
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महिला बुनकरों के लिए विशेष सहायता पैकेज तैयार किया जा रहा है।
Author: Bharat Kranti News
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