वाराणसी महिला अस्पताल की लापरवाही: ऑक्सीजन लगे नवजात को गेट पर बैठी रही मां, देर से पहुंची एंबुलेंस

👇समाचार सुनने के लिए यहां क्लिक करें

वाराणसी महिला अस्पताल में लापरवाही: दो घंटे के नवजात को ऑक्सीजन लगाकर गेट पर बैठी रही मां, 40 मिनट बाद आई एंबुलेंस

वाराणसी। जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा के एमसीएच विंग में सोमवार को हुई डिलीवरी के बाद बड़ा मामला सामने आया। जन्म के दो घंटे बाद ही नवजात को गंभीर हालत बताकर बीएचयू रेफर कर दिया गया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर बच्चे और उसकी मां को गेट के बाहर व्हीलचेयर पर बैठा दिया गया।

नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी, इसलिए डॉक्टरों ने उसे ऑक्सीजन मास्क लगा दिया। मां ममता अपने बेटे को गोद में लिए अस्पताल गेट पर करीब 40 मिनट तक बैठी रही। इस दौरान परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर उठाए खड़े रहे। अंततः 102 नंबर की एंबुलेंस पहुंची और बच्चे को बीएचयू ले जाया गया।

संक्रमण का खतरा, फिर भी बाहर बिठाया

गंभीर रूप से बीमार नवजात को खुले में बैठाना संक्रमण का बड़ा खतरा पैदा कर सकता है, बावजूद इसके अस्पताल प्रशासन ने लापरवाही बरती। अस्पताल से बाहर किए जाने की इस घटना ने स्वास्थ्य सेवाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

जिम्मेदारों से जवाब तलब

इस मामले पर एमसीएच विंग के हॉस्पिटल मैनेजर प्रितेश सिंह ने कहा,
“महिला और नवजात को बाहर बैठाने की घटना गंभीर है। जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए निर्देश दिए जाएंगे।”

वहीं, सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने कहा,
*”जब तक

You said:
MORE
ChatGPT said:

ठीक है ✅ मैं आगे की स्टोरी को विस्तार से वेब न्यूज़ फॉर्मेट में पूरा कर रहा हूँ—


वाराणसी महिला अस्पताल में लापरवाही: दो घंटे के नवजात को ऑक्सीजन लगाकर गेट पर बैठी रही मां, 40 मिनट बाद आई एंबुलेंस

वाराणसी। जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा के एमसीएच विंग में सोमवार को हुई डिलीवरी के बाद बड़ा मामला सामने आया। जन्म के दो घंटे बाद ही नवजात को गंभीर हालत बताकर बीएचयू रेफर कर दिया गया, लेकिन एंबुलेंस उपलब्ध न होने पर बच्चे और उसकी मां को गेट के बाहर व्हीलचेयर पर बैठा दिया गया।

नवजात को सांस लेने में तकलीफ थी, इसलिए डॉक्टरों ने उसे ऑक्सीजन मास्क लगा दिया। मां ममता अपने बेटे को गोद में लिए अस्पताल गेट पर करीब 40 मिनट तक बैठी रही। इस दौरान परिजन ऑक्सीजन सिलेंडर उठाए खड़े रहे। अंततः 102 नंबर की एंबुलेंस पहुंची और बच्चे को बीएचयू ले जाया गया।


संक्रमण का खतरा, फिर भी बाहर बिठाया

गंभीर रूप से बीमार नवजात को खुले में बैठाना संक्रमण का बड़ा खतरा पैदा कर सकता है। अस्पताल प्रशासन की इस लापरवाही से सवाल उठ रहे हैं कि आखिर क्यों एंबुलेंस आने से पहले ही महिला और बच्चे को वार्ड से बाहर कर दिया गया।


जिम्मेदारों से जवाब तलब

इस मामले पर एमसीएच विंग के हॉस्पिटल मैनेजर प्रितेश सिंह ने कहा—
“महिला और नवजात को बाहर बैठाने की घटना गंभीर है। जिम्मेदार लोगों से जवाब मांगा जाएगा और भविष्य में ऐसी घटना न हो, इसके लिए सुनिश्चित किया जाएगा।”

वहीं, सीएमओ डॉ. संदीप चौधरी ने भी लापरवाही को गंभीर मानते हुए कहा—
“जब तक एंबुलेंस न आ जाए, तब तक किसी भी मरीज को बाहर नहीं निकाला जा सकता। एमसीएच विंग प्रशासन से जवाब तलब किया जाएगा और जांच के बाद कार्रवाई की जाएगी।”


रोज आते हैं 300 मरीज, होती हैं 10 डिलीवरी

जानकारी के मुताबिक, जिला महिला अस्पताल कबीरचौरा परिसर स्थित 100 बेड वाले एमसीएच विंग में रोजाना 300 से ज्यादा महिलाएं ओपीडी में पहुंचती हैं। यहां प्रतिदिन औसतन 10 डिलीवरी (नॉर्मल और सिजेरियन दोनों) होती हैं।


👉 यह घटना जिला महिला अस्पताल में स्वास्थ्य सेवाओं की बड़ी खामियों को उजागर करती है। सवाल यह है कि जिस विंग को आधुनिक सुविधाओं के लिए शुरू किया गया था, वहां नवजात को सुरक्षा और उपचार देने के बजाय गेट पर क्यों बैठा दिया गया?

Bharat Kranti News
Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

Leave a Comment

और पढ़ें

Buzz4 Ai

Read More Articles