रबी सीजन में सरसों की खेती पर बढ़ा जोर, जिले में 22 हजार हेक्टेयर से अधिक बोआई का लक्ष्य

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रबी सीजन में बदला खेती का रुख, सरसों का रकबा 10 गुना बढ़ा; गेहूं की खेती में मामूली गिरावट

जिले में रबी सीजन की तैयारियां तेज हो गई हैं। कृषि विभाग ने वर्ष 2026 के रबी सीजन के लिए 72 हजार 778 हेक्टेयर क्षेत्रफल में विभिन्न फसलों की बोआई का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस बार जिले में फसलों की खेती के रकबे में बड़ा बदलाव देखने को मिल रहा है। सबसे खास बात यह है कि सरसों की खेती का लक्ष्य पिछले वर्ष की तुलना में करीब 10 गुना बढ़ा दिया गया है। वहीं, गेहूं की खेती के रकबे में मामूली गिरावट दर्ज की गई है। कृषि विभाग ने किसानों को समय से बीज उपलब्ध कराने के लिए भी तैयारियां शुरू कर दी हैं।

जिले में कुल दो लाख 35 हजार किसान पंजीकृत हैं। यहां लगभग 75 से 80 हजार हेक्टेयर कृषि योग्य भूमि है। शासन के निर्देश पर कृषि विभाग ने रबी सीजन के लिए फसलवार खेती का लक्ष्य निर्धारित किया है। इसके तहत गेहूं की खेती के लिए 47 हजार 155 हेक्टेयर, सरसों के लिए 22 हजार 504 हेक्टेयर, चना के लिए 479 हेक्टेयर, मटर के लिए 1275 हेक्टेयर और मसूर के लिए 41 हेक्टेयर क्षेत्रफल निर्धारित किया गया है।

इस बार सरसों की खेती के रकबे में सबसे बड़ा बदलाव देखने को मिला है। वर्ष 2025 में जिले में 2207 हेक्टेयर क्षेत्रफल में सरसों की खेती हुई थी, जबकि इस वर्ष कृषि विभाग ने इसका लक्ष्य बढ़ाकर 22 हजार 504 हेक्टेयर कर दिया है। इस तरह पिछले वर्ष की तुलना में सरसों की खेती का लक्ष्य लगभग दस गुना हो गया है। दूसरी ओर गेहूं की बोआई के लिए इस बार 47 हजार 155 हेक्टेयर का लक्ष्य रखा गया है, जो पिछले साल के मुकाबले करीब 400 हेक्टेयर कम है।

रबी सीजन में गेहूं जिले की प्रमुख फसल बनी हुई है, लेकिन सरसों के रकबे में हुई भारी बढ़ोतरी खेती के बदलते रुझान को दर्शाती है। कृषि विभाग की ओर से किसानों को गेहूं के साथ-साथ सरसों और दलहनी फसलों की बोआई के लिए भी प्रोत्साहित किया जा रहा है। इसके लिए विभिन्न फसलों के बीज की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया जा रहा है।

अनुदानित बीज वितरण की प्रक्रिया शुरू

रबी सीजन की बोआई शुरू होने के साथ ही कृषि विभाग ने किसानों को अनुदानित बीज उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है। गेहूं, सरसों, चना और मटर सहित अन्य फसलों के बीज राजकीय कृषि बीज भंडारों के माध्यम से वितरित किए जा रहे हैं। विभाग का प्रयास है कि किसानों को समय से गुणवत्तापूर्ण बीज उपलब्ध हो, जिससे बोआई का कार्य निर्धारित समय के भीतर पूरा किया जा सके।

जिला कृषि अधिकारी ईरम ने बताया कि इस बार रबी सीजन में 72 हजार हेक्टेयर से अधिक क्षेत्रफल में खेती कराने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसमें 47 हजार 155 हेक्टेयर में गेहूं और लगभग 22 हजार हेक्टेयर में सरसों की खेती कराई जाएगी। किसानों को अनुदानित दर पर बीज उपलब्ध कराया जा रहा है, ताकि उन्हें खेती की तैयारी में आर्थिक राहत मिल सके।

50 प्रतिशत अनुदान पर मिलेगा गेहूं और सरसों का बीज

किसानों को राहत देने के लिए शासन की ओर से गेहूं और सरसों का बीज 50 प्रतिशत अनुदान पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इसके लिए राजकीय कृषि बीज भंडारों पर बीज की आपूर्ति शुरू हो गई है। किसान एग्रीदर्शन पोर्टल के माध्यम से अनुदानित बीज प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए कृषि विभाग की वेबसाइट Agridarshan.up.gov.in पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध कराई गई है।

जिला कृषि अधिकारी के अनुसार, जिले में गेहूं के बीज की उपलब्धता के लिए 8136 क्विंटल का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके सापेक्ष अब तक 5887 क्विंटल बीज प्राप्त हो चुका है। शेष बीज की आपूर्ति अगले 10 से 12 दिनों में होने की उम्मीद है। विभाग की ओर से शेष बीज जल्द उपलब्ध कराने के प्रयास किए जा रहे हैं, ताकि किसानों को बोआई के दौरान किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।

कृषि विभाग का कहना है कि रबी सीजन में निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के साथ किसानों को समय पर बीज उपलब्ध कराना प्राथमिकता है। इसके लिए बीज भंडारों के माध्यम से वितरण व्यवस्था पर नजर रखी जा रही है। आने वाले दिनों में गेहूं, सरसों और अन्य रबी फसलों की बोआई में तेजी आने की उम्मीद है।

Author: Ashu Jha : Bharat Kranti News

Ashu Jha एडिटर, भारत क्रांति न्यूज़ Ashu Jha भारत क्रांति न्यूज़ के एडिटर हैं और निष्पक्ष, सटीक व ज़मीनी पत्रकारिता के लिए पहचाने जाते हैं। वे समाचारों की गुणवत्ता और विश्वसनीयता सुनिश्चित करते हुए टीम का नेतृत्व करते हैं। उनका ध्यान जनता से जुड़े मुद्दों, सरकारी नीतियों के असर और सामाजिक सरोकारों पर रहता है। Ashu Jha का मानना है कि पत्रकारिता केवल सूचना नहीं बल्कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन का माध्यम है।

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