???? वक्फ संशोधन बिल 2025: पुराने कानून बनाम नया बिल — 4 बड़े अंतर
| क्रम | ????️ पुराना कानून | ???? नया बिल (2025) |
|---|---|---|
| 1. अपील की प्रक्रिया | वक्फ बोर्ड के दावे पर संपत्ति का मालिक सिर्फ वक्फ ट्रिब्यूनल में ही अपील कर सकता था। | अब संपत्ति का मालिक रेवेन्यू कोर्ट, सिविल कोर्ट या अन्य ऊपरी अदालतों में भी अपील कर सकता है। |
| 2. ट्रिब्यूनल का अधिकार | वक्फ ट्रिब्यूनल का फैसला अंतिम माना जाता था, उसे चुनौती नहीं दी जा सकती थी। | ट्रिब्यूनल के फैसले के खिलाफ उच्च न्यायालय में अपील की जा सकेगी। |
| 3. वक्फ संपत्ति की घोषणा | किसी भी जमीन पर मस्जिद या इस्लामिक उपयोग पाए जाने पर वह स्वतः वक्फ संपत्ति मानी जाती थी। | जब तक संपत्ति वक्फ को लिखित दान न की जाए, वह वक्फ संपत्ति नहीं मानी जाएगी — चाहे उस पर मस्जिद ही क्यों न हो। |
| 4. वक्फ बोर्ड की संरचना | वक्फ बोर्ड में महिलाओं या अन्य धर्मों के लोगों की नियुक्ति नहीं हो सकती थी। | वक्फ बोर्ड में 2 महिलाओं और अन्य धर्मों के 2 सदस्यों की नियुक्ति की जा सकेगी। |
???? विशेष टिप्पणी:
यह बिल संपत्ति अधिकारों को मज़बूती देता है, वक्फ ट्रिब्यूनल की एकाधिकारिता को समाप्त करता है, और न्यायिक पारदर्शिता को बढ़ावा देता है।
Author: Bharat Kranti News
Anil Mishra CEO & Founder, Bharat Kranti News Anil Mishra is the CEO and Founder of Bharat Kranti News, a platform dedicated to fearless and unbiased journalism. With a mission to highlight grassroots issues and promote truth in media, he has built Bharat Kranti News into a trusted source of authentic and people-centric reporting across India.
