भारी बारिश के चलते बहराइच में पहली से आठवीं तक के स्कूल बंद, BSA ने दिए आदेश

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बहराइच में बारिश और बाढ़ का दोहरा संकट: स्कूल बंद, हजारों लोग प्रभावित

बहराइच, उत्तर प्रदेश | भारत क्रांति न्यूज़
उत्तर प्रदेश के सीमावर्ती जिले बहराइच में लगातार हो रही भारी बारिश और नेपाल से आ रहे पानी के कारण जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। प्रशासन ने मंगलवार, 5 अगस्त को जिले में कक्षा 1 से 8 तक के सभी परिषदीय और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया है। यह आदेश जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी श्री आशीष सिंह द्वारा जारी किया गया।

📌 प्रभावित क्षेत्रों की स्थिति बेहद गंभीर

नेपाल और तराई के पहाड़ी इलाकों में हो रही मूसलधार बारिश का सीधा असर बहराइच पर पड़ रहा है। सरयू नदी उफान पर है और जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एल्गिन ब्रिज पर नदी का पानी खतरे के निशान को पार कर चुका है। गिरिजापुरी बैराज से 1.70 लाख क्यूसेक और अन्य बैराजों से मिलाकर कुल 3.10 लाख क्यूसेक पानी छोड़ा गया है, जिसने जिले के तटीय इलाकों में तबाही मचा दी है।

🌊 बाढ़ से प्रभावित प्रमुख गांव:

✅ मिहींपुरवा तहसील:

  • गंभीर रूप से प्रभावित:

    • जंगल गुलरिया ग्राम पंचायत: संपत पुरवा, धर्मपुर रेतिया, रामपुर रेतिया

    • सुजौली ग्राम पंचायत: खैरीपुरवा, टिलवा, श्रीराम पुरवा

  • तेजी से फैलता जलभराव:

    • दिलवा, मुजवा, खैरीपुरवा

✅ महसी तहसील:

  • पूरे प्रसाद, जानकीनगर — जहां घरों तक पानी घुस चुका है

  • दलकारा — जहां बाढ़ तेजी से बढ़ रही है

✅ कैसरगंज क्षेत्र:

  • बाढ़ का पानी तेजी से खेतों और घरों में प्रवेश कर रहा है

🚨 ग्रामीणों का पलायन, बच्चों-मवेशियों के साथ ऊंचे स्थानों की ओर रुख

स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि रातभर बारिश और पानी के कारण खेत लबालब भर गए, और सुबह होते-होते घरों में पानी घुस आया। ऐसे में जान-माल के नुकसान से बचने के लिए लोग अपने मवेशियों, राशन और बच्चों को लेकर सुरक्षित स्थानों की ओर निकल पड़े हैं। कई लोग स्कूलों, मंदिरों और अन्य सार्वजनिक भवनों में शरण ले रहे हैं।

प्रशासन की सक्रियता पर उठे सवाल

बाढ़ की जानकारी मिलते ही मिहींपुरवा एसडीएम प्रकाश सिंह और स्थानीय प्रशासन ने दावा किया कि रेस्क्यू और राहत टीम भेजी जा रही है। प्रभावित गांवों का निरीक्षण किया गया है। प्रशासन का कहना है कि:

  • प्रभावित परिवारों को शेल्टर में शिफ्ट किया जाएगा

  • खाद्य सामग्री और पीने के पानी की व्यवस्था की जा रही है

  • चिकित्सा दल तैनात किए जाएंगे

लेकिन, जमीनी हकीकत इसके उलट है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक कोई प्रशासनिक सहायता नहीं पहुंची है। पीड़ितों को अपने हाल पर छोड़ दिया गया है। लोगों को खुद नाव, ट्रैक्टर या बैलगाड़ी से सुरक्षित स्थानों तक पहुंचना पड़ रहा है।

🗣️ ग्रामीणों की पीड़ा — “न प्रशासन आया, न राशन”

एक ग्रामीण महेश यादव ने बताया,

“पानी घर में घुस गया है, रातभर बच्चों को गोद में लेकर बैठा रहा। अब तक कोई नहीं आया मदद के लिए।”

इसी तरह सुनीता देवी ने बताया,

“हमने खुद ही खाने का इंतजाम किया, मवेशी भी साथ लाए हैं। अगर यही हाल रहा तो जानवर भी मर जाएंगे।”

⚠️ आगे हालात और बिगड़ सकते हैं

मौसम विभाग ने अगले 48 घंटे में और बारिश का अनुमान जताया है। ऐसे में बाढ़ का पानी और अधिक फैल सकता है। यदि प्रशासन समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाता है, तो हजारों लोगों की जिंदगी खतरे में पड़ सकती है।


बचाव व राहत कार्यों की मांग:

  • सभी प्रभावित क्षेत्रों में नाव व बोट की व्यवस्था

  • सुरक्षित स्थानों पर भोजन, पानी और दवा की आपूर्ति

  • बच्चों, बुजुर्गों और गर्भवती महिलाओं को प्राथमिकता

  • मोबाइल मेडिकल यूनिट की तैनाती

  • पशुओं के लिए चारे व पानी की व्यवस्था


📝 रिपोर्टर: भारत क्रांति न्यूज़ 

👉 अगर आप बहराइच के किसी बाढ़ प्रभावित क्षेत्र से हैं और हमारी टीम से संपर्क करना चाहते हैं, तो हमें फ़ोटो/वीडियो और जानकारी भेजें: bharatkrantinews@gmail.com
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Author: Bharat Kranti News

Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.

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