दिव्यांगजनों को मिली आत्मनिर्भरता की राह, 240 ट्राइसाइकिल समेत 398 उपकरण बांटे

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दिव्यांगजनों को मिली बड़ी सौगात, 240 ट्राइसाइकिल समेत 398 सहायक उपकरण वितरित, 20 को मिला शादी अनुदान

ज्ञानपुर। दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने और उन्हें दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों से राहत दिलाने के उद्देश्य से बुधवार को विकास भवन परिसर में विशेष वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। दिव्यांगजन सशक्तीकरण एवं पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में विभिन्न सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सहायक उपकरण और अनुदान से संबंधित स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। कार्यक्रम के दौरान दिव्यांगजनों को कुल 398 सहायक उपकरण प्रदान किए गए। इनमें सबसे अधिक 240 ट्राइसाइकिल शामिल रहीं। इसके अलावा शादी अनुदान योजना के तहत 20 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र दिए गए, जबकि कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के 60 चयनित प्रशिक्षुओं को भी स्वीकृति पत्र एवं प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।

कार्यक्रम में मुख्य विकास अधिकारी बाल गोविंद शुक्ला ने लाभार्थियों को उपकरण और स्वीकृति पत्र वितरित किए। इस दौरान उन्होंने कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप समाज के प्रत्येक पात्र और जरूरतमंद व्यक्ति तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना जिला प्रशासन की प्राथमिकता है। सरकार की विभिन्न योजनाओं का उद्देश्य जरूरतमंद लोगों को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत बनाने के साथ उन्हें आत्मनिर्भर बनाना है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगजनों को सहायक उपकरण उपलब्ध कराना केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि उनके जीवन को सुगम बनाने और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण पहल है।

सीडीओ ने कहा कि दिव्यांगजनों को आवागमन और दैनिक गतिविधियों में कई तरह की कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ऐसे में ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, स्मार्ट केन और अन्य सहायक उपकरण उनके लिए काफी उपयोगी साबित होते हैं। इनकी मदद से दिव्यांगजन अपनी जरूरतों के अनुसार कहीं आने-जाने और रोजमर्रा के कार्यों को अधिक आसानी से पूरा कर सकेंगे। उन्होंने संबंधित विभागों को पात्र लाभार्थियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने पर जोर दिया।

वितरण कार्यक्रम में दिव्यांगजनों को कुल 398 सहायक उपकरण उपलब्ध कराए गए। इसमें 240 ट्राइसाइकिल, 31 व्हीलचेयर, 50 स्मार्ट केन, 33 लेप्रोसी किट, 17 एमआर किट, छह ब्रेल किट, छह कान की मशीन और 15 मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल शामिल हैं। इन उपकरणों के वितरण से अलग-अलग तरह की दिव्यांगता से प्रभावित लाभार्थियों को उनकी आवश्यकतानुसार सहायता उपलब्ध कराई गई। खासकर ट्राइसाइकिल और मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल मिलने से दिव्यांगजनों को आवागमन में सहूलियत मिलेगी। वहीं, स्मार्ट केन और ब्रेल किट दृष्टिबाधित लोगों के लिए उपयोगी होंगी। कान की मशीन से श्रवण संबंधी परेशानी से जूझ रहे लाभार्थियों को राहत मिलेगी।

इसी क्रम में पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की ओर से शादी अनुदान योजना के तहत 20 लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र वितरित किए गए। योजना के माध्यम से पात्र परिवारों को बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने का प्रावधान है। इससे जरूरतमंद परिवारों को विवाह के खर्च में आर्थिक सहयोग मिल सकेगा।

वहीं, ओ-लेवल एवं सीसीसी कंप्यूटर प्रशिक्षण योजना के तहत चयनित 60 प्रशिक्षुओं को भी स्वीकृति पत्र और प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। कंप्यूटर प्रशिक्षण के माध्यम से युवाओं को तकनीकी शिक्षा और रोजगार से जुड़ने के अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास किया जा रहा है। कार्यक्रम में विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों को एक ही परिसर में सहायता उपलब्ध कराई गई। प्रशासन की इस पहल का उद्देश्य दिव्यांगजनों, पिछड़े वर्ग के जरूरतमंद परिवारों और युवाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़कर उनके जीवन स्तर में सुधार लाना है।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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